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योगी जी, बेहतर होगा कि कोविड की रिपोर्ट आते ही आदमी को फांसी के तख्ते पर चढ़ा देने की व्यवस्था कर दीजिए !

योगी जी , बीते चार सालों में आप उत्तर प्रदेश में ही नहीं , पूरे देश में सच बोलने और सख्त कार्रवाई करने के लिए लोगों के लिए परिचित हुए हैं। दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह झूठ बोलने और धूर्तई के लिए लोग आप को नहीं जानते। लोग आप को मोदी के बाद प्रधान मंत्री के रूप में भी देखने लगे हैं। पर अफ़सोस कि आप की ऐन नाक के नीचे , बीच कोरोना में भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों ने , अफसरों ने जो अपना यमराज रुप दिखाना शुरू किया है , आप इस से भी परिचित हो लीजिए। ठीक है कि आप खुद भी कोविड पॉजिटिव हो गए हैं। आप का उपचार भी चल रहा है। आप सक्षम मुख्य मंत्री हैं। योगी भी हैं। कोरोना आप का कुछ भी न कर पाएगा।

पर क्या करे वह सामान्य आदमी। जिस की कहीं , कोई पूछ नहीं है। सामान्य आदमी अरे कोई चलता-पुर्जा आदमी भी लाचार हो गया है। क्यों कि आप ने ऐसा नाकारा सिस्टम बना दिया है कि क्या सरकारी अस्पताल , क्या प्राइवेट अस्पताल , बिना सी एम ओ की सिफारिश , संस्तुति , आदेश के बिना किसी कोरोना मरीज को हाथ नहीं लगाएगा। अस्पताल में भर्ती नहीं करेगा। या तो इस नियम को बदल दीजिए। या इस बाबत सिस्टम से जुड़े लोगों को फौरन बर्खास्त कर दीजिए। प्रशासन ने पब्लिक डोमेन में जिन के भी , जो नंबर दिए हैं। इन में से कोई एक नंबर आप खुद मिला कर देखिए एक बार। कोई एक नंबर भी उठ जाए तो मुझे जेल भेज दीजिए। माना कि बेड की कमी है , इलाज नहीं कर सकते। परेशान और बीमार लोगों का सम्मान तो कर ही सकते हैं। फ़ोन उठा कर सांत्वना तो दे ही सकते हैं कि बेड उपलब्ध होते ही आप की व्यवस्था करते हैं। आदमी की आधी बीमारी तो सांत्वना में ही ठीक हो जाती है।

पर सांत्वना तो दूर , इन संबंधित लोगों ने अपने नंबरों पर वाट्सअप की सुविधा भी हटा दी है। कि कोई वाट्सअप पर भी संदेश लिख कर मदद न मांग सके। एक मंचीय और लोकप्रिय कवि हैं कुमार विश्वास। कुमार विश्वास ने प्रसिद्ध गीतकार कुंवर बेचैन के लिए भी गाज़ियाबाद में सब से गुहार लगाई। किसी ने नहीं सुना। दिल्ली में आनंद विहार के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुंवर बेचैन का आक्सीजन लेविल सत्तर पर आ गया है। उन्हें वेंटिलेटर की ज़रूरत है। नहीं मिल रहा। कोई तीस घंटे हो गए हैं मैं खुद अपने एक मित्र की कोरोना पीड़ित बेटी को किसी अस्पताल में भर्ती करने के लिए व्याकुल भारत बन गया हूं। लेकिन ख़ाली हाथ हूं। बेटी की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। परिचित डाक्टरों ने भी सी एम ओ की संस्तुति के बिना हाथ जोड़ लिया है।

आप जानते ही होंगे कि पूरे उत्तर प्रदेश में सी एम ओ मतलब प्राइवेट अस्पतालों , दवाखानों का दलाल। सी एम ओ मतलब रिश्वत और हरामखोरी का जीता-जागता स्मारक। ऐसे भ्रष्ट सी एम ओ लोग ज़िले-ज़िले में इस कोरोना को करुणा में तब्दील करने में लगे हुए हैं। मायावती के कार्यकाल में हुए एन आर एच एम घोटाले में इन्हीं सी एम ओ लोगों ने करोड़ो के वारे-न्यारे कर दिए थे। कितनी तो हत्याएं हुई थीं। अच्छा सी एम ओ होता क्या है ? एक सामान्य एम बी बी एस। तो एक सामान्य एम बी बी एस कुर्सी पर बैठते ही बड़े-बड़े विशेषज्ञ डाक्टरों को हांकना शुरू कर देता है। और यह विशेषज्ञ डाक्टर , एम डी , डी एम और अन्य बड़ी डिग्रियों वाले डाक्टर इन सी एम ओ को गधे से अधिक कुछ नहीं मानते।

तो ऐसे गधे डाक्टरों के हाथ में आप ने कोरोना से निपटने की कमान थमा दी है। यह कौन सा सिस्टम है भला। तिस पर कोढ़ में खाज यह कि इस सूची में प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के कनिष्ठ अधिकारियों को तैनात कर दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण नाम की पूरी संस्था अपने भ्रष्टाचार के लिए जितनी कुख्यात है , कौन नहीं जानता। थोड़ा सा अवसर मिल जाए तो यह लखनऊ विकास प्राधिकरण के लोग इतने कुशल हैं कि आप के सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग की रजिस्ट्री करवा कर वहां किसी बहुमंज़िले भवन का नक्शा भी पास करवा दें। तो योगी जी अगर आप सी एम ओ की टीम और लखनऊ विकास प्राधिकरण के लोगों के भरोसे लखनऊ के कोरोना रोगियों का उपचार करवाने की सोच बैठे हैं तो बेहतर होगा कि कोविड पॉजिटिव की रिपोर्ट आते ही आदमी को फांसी के तख्ते पर चढ़वा देने की व्यवस्था कर दीजिए। काहे को अस्पताल , दवा आदि की परिक्रमा करने का नाटक।

योगी जी , अगर सचमुच कोरोना पीड़ित लोगों की मुश्किल आप दूर करना चाहते हैं , और हम जानते हैं कि आप ऐसा चाहते हैं। तो सब से पहले हर ज़िले की कोरोना प्रशासन की कमान कम से कम कमिश्नर स्तर के ईमानदार अधिकारी के जिम्मे करें। और उस अधिकारी को अपनी मर्जी से अपनी टीम बनाने की स्वतंत्रता भी ज़रूर दें। क्यों कि कोरोना अब अपने जिस विस्फोटक स्वरूप में उत्तर प्रदेश में उपस्थित है , भ्रष्ट जिलाधिकारियों , सी एम ओ या भ्रष्ट विकास प्राधिकरण के अफसरों के वश का हरगिज नहीं है। यह लोग हर बात में सिर्फ़ और सिर्फ पैसा सूंघने के आदी हैं। लोक कल्याण नहीं।

जब कि ज़रूरत है इस महामारी में लोक कल्याण सोचने वाली मशीनरी की। हो सके तो कोआर्डिनेशन के लिए सेना की सेवाएं लें। जैसे भी हो ईमानदार , जवाबदेह और समर्पित लोगों की टीम की ज़रूरत है। नाकारा और भ्रष्टाचार के अभ्यस्त लोगों की नहीं। कि एक फ़ोन भी न उठा सकें। भैसा कुंड स्थित बैकुंठ धाम पर फैंसिंग करवा कर जलती लाशों की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफ़ी रोकने के उपाय पर आप के अफसरों को शर्म आनी चाहिए। ऐसे अफसरों को बिना किसी देरी के बर्खास्त कर देना चाहिए। अरे , अगर मुझे या सिस्टम को कोढ़ हो गया है तो उस पर कपड़ा रख कर छुपाने से तो ठीक नहीं होगा। ठीक होगा इलाज से। तो योगी जी पहले इस नाकारा , भ्रष्ट सिस्टम को बदल दीजिए। नहीं , लखनऊ समेत समूचा उत्तर प्रदेश शमसान घाट बन जाएगा। क्यों कि अगर ऐसा ही रहा तो चिताएं तो जलती रहेंगी। चाहे जितनी फेंसिंग करवा लीजिए। बाक़ी कोई पांच दशक पहले धूमिल लिख गए हैं :

भाषा में भदेस हूं
इतना कायर हूं कि
उत्तर प्रदेश हूं

आप उत्तर प्रदेश को सचमुच बहुत आगे ले आए हैं योगी जी। बड़े-बड़े माफिया आप के नाम से कांपते हैं। लेकिन भ्रष्ट प्रशासन और यमराज बने सरकारी डाक्टरों को अभी कांपना शेष है। नहीं हम , फिर से पचास साल पीछे जाने के लिए अभिशप्त होंगे। चिता में भस्म होने बचाइए उत्तर प्रदेश को , लखनऊ को।

साभार- http://sarokarnama.blogspot.com/2021/04/blog-post_15.html से

कोविड 19 मरीजों के लिए लखनऊ में इमरजेंसी नम्बर
The Lucknow Municipal Corporation has issued three helpline numbers

6389300137, 0522-4523000 & 0522-2610145 for providing help like admitting Covid patients, isolating them and providing medication.
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in covid-19 cases, following numbers may be contacted for hospitalization of patient in event of emergency in Lucknow:

1. Dr Ravi Pandey, CMO control room 7007111277, 7376019029,

2. Dr Abhay Yadav DM covid control room 8787253357

3. Dr A K Chodhry CMO office 9411478966

4. Dr Rahul Arya CMO office 9506790398

5. Dr K K Saxena CMO office 9415109308

6. ADM Transport 9415005005.

E-mail: [email protected]

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