कला, साहित्य और संस्कृति को आत्मसात कर जीवंत करती शख्शियत डॉ प्रभात कुमार सिंघलजितेंद्र ' निर्मोही'-February 2, 2024
डॉ प्रभात कुमार सिंघल का सम्मान साहित्य की विरासत और समर्पण का सम्मानजितेंद्र ' निर्मोही'-January 20, 2024
सृजनशीलता, सक्रियता और साधना की त्रिवेणी हैं डॉ. प्रभात कुमार सिंघलजितेंद्र ' निर्मोही'-February 4, 2023