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डाक टिकटों का शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम योगदान – डाक निदेशक केके यादव

जोधपुर। डाक विभाग द्वारा दो दिवसीय जोधपुर डाक टिकट प्रदर्शनी जोधापेक्स -2015 का समापन सोहन लाल मनिहार बालिका सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय, सिवांची गेट, जोधपुर के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने राजस्थान की पहचान ब्लू सिटी जोधपुर पर एक विशेष आवरण और विरूपण जारी किया, वहीं विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि डाक टिकटों का शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम योगदान है। डाक टिकटों के साथ जारी विवरणिका जहाँ सम्बन्धित विषयवस्तु के बारे में विस्तृत जानकारी देती है, वहीं हर डाक टिकट एक अहम एवं समकालीन विषय को उठाकर वर्तमान परिवेश से इसे जोड़ता है। डाक टिकटों से देश-विदेश की धरोहर, प्रगति और समसामयिक घटनाओं का सचित्र दिग्दर्शन होता है। इससे युवाओं और बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ एक अच्छी हॉबी अपनाने की प्रेरणा भी मिलेगी। डाक टिकटों के संग्रहण की आदत शैक्षणिक उन्नयन के साथ -साथ कम खर्च में भी आने वाले समय में एक अच्छी आय का जरिया भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि जोधपुर में फिलेटली के विकास की अपर संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने राजस्थान की पहचान ब्ल्यू सिटी जोधपुर पर विशेष आवरण और विरूपण जारी किया। इस आवरण पर जोधपुर शहर के भीतरी परकोटे के नीले रंग से रंगे मकानों का विहंगम दृश्य दिखाया गया है, वहीं विरूपण में जोधपुर दुर्ग के झरोखे का प्रतीक चिन्ह दर्शाया गया है। श्री यादव ने कहा कि जोधपुर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से अपनी विशिष्ट पहचान रखता है अतः इस अवसर पर डाक विभाग इस पर विशेष आवरण जारी करते हुए गौरवान्वित महसूस करता है। देश-दुनिया भर के पर्यटकों से लेकर तमाम फिल्मों में भी इस ब्लू सिटी का क्रेज रहा है और अब डाक विभाग के इस विशेष आवरण के माध्यम से भी इसकी विशिष्ट पहचान में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि 5 रूपये में उपलब्ध ब्लू सिटी वाले इस विशेष लिफाफे पर माई स्टैम्प के तहत जारी अपनी फोटो वाला डाक टिकट लगाकर देश-दुनिया में अपनों को पत्र भेजने का रोमांच ही कुछ अलग होगा और यह जोधपुरवासियों व यहाँ आने वाले पर्यटकों दोनों के लिए एक विशेष तोहफा भी होगा।
जोधपुर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक पी.आर. कडेला ने कहा कि डाक विभाग भारत के सबसे पुराने विभागों में है और इस प्रकार की पहल फिलेटली को युवाओं के और नजदीक लाती है। डाक टिकट संग्रहण के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि दुर्लभ टिकटों का संग्रहण बेशकीमती होता है। सोहन लाल मनिहार बालिका सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय के प्रधानाचार्य विद्यार्थी कल्ला ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां निरंतर होती रहनी चाहिये, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी डाक टिकट संग्रह की अभिरुचि के प्रति आकर्षित हो सकें।

जोधापेक्स-2015 के समापन अवसर पर डाक टिकट प्रदर्शनी लगाने वाले एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया। इनमें डाक टिकट प्रदर्शनी में सीनियर सवंर्ग में वाई॰ के॰ एल॰ माथुर को प्रथम, प्रवीण परिहार को द्वितीय एवं जगत किशोर परिहार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। डाक टिकट प्रदर्शनी में जूनियर सवंर्ग में कार्तिक परिहार, गर्वित माथुर एवं रूपाली राकेचा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। बच्चों हेतु आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता में पारुल वाजपेयी, यशस्विनी एवं शाजिया तथा डाक टिकट डिजायन प्रतियोगिता में कृति व्यास, भूमिका सोलंकी एवं अनिल पँवार को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी माई स्टैम्प के तहत अपनी फोटो डाक टिकटों पर देखने का उत्साह लोगों में बना रहा। प्रदर्शनी के दौरान 400 से ज्यादा लोगों ने अपनी डाक टिकटें बनवायीं।
इस अवसर पर ज्यूरी सदस्य राजेश पहाडि़या और आर.के. भूतड़ा, सीनियर पोस्टमास्टर एच.आर. राठौड़ डाक उपाधीक्षक जय सिंह, सहायक अधीक्षक विनय खत्री, उदय शेजु, तरुण शर्मा, राजेंद्र भाटी, सुदर्शन सामरिया सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, फिलेटिलिस्ट एवं विभिन्न स्कूलों से आये बच्चे व उनके अभिभावक व अध्यापक इत्यादि उपस्थित रहे।

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