आप यहाँ है :

ब्लॉग की दुनिया से
 

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: एक भुली बिसरी कविता

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: एक भुली बिसरी कविता

    प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं। मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं॥ ढोल, गंवार, शुद्र, पशु , नारी । सकल ताड़ना के अधिकारी॥ तुलसीदास कृत रामचरित मानस में सुंदर कांड की इस चौपाई के मद्देनज़र कुछ कुपढ़ , कुतर्की और नफरत के शिलालेख लिखने वाले जहरीले लोग न सिर्फ तुलसीदास को निशाने पर लेते रहने के अभ्यस्त […]

  • जब बादशाह अकबर ने असीरगढ़ पर धोखे से कब्जा किया

    बचपन की पाठ्यपुस्तकों में मुगल बादशाह अकबर को महान पढ़ा था । उन पुस्तकों में कुछ उदाहरण भी थे । इस कारण अकबर को और समझने की जिज्ञासा सदैव बनी रही। आगे चलकर उनकी महानता की अनेक कहानियाँ भी पढ़ी । हो सकता है वे सारी घटनाएं सही हों। पर अकबर के अधिकाँश सैन्य अभियान […]

  • राहुल सांस्कृत्यायनः उस दुर्लभ ग्रंथ को पाने के लिए अपनी पत्नी को छोड़ आए

    राहुल सांस्कृत्यायनः उस दुर्लभ ग्रंथ को पाने के लिए अपनी पत्नी को छोड़ आए

    हिंदी के प्रख्यात जनकवि बाबा नागार्जुन ने राहुल सांकृत्यायन के बारे में लिखा था, ‘‘ हिंदी में एक ऐसा आदमी है जो किसान सभा का सभापति बनता है, जिसे प्रगतिशील लेखकों ने अपना पथ प्रदर्शक चुना और हिंदी साहित्य सम्मेलन भी अपना सभापति उसे बनाता है।’’ राहुल सांकृत्यायन हिंदी के पहले लेखक हैं जो आज़ादी […]

  • श्वासों की गति के स्वर विज्ञान में छुपे हैं कई चमत्कार

    श्वासों की गति के स्वर विज्ञान में छुपे हैं कई चमत्कार

    पृथ्वी पर पाए जाने वाले लगभग सभी जीवमात्र ,यहाँ तक की वनस्पति के लिए जीवन का आधार नाक से ली जाने वाली प्राणवायु है |सभी जीव विभिन्न प्रकार से इस जीवनदायी वायु को ग्रहण करते हैं ,इसी से उनमे जीवन की समस्त क्रियाओ और ऊर्जा उत्पादन होता है ,,इसका ग्रहण करना बंद होने पर जीव […]

  • यहां तो स्त्री कंधा से कंधा मिला कर चलती मिलती है

    यहां तो स्त्री कंधा से कंधा मिला कर चलती मिलती है

    एक बार गोरखपुर यूनिवर्सिटी में वायवा लेने आए आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी। वाइबा में एक लड़की से उन्हों ने करुण रस के बारे में पूछ लिया। लड़की छूटते ही जवाब देने के बजाय रो पड़ी। बाद में जब वायवा की मार्कशीट बनी तब आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने उस रो पड़ने वाली लड़की को सर्वाधिक नंबर दिया। लोगों ने पूछा कि, ' यह क्या? इस लड़की ने तो कुछ बताया भी नहीं था। तब भी आप उसे सब से अधिक नंबर दे रहे हैं? ' हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा, 'अरे सब कुछ तो उस ने बता दिया था। करुण रस के बारे में मैं ने पूछा था और उस ने सहज ही करुणा उपस्थित कर दिया। और अब क्या चाहिए था? ' लोग चुप हो गए थे।

  • हम हिंदी की जय जयकार करने वाले कुछ थोड़े से बचे रह गए लोग

    हम हिंदी की जय जयकार करने वाले कुछ थोड़े से बचे रह गए लोग

    हम तो जानते और मानते थे कि हिंदी हमारी मां है , भारत की राज भाषा है। लेकिन कुछ साल पहले हिंदी दिवस पर माकपा महासचिव डी राजा ने एक नया ज्ञान दिया था कि हिंदी हिंदुत्व की भाषा है। उधर हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी ने भी यही जहर उगला।

  • राधा स्काय गार्डन से पता चलता है सरकारों और मुख्यमंत्री को कौन गिरवी रखता है‍!

    राधा स्काय गार्डन से पता चलता है सरकारों और मुख्यमंत्री को कौन गिरवी रखता है‍!

    कहते हैं कि मनी में बहुत पावर होता है। इसी लिए इस मनी के दम पर बिल्डर अफ़सरों को ही नहीं मुख्यमंत्रियों को भी अपनी ज़ेब में रखते हैं। मायावती तब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। नोएडा एक्सटेंशन जो अब ग्रेटर नोएडा वेस्ट नाम से प्रचलित है का काम बड़ी तेज़ी से चल रहा था।

  • हत्यारे वामपंथियों के काले कारनामे

    हत्यारे वामपंथियों के काले कारनामे

    कम्बोडिया में कम्युनिस्ट शासक पोलपोट ने अपने ही देश के 32 लाख नागरिकों की हत्याएं करवायीं थीं। अपनी खोजपरक पुस्तक ‘मार्टीरडम ऑफ स्वयंसेवक्स (स्वयंसेवकों का बलिदान) में एसवी शेषगिरी राव ने बताया है कि माओवादियों का धनाढ्यों के खिलाफ गरीबों के क्रांतिकारी संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है।

  • ओ आई सी , ओवैसी समेत सभी नाज़ुक लोगों को मज़बूत बनाना बहुत ज़रुरी !

    ओ आई सी , ओवैसी समेत सभी नाज़ुक लोगों को मज़बूत बनाना बहुत ज़रुरी !

    जाने क्यों मुझे लगता है कि भारत में नाज़ुक इस्लाम को ताक़तवर इस्लाम बनाने के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी भाजपा की सरकार बननी ही चाहिए। ताकि योगी जैसा कोई मुख्य मंत्री ओवैसी को आज़म ख़ान बना सके। रही बात ओ आई सी और क़तर जैसे देशों के लिए तो हमारे पास है

  • अफ़सोस कि यह लोग नरेंद्र मोदी की कूटनीति को अभी तक नहीं समझ पाए

    अफ़सोस कि यह लोग नरेंद्र मोदी की कूटनीति को अभी तक नहीं समझ पाए

    कुछ सेक्यूलर चैंपियंस इस बात पर भी हर्षित दिख रहे हैं कि कहीं तो मोदी सरकार डरी और घुटने टेक गई। कुछ लोग यह भी ख़बर बांट कर हर्षित हैं कि कतर में उप राष्ट्रपति का डिनर कैंसिल हो गया है। तो कुछ हर्ष जता रहे हैं कि बेचारे उप राष्ट्रपति को भूखे सोना पड़ेगा।

Get in Touch

Back to Top