'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा 6-7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान और पीओके में किए गए एक सैन्य हवाई अभियान का कोडनेम है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादरी अड्डों को निशाना बनाना था। इस अभियान में जैश-ए-मोहम्मद, लस्कर-ए-तैयबा और हिज़बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने के लिए इन आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना था। इन ठिकानों में बहावलपुर, कोटली, मुज़फ्फराबाद और मुरीदके वैसे इलाक़े शामिल थे।

पहलगाम त्रासदी में अपने पतियों को खोने वाली महिलाओं के सम्मान में इस सैन्य अभियान को 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया गया। इस मिशन ने दुनिया को एक कड़ा संकेत दिया कि भारत अपने लोगों को रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के प्रति भारत के दृष्टिकोण में एक निर्णायक बदलाव भी दर्शाया। पाकिस्तान की मुख्य भूमि में गहराई तक सटीक हमला कर के भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प हैं।

जाने माने समालोचक डॉ करुणाशंकर उपाध्याय ने चित्रनगरी संवाद मंच मुम्बई के पुस्तक चर्चा कार्यक्रम में ये विचार व्यक्त किये। रविवार 5 अप्रैल 2026 को केशव गोरे स्मारक ट्रस्ट गोरेगांव में आयोजित कार्यक्रम में करुणाशंकर जी ने अपनी नई पुस्तक "ऑपरेशन सिंदूर अनजाने संदर्भ पर" विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहानी की शैली में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारियां बहुत रोचक तरीक़े से पेश कीं।

करुणाशंकर जी धाराप्रवाह चालीस मिनट बोले। देश की रक्षा प्रणाली के तौर तरीक़ों पर उनका वक्तव्य श्रोताओं को बहुत महत्वपूर्ण और अच्छा लगा। मधुबाला शुक्ला, प्रज्ञा मिश्र, रचना शंकर और विशू के सवालों का उन्होंने विधिवत जवाब दिया।

#धरोहर के अंतर्गत कवयित्री सोनाली बोस ने डॉ हरिवंश राय बच्चन की कविता का पाठ किया -

युद्ध की ज्वाला जगी है।
अब जलाना और जलना,
रह गया है काम केवल,
राख जल, थल में, गगन में
युद्ध का परिणाम केवल!
आज युग-युग सभ्यता से काल करता बन्दगी है।
युद्ध की ज्वाला जगी है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विविधरंगी कविता पाठ हुआ।

कविता पाठ करने वाले रचनाकार थे- नीतू पांडेय क्रांति, दिनेश कुमार, कुसुम तिवारी, रोशनी किरण, दमयंती शर्मा, सोनाली बोस, रचना शंकर, प्रज्ञा मिश्र, क़मर हाजीपुरी, हेमंत शर्मा, यशपाल सिंह यश, नरोत्तम शर्मा और डॉ बनमाली चतुर्वेदी। बहुभाषी शायर नवीन सी चतुर्वेदी ने डॉ करुणाशंकर उपाध्याय को अपना हिंदी ग़ज़ल संग्रह 'विहान' भेंट किया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित पत्रकार चंद्रकांत जोशी, कवि प्रदीप गुप्ता और कवयित्री मंजू उपाध्याय ने अपनी मौजूदगी से आयोजन की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का संयोजन मधुबाला शुक्ल ने और संचालन देवमणि पांडेय ने किया।