हिन्दी और उसकी बोलियों के गहरे और मधुर संबंध को तोड़ने की नापाक कोशिशें।प्रो.कृष्ण कुमार गोस्वामी-October 14, 2020
हिन्दी या अन्य भारतीय भाषाओं की बोलियों को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने में कोई औचित्य नहीं है ।प्रो.कृष्ण कुमार गोस्वामी-January 27, 2017