ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

सेवा भारती ने ऐसे सुध ली असहाय व परेशान कोरोना पीड़ितों की

कोरोना महामारी काल ने पग-पग पर समाज के सामने मुश्किलें खड़ीं की हैं। कोविड-19 संक्रमित मरीजों का अंतिम संस्कार हो या परिवारों के भोजन की व्यवस्था । उखड रही सांसों तक ऑक्सीजन पहुँचाने की जद्दोजहद या फिर सरकारी हॉस्पिटलों के पास भटकते मरीजों के परिजनों की भूख व बेबसी, हर मुश्किल घड़ी में समाज को उसके साथ खड़े मिले हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक। आइये बात करते हैं झारखण्ड के जमशेदपुर से 126 किलोमीटर दूर रांची के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स में गंभीर रूप से कोरोना पीड़ित पिता सुबोध शर्मा को एडमिट कराने आये आकाश की। जब वे भोजन की तलाश में रांची की गलियों में भटक रहे थे। घर से लाया सत्तू और ब्रेड तो कभी का ख़त्म हो गया था। तब उन्होंने रांची महानगर की संघ की हेल्पलाईन पर मदद मांगी। 22 अप्रैल 2021 से रांची मे लॉकडाउन लग गया था। दोपहर 2 बजे बाद न तो कोई दुकान खुली मिलती न भोजनालय। मरीजों के परिजन रात में भोजन कैसे करें ?

जब यह दिककत रांची के विभाग सेवा प्रमुख कन्हैयाजी को जानकारी में आई तो आकाश के साथ ही अन्य मरीजों एवं परिजनों के शाम के भोजन की भी व्यवस्था हो गई। प्रतिदिन स्वयंसेवकों ने 150 से 200 भोजन के पैकेट्स लेकर यहां एडमिट मरीजों के परिजनों में बांटना शुरू किया। इसी तरह राजौरी (जम्मू कश्मीर) किश्तवाड़ डोडा व बिल्लवाड़ में स्वयंसेवकों द्वारा सरकारी हॉस्पिटल के बाहर प्रतिदिन भोजन के पैकेट्स वितरण किये । हम सबने पूरे देश में पिछले माह उखड़ती सांसों के बीच में ऑक्सीजन सिलेंडर पाने के जंग की कई ख़बरें पढ़ीं। एक सच्ची कहानी हम भी आपको सुनाते है; 27 अप्रैल 2021 की रात 9 बजे सेवा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्ना लाल जी भंसाली के पास कोलकाता से रहिति राय का फ़ोन आया जो अपनी छोटी बहन महुआ की जिंदगी बचाने के लिए गिड़गिड़ा रही थी। बहन जीजा व छोटी सी बच्ची सभी कोरोना संक्रमित थे। किन्तु महुआ की हालत ज्यादा ख़राब थी उसका ऑक्सीजन लेवल 67 तक आ चुका था। जिंदा रहने के लिए तुरंत ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। उस समय दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत से कई जानें जा रहीं थी।

सेवा भारती के कार्यकर्ताओं ने 2 घंटे के अंतराल में कालका जी स्थित उनके घर ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचा दिया। उसी सिलेंडर के सहारे रात कटी व बाद में 15 दिन हॉस्पिटल में मौत से जंग लड़कर महुआ अपनी छोटी सी बच्ची के पास स्वस्थ लौट आयी। इस संक्रामक बीमारी में जब सारे रिश्ते नाते खोखले नजर आ रहे हैं, वहां कुछ देशभक्त युवाओं का जज्बा सच में वंदनीय है। कोथमंगलम केरल में सड़क किनारे खांसी जुकाम व बुखार से पीड़ित एक बुजुर्ग कराह रहे थे, (शायद कोई अपना उन्हें वहां मरने छोड़ गया था ) तब सेवा भारती के कार्यकर्ता पुथेन पुरुक्क्ल सहयोगियों के साथ संगठन द्वारा संचालित एम्बुलेंस में उन्हें तालुका अस्पताल ले गए जहां उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। व उनका इलाज होने तक देखभाल करते रहे। जब कोविड मरीजों को देखने वाला कोई नहीं है, तब जख्मी लोगों की क्या बात करें रामगढ़ न्यू बस स्टैंड रैन बसैरा के पास पड़े जख्मी मजदूर संतोष भाग्यशाली थे कि उनपर संघ के स्वयंसेवकों की नजर पड़ गयी जिन्होंने न सिर्फ उनको हॉस्पिटल में एडमिट करवाया बल्कि ठीक होने तक उनकी देखभाल भी की।

आंकडों की बात करें तो राष्ट्रीय सेवा भारती के संगठन मंत्री सुधीर जी बताते हैं कि देश भर में 303 एम्बुलेंस 1242 कॉउंसलिंग सेंटर 3770 हेल्प लाइन 2904 वेक्सिनेशन सेंटर्स के अलावा सेवा भारती 287 शहरों में कोविड केयर आइसोलेशन सेंटर चला रही है। इतना ही नहीं काढा वितरण, प्लाज्मा डोनेशन, और कोविड़ मरीजों के अन्तिम संस्कार में मदद के साथ 24 घंटे डॉक्टर की हेल्पलाईन संचालित की जा रही है। इस तथ्य से शायद ही किसी को इन्कार होगा कि कोरोना की इस नयी लहर ने शहरों से ज्यादा गांवो को चपेट में ले लिया है, गांवों मे संक्रमण ना बढ़े इसलिये देशभर में अनेक जगहों पर स्वयंसेवकों ने पी.पी.ई. किट पहनकर गांवो की ओर भी रुख कर लिया। भोपाल के विभाग प्रचारक श्रवण जी बताते हैं; “जितेन्द्र पटेल, प्रवीण सिंह दिखित, हरीश शर्मा, शैलेंद्र, प्रशन्नजीत समेत 24-युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षण लेकर पीपीई किट.पहनकर आस-पास के गावों में स्क्रीनिंग व आर टी पी सी आर टेस्ट कर रहे हैं। पंद्रह दिन लगातार जारी इस अभियान में अभी तक 12 गांव 30 सेवाबस्ती व आठ कालोनी में 5000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।”

साभार- https://www.sewagatha.org/ से

Website :- https://www.sewagatha.org/index.php?id=2
Facebook :- https://www.facebook.com/sewagatha.org
Youtube :-https://www.youtube.com/channel/UCVgTti4YyIGQU3E0uvGwaDA

Twitter :- https://twitter.com/SewaGatha?s=09

Instagram :- https://instagram.com/sewagatha?igshid=11l1vzxbbp8wt

MobileApp :- Google PlayStroe : https://play.google.com/store/apps/details?id=com.ps.sewagatha

Thanks and Regards
Pawan Baghel
Sewagatha Bhopal

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top