मध्य प्रदेश में भगवान श्री कृष्ण मेधावी स्कॉलरशिप योजना शुरू हो रही है. 10 अगस्त से खुलेगी 500 सवालों की लिंक. शिफाली पांडे की रिपोर्ट.
भोपाल : मध्य प्रदेश देश का इकलौता राज्य होगा जहां भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े प्रश्नों के सही जवाब देने पर सरकार एक लाख रुपए तक की स्कॉलरशिप दे सकती है. 10 अगस्त से भगवान श्री कृष्ण मेधावी स्कॉलरशिप योजना शुरू हो रही है. स्कॉलरशिप का खास टारगेट यूं तो जेन ज़ी है. लेकिन दायरा इतना बड़ा है. छात्र के तौर पर अध्ययनरत किसी भी आयु वर्ग का व्यक्ति इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकता है.
स्कॉलरशिप में सिलेक्शन की प्रक्रिया कैसी होगी, क्या प्रश्न पूछे जाएंगे. भगवान श्री कृष्ण की स्कॉलरशिप के जरिए सरकार का संदेश क्या है. मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्री राम तिवारी ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी.
मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार का श्री कृष्ण पाथेय न्यास अब जेन ज़ी को 16 विद्याओं और 64 कलाओं के बारे में ज्ञान लेने को प्रेरित करेगी. जिन्हें उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में रहकर भगवान कृष्ण ने केवल 64 दिन में सीख लिया था. इसके लिए बाकायदा एक लाख रुपए की 51 स्कॉलरशिप स्कूल के स्तर पर और 51 स्कॉलरशिप कॉलेज के स्तर पर दी जाएंगी.
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री राम तिवारी ने इस स्कॉलरशिप के मकसद को लेकर बताया "अगर ज़ेन जी की भाषा में ही बात करें तो कोयले के अंदर छिपा जो हीरा है उसको तराशकर उसे अद्वितीय हीरा बनने की प्रक्रिया है ये. जिस तरह से भगवान कृष्ण ने इन कलाओं और विद्याओं के ज्ञान से भारत की तस्वीर और तकदीर बदल दी थी. हमारा लक्ष्य है कि आज की जो पीढ़ी वो अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो और उस ज्ञान प्राप्त करके अपने को और बेहतर बना सके."
10 अगस्त को खुलेगी लिंक, 500 सवालों के देने होंगे जवाब
इस स्कॉलरशिप की ओपनिंग 10 अगस्त को की जाएगी. बाकायदा मोबाइल पर इसकी लिंक मिलेगी. इसमें 500 सौ सवाल होंगे. 5 सौ में से न्यूनतम 30 सवालों के जवाब देना अनिवार्य होगा. लेकिन आज की पीढ़ी इससे कनेक्ट कैसे होगी और इस क्विज से उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आएगा. इस सवाल के जवाब में श्रीराम तिवारी कहते हैं "देखिए धर्म कोई बुरी चीज नहीं है. धर्म हो आध्यात्म हो आध्यात्म में ही विज्ञान कालगणना सब समाहित है. तो अब जैसे याद करूं तेत्रिय उपनिषद अपने यहां है, उससे ज्यादा आधुनिक विज्ञान की कोई किताब नहीं. ये क्वान्टम फिजिक्स की बात करते हैं. ऋगवेद में शून्य का सबसे पहले उल्लेख है. जो दुनिया का सबसे प्राचीन ग्रंथ है. इसको धार्मिक पैरामीटर में सीमित नहीं कर सकते. श्री कृष्ण भी यादव नहीं हैं."
ये एक धर्म विशेष से जुड़े ज्ञान पर आधारित स्कॉलरशिप है. इसमें दूसरे धर्म समुदाय के लोग कैसे हिस्सा ले सकेंगे. इस सवाल के जवाब श्रीराम तिवारी कहते हैं "इसमें धर्म विशेष का कोई महत्व नहीं है. गीता ज्ञान प्रतियोगिता में ईसाई परंपरा से आने वाले बच्चे थे. मुस्लिम बच्चे थे. जनजातीय समाज के भी बच्चे थे. और विजेता भी चुने गए. हमारा ये स्पष्ट मानना है कि ज्ञान पर ना किसी जाति विशेष का कब्जा है ना धर्म का."
भगवान श्री कृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत मध्यप्रदेश के छात्रों के लिए ये स्कॉलरशिप है.
मध्य प्रदेश के 55 जिलों के छात्र इस स्कॉलरशिप के भागीदार हो सकते हैं.
स्कॉलरशिप विद्यालय स्तर और महाविद्यालयीन स्तर पर दो हिस्सों में बंटी होगी
इसमें कॉलेज स्तर पर किसी भी संकाय के छात्र इसमें आवेदन कर सकते हैं
10 अगस्त से लिंक के जरिए इस स्कॉलरशिप में भागीदारी दर्ज की जा सकती है.
स्कॉलरशिप के तहत 500 प्रश्न अपलोड किए जाएंगे जिसमे से 30 का उत्तर अनिवार्य है.
एक-एक लाख रुपए के 51 छात्रवृत्ति स्कूल स्तर पर 51 छात्रवृत्ति कॉलेज स्तर पर दी जाएंगी
प्रदेश भर से 102 छात्रों को इस स्कॉलरशिप का लाभ मिलेगा.
एक नवम्बर को 55 जिलों से चुने गए इन 102 छात्रों को स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी.
सही उत्तर के जरिए चयनित हुए छात्रों में से लॉटरी के जरिए अंतिम छात्रों का नाम निकाला जाएगा.
साभार- https://www.etvbharat.com/ से
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