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हिन्दू नाम और पहचान तेजी से मिटाई जा रही है जम्मू कश्मीर में

मैं जम्मू कश्मीर का निवासी हूँ। अपना नाम नहीं बता सकता इसलिए नाम नहीं लिख रहा हूं ।मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि में बहुत थक गया हूं, इसलिए देशवासियों के नाम खुला पत्र लिख रहा हूं ।

बात ऐसी है कि कुछ समय से जम्मू -कश्मीर के हालात ठीक नही हैं । यहाँ हिन्दू ऐतिहासिक जगहों के नाम बदले जा रहे हैं । इस बारे में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और विश्व हिन्दू परिषद नेता प्रवीण तोगड़िया, भाजपा प्रमुख अमित शाह को कई पत्र लिखे हैं, लेकिन किसी का जवाब नहीं आया मैंने ये पत्र उनको इसलिए लिखा कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा की सरकार है। जम्मू-कश्मीर में हालात पहले ऐसे नहीं थे लेकिन पिछले कुछ महीनो से जो चल रहा है , मैं आपको बताता हूं।
कश्मीर में क्या-क्या बदल गया और क्या बदलने वाला है…

1. श्री नगर में गोपाद्री पहाड़ी है। कश्मीर की यात्रा के समय आदि शंकराचार्य ने इस पहाड़ी पर वर्षोँ तक तपस्या की थी। अतः लोगों ने सैंकड़ो वर्ष ही इस पहाड़ी का नाम शंकराचार्य पहाड़ी रख दिया था जो सरकारी दस्तावेजो में भी मौजूद है। लेकिन अब इस पहाड़ी का नाम ‘सुलेमान टापू ‘रख दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने भी अब वहां बोर्ड बदल दिया है जिस पर लिखा हुआ है – सुलेमान टॉपू ।

2. श्रीनगर में हरि पर्वत है। अब इसका नाम बदलकर “कोह महारन” रख दिया गया है।

3. कश्मीर घाटी में एक अनंतनाग जिला है। वहां के लोग अब अनंतनाग को इस्लामाबाद कहने लगे हैं।वे लोग अपने दुकानो के उपर इस्लामाबाद लिखने लगे हैं ।नाम बदलने के लिए वहां के लोग आंदोलन कर रहे हैं। सरकारी आश्वासन भी मिल चुका है।

4. अनंतनाग जिले में एक प्रसिद्ध तीर्थस्थान है- उमानगरी। इसका भी नाम बदलकर ‘शेखपुरा’ कर दिया गया है।

5. जम्मू-कश्मीर सरकार को अब श्रीनगर नाम भी हजम नहीं हो रहा है। राज्य सरकार श्रीनगर का नाम “शहर-ए खास” रखने पर कई बार विचार कर चुकी है।

6. श्रीनगर में जिस चौक पर जामा मस्जिद स्थित है उस चौक का हिंदू नाम बदलकर इस्लामिक नाम ‘मदीना चौक’ रख दिया गया है।

7. घाटी में बहने वाली किशनगंगा नदी को अब “दरिया-ए-नीलम कहा जाने लगा है। यहाँ हर दिन होने वाले हिन्दू विरोधी दंगे की तो चर्चा तक नहीं करता

कोई…..

ये सब बदल गया है । क्या भारत सरकार ने कोई सौदा किया।मैं सबको बोल कर थक गया हूं । मीडिया वाले दिखाते नहीं उनको भी बहुत बोला लेकिन वो दिखाने को तैयार नहीं है । बस यहाँ कश्मीरी पण्डित है , वो इसकी लड़ाई लड़ रहे है । मैं कोई हिन्दू-मुस्लिम की बात नही करता लेकिन जो सालों से है जहाँ पर हिन्दु संस्कृति है उसे नष्ट किया जा रहा है । पिछले एक साल में ऐसा क्या हो गया जो नाम बदले जा रहे हैं ।

भारतवासी अभी नहीं जागे तो समझो जम्मू -काश्मीर गया हाथ से , जम्मू-कश्मीर में हिंदू मुस्लिम भाई भाई की तरह रहते हैं लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी उसमेंं दरार डालते हैं । मैं पत्र इसलिए लिख रहा हूँ ।अभी नहीं जागे तो फिर आना माता रानी के दर्शन करने पासपोर्ट और वीजा लेकर ।

क्या आप ऐसा करेंगे ? कल वैष्णोंदेवी का नाम बदल दिया जायेगा तब जागोगे। मुझे अब भारत और राज्य सरकार से कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि कुछ दिनों पहले भारतीय सेना के 22 साल पुराने बंकर हंदवाड़ा में तोड़ दिए गए । नगर निगम के द्वारा तो भी एक भी भाजपा नेता कुछ नहीं बोला इस बात से समझ जाइए कि कश्मीर के क्या हालात हैं ।

मुझे उम्मीद है कि भारतवासी जागेगें , इसी उम्मीद के साथ ये पत्र लिख रहा हूँ ।

एक भारतीय नागरिक

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