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किराएदारों को मालिकाना हक के लिए विधानसभा में अशासकीय विधेयक पेश

मुंबई। लाखों पुराने किरायेदारों (भाड़ूत) को उनके घरों का मालिकाना हक दिलाने के लिए विधानसभा में एक अशासकीय विधेयक पेश किया गया है। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा पेश इस अशासकीय विधेयक में रेंट कंट्रोल एक्ट में संशोधन करके किरायेदारों से एकमुश्त सौ महीनों का किराया लेकर संपत्ति का हक उन्हें देने का प्रस्ताव किया गया है। रेंट कंट्रोल एक्ट में संशोधन का यह विधेयक लोढ़ा ने आगामी बजट सत्र में चर्चा में लाने के लिए विधानसभा में प्रस्तुत किया है। उल्लेखनीय है कि विधायक लोढ़ा किरायेदारों के हक के लिए काफी लंबे समय से लड़ते आ रहे हैं।

विधानसभा के आगामी बजट सत्र के लिए पेश इस अशासकीय विधेयक में विधायक लोढ़ा ने संशोधन पेश किया है कि जो लोग पीढ़ियों से किरायेदार के रूप में रह रहे हैं, उन्हें वर्तमान देय किराये की एक सौ गुना राशि एक साथ सरकार के पास जमा कराने पर मालिकाना हक दिया जाना चाहिए। विधायक लोढ़ा ने सहा है कि रेंट कंट्रोल एक्ट में इस संशोधन से मुंबई के लाखों पुराने किरायेदारों को भारी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा है कि बिल्डिंग मालिकों की अड़ंगेबाजी के कारण हजारों पुरानी इमारतों की रिपेरिंग नहीं हो पा रही है। जिससे हजारों इमारतें काफी जर्जर हो गई हैं एवं उनमें रहनेवालों को हर पल खतरे में जीना पड़ रहा है।

इन पुरानी इमारतों में रहनेवाले किरायेदारों की काफी कोशिशों के बावजूद ये इमारतें जर्जर ही हैं, क्योंकि मालिक को उनके रिपेरिंग और उनमें सुविधाओं के विकास में कोई रुचि ही नहीं है। बिल्डिंग मालिकों की इसी तानाशाही के खिलाफ विधायक लोढ़ा ने रेंट कंट्रोल एक्ट में संशोधन करके किराएदार को उसके घर का मालिकाना हक दिलाने का यह विधेयक पेश किया है। उल्लेखनीय है कि मुंबई में करीब 20 हजार से भी ज्यादा पुरानी इमारतें हैं। जिनमें से 95 फीसदी इमारतें दक्षिण और मध्य मुंबई में हैं। जिनमें 15 लाख से भी ज्यादा लोग रहते हैं। लोढ़ा द्वारा पेश इस विधेयक के पास होने पर लाखों लोगों को अपने घर का मालिकाना हक मिलेगा। साथ ही मुंबई में हजारों जर्जर इमारतों में खतरनाक हालात में रहनेवालों लाखों लोगों को भी राहत मिलेगी।

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