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कुसंस्कार और बेशर्मी का दूसरा नाम सलमान खान

बदमिजाज और कुसंस्कारी फिल्मी अभिनेता सलमान खान ने बेशर्मी और बेहयाई की तमाम सीमाएं लाँघते हुए अपने एक साक्षात्कार में कहा है कि शूटिंग के बाद मेरी चाल ऐसी हो जाती थी जैसे बलात्कार की शिकार एक महिला की चाल होती है।

वेबसाइट स्पॉटबॉय.कॉम को दिए इंटरव्यू में सलमान से ‘सुल्‍तान’ में पहलवान की भूमिका निभाने के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘शूटिंग के दौरान काफी वजन उठाने का काम होता था। यह मेरे लिए काफी मुश्किल था क्‍योंकि यदि मैं किसी को उठा रहा हूं तो मुझे 120 किलो के व्‍यक्ति को 10 बार 10 अलग एंगल से उठाना होता था। इसके बाद उसे जमीन पर फेंकना होता था। हकीकत में जब लड़ाई होती है। तो रिंग में ऐसा नहीं होता है।’

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उन्‍होंने आगे कहा, ‘जब मैं शूट के बाद रिंग से बाहर जाता था तो मैं रेप्‍ड महिला की तरह महसूस करता था। मैं सीधा नहीं चल पाता था। मैं खाना खाता और फिर ट्रेनिंग के लिए चला जाता। यह सिलसिला रुका ही नहीं।’

सलमान के इस बयान का सोशल मीडिया पर विरोध किया जा रहा है। लोगों का कहना है सलमान खान शूटिंग के दौरान की गई एक्‍सरसाइज की तुलना किसी रेप पीड़ित महिला से कैसे कर सकते हैं। क्‍या उन्‍हें पता है रेप पीड़िता महिला पर क्या गुजरती है। सलमान इन दिनों ‘सुल्‍तान’ के प्रमोशन में बिजी हैं, ‘सुल्‍तान’ ईद पर प्रदर्शित होगी।

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