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सात साल की इस नैत्रहीन मुस्लिम बच्ची को कंठस्थ है गीता

मेरठ की सात साल की मुस्लिम बच्ची रिदा जेहरा को गीता के श्लोक जबानी याद है। एक तो रिदा ठहरी छोटी बच्ची और ऊपर से मुस्लिम, ऐसे में उसका गीता का पाठ करना लोगों के लिए आश्चर्य का सबब बना हुआ है। रिदा जैसे ही गीता के श्लोक पढ़ती है तो खुद ब खुद उसकी आंखें श्रद्धा से बंद हो जाती है और हाथ जोड़ लेती है। रिदा देख नहीं सकती बावजूद इसके वो गीता का पाठ पूरी पवित्रता से पढ़ती है।

रिदा ने ब्रेल के जरिए नहीं पढ़ी गीता
रिदा जेहरा पिछले तीन साल से मेरठ में जागृति विहार स्थित एक आवासीय ब्रजमोहन ब्लाइंड स्कूल में पढ़ रही है। उसने किताबें कभी नहीं देखीं और न ही ब्रेल के जरिए गीता पढ़ी है। बस चिन्मयी मिशन के द्वारा गीता के पंद्रहवें अध्याय को लेकर एक प्रतियोगिता की तैयारी के चक्कर में स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को गीता याद करानी शुरू करी थी, लेकिन रिदा जेहरा का गीता में ऐसा रुझान बना की उसे आज गीता का बारहवें और पहन्द्रवें अध्याय के सब श्लोक पूरी तरह मुंहजबानी याद हैं।

पूरे राज्य में मिला पहला पुरस्कार
रिदा को बकायदा इस प्रतियोगिता में स्टेट का प्रथम पुरस्कार भी मिल चुका है। रिदा जेहरा के लिए यह बात कोई मायने नहीं रखता कि वह किस मजहब के ग्रन्थ को पढ़ और याद कर रही है उसे बस इतना जरूर अहसास है कि इसे याद कर उसके मन को शान्ति मिलती है।

बेटी की सफलता से खुश हैं माता-पिता
रिदा जेहरा के माता-पिता मेरठ के लोहियानगर में रहते हैं, जहां वह छुट्टियों और त्योहारों के दौरान जाती है। उसके पिता रईस हैदर बिरयानी की दुकान चलाते हैं । उसके पिता ने तीन साल पहले उसका एडमिशन इस स्कूल में कराया था। उन्होंने यह सोचकर अपनी बेटी का दाखिला यहां कराया था कि उनकी बेटी पढ़-लिख कर अपने पैरों पर खड़ी हो सकेगी। लेकिन आज जब उनकी बेटी ने उनका नाम रोशन कर दिया है। बेटी की सफलता को पर उन्‍हें लगता है कि रिदा के गीता पाठ करने से समाज में भाईचारे का संदेश भी जाएगा।

रिदा को पसंद है गीता का पाठ
रिदा जेहरा ने बताया कि मुझे एक प्रतियोगिता को लेकर तैयारी करनी थी और उसके लिए गीता का एक अध्याय याद करना बेहद जरूरी था। जब मैं गीता का पाठ करना शुरू किया तो यह मुझे काफी अच्छा लगने लगा। बाद में मैंने 12 और 15 अध्याय भी याद कर लिए और बाकी भी में याद कर रही हूं।

कुरान और गीता दोनो पढ़ रही है रिदा
रिदा जेहरा के पिता रईस ने कहा कि मुझे काफी अच्छा लग रहा है कि मेरी बेटी कुरान और गीता पढ़ रही है। इससे समाज में अच्छा मैसेज जा रहा है। वहीं रिदा जेहरा की मां कहा कि मैं काफी उत्साहित हूं कि मेरी बेटी नाम कमा रही है।

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