"याद रहा सब कुछ" आत्ममुग्धता और आडम्बरपूर्ण अतिश्योक्ति से मुक्त उम्दा पुस्तकडॉ. प्रभात कुमार सिंघल-April 16, 2022
प्रदीप गुप्ता की कविताओं का ताज़ा संग्रह "बहुत कुछ अनकहा-सा रह गया है" में बहुत कुछ कह दिया गयारवि प्रकाश-April 15, 2022
धर्मालुओं और पर्यटकों के लिए रुचिकर पुस्तक मन्दिर संस्कृति ; धार्मिक पर्यटनमृदुला अग्रवाल-April 6, 2022