ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के करुआ बहाल में रविवार (23 फरवरी 2026) को विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान मे ‘आंचलिक जनजाति धर्मरक्षा महायज्ञ’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय ‘घर वापसी’ प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के नेतृत्व में 210 जनजातीय लोगों की वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के माध्यम से हिंदू धर्म में घर वापसी कराई गई।

आयोजन स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की प्रेरणा से संचालित अभियान के तहत किया गया, जिसे उनके पुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव आगे बढ़ा रहे हैं। श्रद्धानंद जी के अवतरण दिवस पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने वैदिक मंत्र उच्चारण, यज्ञ के बाद मतांतरित लोगों के पाँव पखारकर सनातन धर्म में उनका स्वागत किया।

‘जनजातीय समाज’ भारत का आधार स्तंभ: प्रबल जूदेव

इस अवसर पर प्रबल जूदेव ने कहा, “जनजातीय समाज भारत के आधार स्तम्भ हैँ इसीलिए राष्ट्र विरोधी ताकतें इनको टारगेट करते हैँ। ओडिशा के जनजाति अपने गौरवपूर्ण पूर्वजों के इतिहास एवं योगदान को नहीं भूले। ओडिशा के कई अमर स्वतंत्रता सेनानी जैसे वीर सुरेंद्र साई, डोरा बिसोयी, चक्र बिसोयी, रिंडो माझी, धरणीधर नायक जैसे जनजाति योद्धाओं ने अंतिम साँस तक अंग्रेजो से जंग की और माँ भारती की रक्षा की।”

उन्होंने आगे कहा, “आज अंग्रेज खदेड़ दिए गए परन्तु मतांतरण का बीज बो दिया, जो हमारे धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हमें संगठित होकर राष्ट्र विरोधी आसुरी शक्तियों से लड़ना होगा। जनजातीय हिंदू समाज की एकता ही राष्ट्र की शक्ति है।”

कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का भी उल्लेख किया गया और समाज को संगठित रहने का आह्वान किया गया।

साभार-https://hindi.opind   से