आप यहाँ है :

ज़ी न्यूज़ देश के कोने कोने में

हिंदी न्यूज चैनल ‘जी न्यूज’ हाल ही में फ्री-टू-एयर चैनल बन गया है, जिसके बाद अब उसका फोकस देश के हर एक कोने में पहुंचने का है। इसी के चलते उसने अब अपनी दो ब्रैंड फिल्म जारी की है। ‘सोच बदलो, देश बदलो’ टैग लाइन के अंतर्गत ही इन दो फिल्मों को लॉन्च किया गया है। फिल्म का मकसद यह दिखाने का कि देश के कोने-कोने में जी न्यूज के पहुंचने से वहां के लोगों की सोच अब बदल रही है।

एक फिल्म में दिखाया गया है कि एक नेता चुनाव जीतने के बाद एक गांव पहुंचता है और यहां के लोगों संबोधित करते हुए कहता है कि अब हम यहां आ गए हैं और सारी सहुलियतें भी धीरे-धीरे पहुंच जाएंगी। तभी भीड़ में से एक व्यक्ति पूछता है कि जैसे…? इस पर मंत्री जी कहते हैं कि बिजली, पानी इत्यादि। कि तभी दूसरा कहता है कि आपने तो सदन में कहा था कि कम बारिश की वजह से इस बार पानी और बिजली की भारी कटौती होगी? तभी नेता जी कहते हैं, कि अफवाहों पर ध्यान मत दीजिए। वही व्यक्ति तपाक से बोलते हुए कहता है कि नेता जी अफवाह नहीं खबर…। वही व्यक्ति फिर बोलता है कि यदि आप यहां नहीं आते इसका मतलब आपकी खबर यहां नहीं आती…

इसी तरह की एक दूसरी ब्रैंड फिल्म भी है, जिसमें शुरुआत में दो लड़कों को दिखाया गया है, जो रिसर्च के लिए एक गांव पहुंचते हैं। इनमें से एक गांव के एक व्यक्ति से पूछता है कि आप फेसवॉस और टूथपेस्ट कौन सा यूज करते हैं। गांव व्यक्ति दातून दिखाते हुए बोलता है कि फिर इस दातून क्या करेंगे? दोनों व्यक्ति यह कहते हुए एक दुकान पर पहुंच जाते हैं कि इस गांव साबुन और टूथपेस्ट तो पहुंचा नहीं, और हमें भेज दिया। दोनों वापस दिल्ली जाने की बात करते हैं। कि तभी पीछे से एक व्यक्ति बोलता है कि आज नहीं कल चले जाना। दोनों शख्स उनका मजाक उड़ाते हुए पूछते हैं कि क्यों? तभी एक व्यक्ति जवाब देता है कि लखीमपुर के पास एक ट्रेन पटरी से उतर गई है, और इसलिए आज रास्ता बंद है। तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति कहता है कि यहां साबुन नहीं इंसान तो है। फिर एक अन्य व्यक्ति उन दोनों शख्स से कहता है कि ऐसा जगह न पहुंच जाना जहां इंसान ही न हो। दोनों शख्स उस व्यक्ति से पूछते हैं कि ये आपको कैसे पता चला? वह व्यक्ति बोलता है कि यहां कुछ पहुंचे न पहुंचे खबर पक्की पहुंचती है…

हिंदी न्यूज चैनल ‘जी न्यूज’ हाल ही में फ्री-टू-एयर चैनल बन गया है, जिसके बाद अब उसका फोकस देश के हर एक कोने में पहुंचने का है। इसी के चलते उसने अब अपनी दो ब्रैंड फिल्म जारी की है। ‘सोच बदलो, देश बदलो’ टैग लाइन के अंतर्गत ही इन दो फिल्मों को लॉन्च किया गया है। फिल्म का मकसद यह दिखाने का कि देश के कोने-कोने में जी न्यूज के पहुंचने से वहां के लोगों की सोच अब बदल रही है।

एक फिल्म में दिखाया गया है कि एक नेता चुनाव जीतने के बाद एक गांव पहुंचता है और यहां के लोगों संबोधित करते हुए कहता है कि अब हम यहां आ गए हैं और सारी सहुलियतें भी धीरे-धीरे पहुंच जाएंगी। तभी भीड़ में से एक व्यक्ति पूछता है कि जैसे…? इस पर मंत्री जी कहते हैं कि बिजली, पानी इत्यादि। कि तभी दूसरा कहता है कि आपने तो सदन में कहा था कि कम बारिश की वजह से इस बार पानी और बिजली की भारी कटौती होगी? तभी नेता जी कहते हैं, कि अफवाहों पर ध्यान मत दीजिए। वही व्यक्ति तपाक से बोलते हुए कहता है कि नेता जी अफवाह नहीं खबर…। वही व्यक्ति फिर बोलता है कि यदि आप यहां नहीं आते इसका मतलब आपकी खबर यहां नहीं आती…

इसी तरह की एक दूसरी ब्रैंड फिल्म भी है, जिसमें शुरुआत में दो लड़कों को दिखाया गया है, जो रिसर्च के लिए एक गांव पहुंचते हैं। इनमें से एक गांव के एक व्यक्ति से पूछता है कि आप फेसवॉस और टूथपेस्ट कौन सा यूज करते हैं। गांव व्यक्ति दातून दिखाते हुए बोलता है कि फिर इस दातून क्या करेंगे? दोनों व्यक्ति यह कहते हुए एक दुकान पर पहुंच जाते हैं कि इस गांव साबुन और टूथपेस्ट तो पहुंचा नहीं, और हमें भेज दिया। दोनों वापस दिल्ली जाने की बात करते हैं। कि तभी पीछे से एक व्यक्ति बोलता है कि आज नहीं कल चले जाना। दोनों शख्स उनका मजाक उड़ाते हुए पूछते हैं कि क्यों? तभी एक व्यक्ति जवाब देता है कि लखीमपुर के पास एक ट्रेन पटरी से उतर गई है, और इसलिए आज रास्ता बंद है। तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति कहता है कि यहां साबुन नहीं इंसान तो है। फिर एक अन्य व्यक्ति उन दोनों शख्स से कहता है कि ऐसा जगह न पहुंच जाना जहां इंसान ही न हो। दोनों शख्स उस व्यक्ति से पूछते हैं कि ये आपको कैसे पता चला? वह व्यक्ति बोलता है कि यहां कुछ पहुंचे न पहुंचे खबर पक्की पहुंचती है…

देखिये ये दोनों फिल्में

https://www.youtube.com/watch?v=mrgWjsZB-j4

image_pdfimage_print


सम्बंधित लेख
 

Back to Top