आप यहाँ है :

नए स्कूलों के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से अधिक भागीदारी चाहती है सैनिक स्कूल्स सोसाइटी

भारत सरकार द्वारा स्वीकृत 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की योजना के तहत सैनिक स्कूल्‍स सोसायटी खुद के तत्वावधान में परिचालन करने वाले इच्छुक स्कूलों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में है। यह योजना देश भर के छात्रों को सैनिक स्कूल पाठ्यक्रम को अपनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगी। यह भारत सरकार के उस निर्णय के अनुरूप है जिसके तहत बच्चों को देश की समृद्ध संस्कृति एवं विरासत और चरित्र, अनुशासन, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना के ओतप्रोत प्रभावी नेतृत्व में गौरवान्वित करने के लिए मूल्य-आधारित शिक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है। पहले चरण में राज्यों/ गैर-सरकारी संगठनों/ निजी भागीदारों से 100 सहयोगी भागीदार तैयार करने का प्रस्ताव है।

इस योजना का उद्देश्य पूरे देश में इच्छुक छात्रों के एक बड़े वर्ग को सैनिक स्कूल पैटर्न की शिक्षा प्रदान करना है। विभिन्न राज्यों से उल्‍लेखनीय संख्‍या में स्कूलों (22.01.2022 तक लगभग 230) ने https://sainikschool.ncog.gov.in पर पंजीकरण कराया है। साथ ही यह भी देखा गया है कि गोवा, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, नई दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार, चंडीगढ़, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर से निजी/ गैर-सरकारी संगठनों/ सरकारी स्कूलों की भागीदारी मामूली रही है जबकि इन राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के लिए अपने क्षेत्र में सैनिक स्कूल स्थापित करने का यह एक सुनहरा अवसर है। इसके लिए सक्रियता से पहल करने की आवश्‍यकता है ताकि इन क्षेत्रों के माता-पिता और छात्रों की आकांक्षात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्‍ध कराए गए विकल्‍प का गुणात्‍मक प्रभाव दिखे।

सैनिक स्कूल सोसाइटी जनता के व्‍यापक हित वाले इस अभियान में शामिल होने के लिए उपरोक्त राज्यों के निजी/ गैर-सरकारी संगठनों/ सरकारी स्कूलों को आमंत्रित करती है।

सैनिक स्कूल्‍स सोसायटी से किसी सहायता/ स्पष्टीकरण के लिए [email protected] पर ईमेल के जरिये संपर्क किया जा सकता है।

image_pdfimage_print


सम्बंधित लेख
 

Back to Top