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श्री कर्मयोगी साहित्य गौरव सम्मान में साहित्यकारों का सम्मान

कोटा । विश्व पुस्तक दिवस-2022 के अवसर पर श्री कर्मयोगी सेवा संस्थान कोटा के तत्वाधान में राजकीय सार्वजनिक पुस्तकालय मंडल कोटा में आयोजित साहित्यिक महाकुम्भ में मुख्य अतिथि डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव , विशिष्ठ अतिथि रामेश्वर शर्मा ‘रामु भैया’ तथा जितेन्द्र निर्मोही , कार्यक्रम आयोजक राजाराम जैन कर्मयोगी एवं अलका दुलारी, आयोजन समिति प्रमुख रघुराज सिंह ‘कर्मयोगी’, अध्यक्ष महेश पंचोली , महामंत्री प्रेम शास्त्री के संयोजन में तीन दर्जन साहित्यकारों को ‘श्री कर्मयोगी साहित्य गौरव सम्मान-2022’ से शॉल, कंठहार तथा प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर डॉ श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन मे कहा कि ‘ साहित्यकार का सम्मान निश्चित रुप से देश की संस्कृति संवर्धन के लिये सहायक होगा । स्वागत उदबोधन मे राजा राम जैन कर्मयोगी ने कहा कि – साहित्य समाज का दर्पण है तथा इनकी सृजन साधना को सम्मनित कर मै अपने आप को गोरवांवित अनुभव कर रहा हूं । जितेन्द्र निर्मोही ने कहा कि – ऐसा साहित्यिक आयोजन जिसमें इतनी बड़ी संख्या मे सहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है , निश्चित रुप से साधुवाद का कार्य है । कार्यक्रम का संचालन प्रेम शास्त्री ने किया । अल्का दुलारी ने सभी का आभार व्यक्त किया। महेश पंचोली ने श्री कर्मयोगी संस्थान के इस प्रयास पर प्रकाश डाला । रघुराज कर्मयोगी ने सभी सम्मानित साहित्यकारों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।

सम्मानित साहित्यकारों में डॉ. कंचना सक्सेना , डॉ. अनिता वर्मा, डॉ. वीणा अग्रवाल , डॉ जेबा फिजा, शशि जैन, श्यामा शर्मा, सीमा घोष, यशोदा शर्मा, आशारानी जैन, प्रतिमा पुलक, शमा फिरोज, मंजूकिशोर रश्मि, भगवत सिंह मयंक, शून्य आकांक्षी ,रामस्वरूप मुंदड़ा, जयसिंह आशावत, विजय जोशी, भगवती प्रसाद गौतम, रघुनाथ मिश्र सहज, सी.एल. सांखला, ए.जमील कुरैशी, प्रो. डॉ हरिमोहन शर्मा, प्रोफेसर डॉ आदित्य कुमार गुप्ता, प्रो. डॉ रामावतार सागर, सुरेश पंडित, जोधराज मधुकर, योगीराज योगी, खुशीराम चौधरी, नहुष व्यास, नन्दकिशोर अनमोल, बद्रीलाल दिव्य, रघुनन्दन हटीला , ज्ञानसिंह गंभीर, प्रो. के.बी. भारतीय प्रमुख हैं।

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