लंदन १२ जुलाई। आज कथा यूके और एशियन कम्युनिटी आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में आद्विक पब्लिकेशंस के द्वारा प्रकाशित पुस्तक “प्रवासी साहित्य की यात्रा - एक संघर्ष गाथा  भाग -1” का लोकार्पण द रेडिंग्स , मिल हिल लंदन में हुआ . इस पुस्तक में विभिन्न महाद्वीपों  के पंद्रह जाने माने प्रवासी साहित्यकारों की संघर्ष गाथाएँ शामिल हैं , इसका संपादन मुंबई के साहित्यकार प्रदीप गुप्ता ने किया है .लोकार्पण लेबर पार्टी के लंबे समय तक रहे हाउस ऑफ़ कॉमन्स के सदस्य वीरेंद्र शर्मा , इंडियन हाई कमीशन में कल्चरल अटैचे डा अनुराधा पांडेय ने किया  . इस संघर्ष यात्रा के सहयात्री तेजिंदर शर्मा , जाकिया जुबैरी (काउन्सेलर) और कोलोन,जर्मनी से विशेष रूप से पधारी डा शिप्रा शिल्पी ने प्रवासी साहित्यकार के रूप में अपने अपने लेखन के अनुभव साझा किए . प्रदीप गुप्ता ने अपने उद्बोधन में प्रवासी साहित्य की उपादेयता और महत्वपूर्ण को रेखांकित किया और बताया कि श्रृंखला का दूसरा भाग भी अगले महीने तक आ रहा है।

इस अवसर पर काव्य संध्या भी आयोजित हुई जिसमें स्टैंडअप कॉमेडियन और कवि विनीत जौहरी , लंदन के ग़ज़लकार आशुतोष कुमार , कवियत्री इंदु बारोठ, डा अनुराधा पांडेय , प्रदीप गुप्ता और तेजेन्द्र शर्मा ने अपनी विचारोत्तेजक रचनाओं से आमंत्रित अतिथियों को आनंदित किया.


धन्यवाद ज्ञापन एशियन कम्युनिटी आर्ट्स की संस्थापिका और आठ टर्म से लगातार लेबर काउन्सलर  ज़किया जुबेरी ने किया.