प्रलेक के प्रताप का जखीरा और कीड़ों की तरह रेंगते रीढ़हीन लेखकों का कोर्निश बजाना देखिएदयानंद पांडेय-May 20, 2022
पुरस्कारों का निर्णय , साहित्यिक-कलात्मक महत्व के आधार पर होना चाहिए , न कि विचारधारा के आधार पर : विश्वनाथ प्रसाद तिवारीदयानंद पांडेय-January 27, 2022