लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा से न्याय, स्वास्थ्य, संस्कृति और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान
मुंबई। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के सेवा, न्याय, सुशासन और लोककल्याण के आदर्शों से प्रेरित ‘सहज प्रेरणा सम्मान 2026’ का गरिमामय आयोजन मुंबई के एनएसई ऑडिटोरियम, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में सम्पन्न हुआ। सहज कलात्मक फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह में समाज के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ फिल्मकार श्रीमती अरुणा राजे, प्रसिद्ध अभिनेता श्री राजपाल यादव तथा कमानी ट्यूब्स लिमिटेड की डायरेक्टर एवं फिक्की फ्लो मुंबई की चेयरपर्सन श्रीमती सीमा सरोज की विशिष्ट उपस्थिति रही। वहीं मुंबई विश्वविद्यालय के संचार एवं पत्रकारिता विभाग की प्रोफेसर डॉ. दीपा सिंह तथा उत्तराखंड राज्य योजना आयोग (सेतु आयोग) के पूर्व उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती रूना आशीष ने किया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन-दर्शन, सेवा भाव, महिला नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
वरिष्ठ फिल्मकार श्रीमती अरुणा राजे ने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि संवेदनशील और समर्पित व्यक्तियों के निरंतर प्रयासों से आता है। उन्होंने महिलाओं की रचनात्मक शक्ति और नेतृत्व क्षमता को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया।
श्री राजपाल यादव ने सम्मानित महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज को प्रेरणा देने वाले ऐसे व्यक्तित्व ही नई पीढ़ी के लिए वास्तविक आदर्श बनते हैं। उन्होंने कला, संवेदना और मानवीय मूल्यों को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
श्रीमती सीमा सरोज ने महिला नेतृत्व, उद्यमिता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जब महिलाओं को अवसर, विश्वास और सहयोग मिलता है, तो वे केवल अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा बदल सकती हैं।
डॉ. दीपा सिंह ने शिक्षा, मीडिया और सामाजिक जागरूकता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेरणादायी व्यक्तित्वों की कहानियों को समाज तक पहुँचाना भी एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है।
श्री राज शेखर जोशी ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी समाज और प्रशासन दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर सहज कलात्मक फाउंडेशन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पाँच विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया।
न्याय एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में पूर्व प्रधान न्यायाधीश श्रीमती स्वाति चौहान को सम्मान प्रदान किया गया। मानव तस्करी विरोधी अभियानों, महिला एवं बाल अधिकारों की रक्षा तथा संवेदनशील न्यायिक पहलों में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा गया।
स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में डॉ. सुजाता संजय बापट को सम्मानित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में चार दशकों से अधिक समय तक स्वास्थ्य सेवाओं, महिला जागरूकता अभियानों, चिकित्सा शिविरों और सामुदायिक उत्थान के लिए उनके कार्यों को प्रेरणादायी उदाहरण बताया गया।
आध्यात्मिक एवं युवा मूल्य नेतृत्व के क्षेत्र में डॉ. निवेदिता श्रेयांश को सम्मान प्रदान किया गया। युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य, ध्यान, सकारात्मक जीवन मूल्यों और समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए उनके निरंतर प्रयासों की उपस्थित अतिथियों ने सराहना की।
कला एवं सांस्कृतिक क्यूरेशन के क्षेत्र में श्रीमती वर्षा कराले को सम्मानित किया गया। कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के बीच सेतु का कार्य करते हुए कलाकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को मंच प्रदान करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।
सामाजिक समावेशन एवं मानवीय गरिमा के क्षेत्र में सुश्री अलीना आलम को सम्मान प्रदान किया गया। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से स्थापित Mitti Cafe के माध्यम से किए गए उनके कार्यों को सामाजिक समावेशन का प्रेरक और अनुकरणीय मॉडल बताया गया।
सम्मान प्राप्त करने के उपरांत सभी सम्मानित विभूतियों ने सहज कलात्मक फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का नहीं, बल्कि उन मूल्यों, सहयोगियों और समुदायों का सम्मान है जिनके साथ मिलकर उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया है।
श्रीमती स्वाति चौहान ने न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. सुजाता संजय बापट ने सेवा और संवेदनशीलता को स्वास्थ्य क्षेत्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया। डॉ. निवेदिता श्रेयांश ने युवाओं के मानसिक एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण को समय की आवश्यकता कहा। श्रीमती वर्षा कराले ने कला और संस्कृति को समाज को जोड़ने वाला प्रभावी माध्यम बताया, जबकि सुश्री अलीना आलम ने समावेशी समाज के निर्माण में अवसर और सम्मान की समान उपलब्धता को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
सहज कलात्मक फाउंडेशन के निदेशक अरुण शेखर ने कहा, “सहज प्रेरणा सम्मान उन व्यक्तित्वों को समर्पित है जिन्होंने अपने कार्यों से समाज में आशा, संवेदनशीलता और सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा दी है। हमारा उद्देश्य केवल सम्मान प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे प्रेरक कार्यों को समाज के व्यापक विमर्श का हिस्सा बनाना है।”
फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर दिव्य प्रकाश ने कहा, “आज की युवा पीढ़ी को केवल सफलता की कहानियों की नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता, संघर्ष और सामाजिक उत्तरदायित्व के जीवंत उदाहरणों की आवश्यकता है। सहज प्रेरणा सम्मान ऐसे ही प्रेरक व्यक्तित्वों को समाज के सामने लाने का एक विनम्र प्रयास है, ताकि उनकी यात्रा और विचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकें।”




