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पश्चिम रेलवे द्वारा ग्रीष्‍मकाल में यात्रियों के किये जा रहे हैं विशेष प्रयास

ग्रीष्मकाल में अतिरिक्‍त भीड़ के कारण यात्रियों की मांग के मद्देनज़र पश्चिम रेलवे द्वारा ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों का परिचालन, वर्तमान ट्रेनों में अस्‍थायी रूप से अतिरिक्‍त कोचों को जोड़ने, त्‍योहार स्पेशल ट्रेनों के विस्तार इत्‍यादि सहित उत्तर एवं पूर्व भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करते हुए विभिन्‍न प्रकार के कदम उठाये गये हैं। साथ ही स्टेशनों एवं ट्रेनों में उचित कोविड-19 व्‍यवहार एवं कोविड-19 से संबंधित निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुपालन को सुनितिश्‍चत करने हेतु भी विभिन्‍न प्रयास किये जा रहे हैं।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्तमान में कुल 266 रेग्‍युलर स्‍पेशल ट्रेनें परिचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्‍त बढ़ती मांग एवं यात्रियों की सहूलियत के लिए 38 समर स्पेशल ट्रेनों की कुल 196 फेरों को चलाने की घोषणा की गई है। श्री ठाकुर ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर यात्रा मांग को पूरा करने के क्रम में अप्रैल 2021 के महीने में ही उत्‍तर प्रदेश, बिहार तथा पूर्वी भारत के क्षेत्रों हेतु 10 अप्रैल, 2021 से 17 विशेष समर स्‍पेशल ट्रेनों के 61 फेरों की घोषणा की जा चुकी है। इसके फलस्‍वरूप अप्रैल माह की शेष अवधि के दौरान 96110 अतिरिक्‍त सीट/ बर्थ अर्थात 6500 बर्थ/ सीट प्रतिदिन की व्‍यवस्‍था हो सकेगी।

यह उपरोक्‍त क्षेत्रों के लिए प्रतिदिन औसतन 18 से 20 ट्रेनों में 28000-30000 बर्थ/सीट के अतिरिक्‍त है। साथ ही 30 जोड़ी त्‍योहार स्‍पेशल ट्रेनों को 30 जून, 2021 तक विस्‍तारित किया गया है, जिनमें से 13 जोड़ी ट्रेनें देश के उत्‍तरी एवं पूर्वी भागों की सेवा में परिचालित की जा रही है। उपरोक्‍त के अतिरिक्‍त पश्चिम रेलवे ने अप्रैल, 2021 माह में अतिरिक्‍त भीड को कम करने के उद्देश्‍य से वर्तमान ट्रेनों में 233 से अधिक अतिरिक्‍त डिब्‍बे जोड़े जाने का निर्णय लिया है, जबकि पिछले माह अर्थात मार्च, 2021 माह में पश्चिम रेलवे द्वारा अतिरिक्‍त भीड़ को कम करने हेतु वर्तमान ट्रेनों में अस्‍थायी रूप से 575 अतिरिक्‍त डिब्‍बे जोड़े गये थे। रियल टाइम बेसिस पर नियमित एवं विशेष ट्रेनों की प्रतीक्षा सूची की मॉनिटरिंग की जा रही है तथा इसी के अनुरूप प्रतीक्षा सूची को क्‍लीयर करने हेतु अतिरिक्‍त नई स्‍पेशल ट्रेनें चलाने की योजना तैयार की जायेगी। 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2021 के दौरान विभिन्‍न गंतव्‍यों के लिए 234 ट्रेनें चलाई गई थीं, जिनमें से 68 ट्रेनों के कुल 246 फेरे उत्तर/ पूर्वी उत्‍तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, उत्‍तराखंड एवं असम की ओर चलाये गये। उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल 2021 को पश्चिम रेलवे द्वारा कुल 119 ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें से 39 ट्रेनें उत्तरी एवं पूर्वी राज्‍यों की ओर चलाई गईं।

स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए विभिन्न उपाय
स्टेशनों पर क्राउड मैनेजमेंट के लिए अपनाए गए विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी देते हुए श्री ठाकुर ने बताया कि स्टेशनों के साथ-साथ ट्रेनों में भी सुरक्षा उपायों को बढ़ाया गया है। पश्चिम रेलवे के प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की सहायता और उचित मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त आरपीएफ कर्मियों को तैनात किया गया है। यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने और भीड़ के सुचारू प्रबंधन के लिए आरपीएफ/ जीआरपी कर्मियों की व्यवस्था की गई है। पश्चिम रेलवे के 28 स्‍टेशनों के एंट्री पॉइंट्स पर तैनात आरपीएफ स्टाफ द्वारा ट्रेनों में सवार होने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। वे यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि यात्री कोविड-19 से संबंधित मानदंडों, प्रोटोकॉल और एसओपी का पालन कर रहे हैं तथा यात्रा के दौरान उनके यात्रियों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अनधिकृत यात्रियों पर अंकुश लगाने तथा केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही ट्रेन को बोर्ड करें, यह सुनिश्चित करने के लिए टिकट जाँच को बढ़ाया गया है। स्टेशनों के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर आरपीएफ/ जीआरपी कर्मियों के साथ चेकिंग स्टाफ की तैनाती की गई है। संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित कोविड-19 उचित प्रोटोकॉल सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा, कोविड के उचित व्यवहार जैसे सभी यात्रियों द्वारा मास्‍क पहनना, सैनिटाइज़र और हैंडवॉश का उपयोग करना इत्‍यादि संबंधी संदेशों की स्‍टेशनों पर नियमित घोषणाएँ की जा रही हैं, साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर वेबकार्ड, लघु वीडियो आदि के ज़रिये इस संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

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