धरती की जीवन और भोजन श्रृखंला
महात्मा गांधी ने अपने जीवन से और विचारों से समूची मनुष्यता को अपनी चाहनाओं और लालसाओं को स्वनियंत्रित करने का एक सूत्र दिया ।जो जीवन और भोजन की सनातन प्राकृत श्रृखंलाओं को अपने प्राकृत स्वरूप में निरन्तर चलते रहने
महात्मा गांधी ने अपने जीवन से और विचारों से समूची मनुष्यता को अपनी चाहनाओं और लालसाओं को स्वनियंत्रित करने का एक सूत्र दिया ।जो जीवन और भोजन की सनातन प्राकृत श्रृखंलाओं को अपने प्राकृत स्वरूप में निरन्तर चलते रहने