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वर्ष 2022 और लव जिहाद की ऐसी कुछ कहानियाँ, जिन पर सबने चुप्पी साध ली

वर्ष 2022 जब दुनिया और भारत दोनों ही स्थानों पर आम जनता अपने अपने परिजनों को खोने के दुःख से उबरने का प्रयास कर रही थी, तब भी भारत में हिन्दू उस लड़ाई को लड़ रहे थे, जिसे नाम तक देने में मीडिया हिचकता है और जिसे केवल हिन्दुओं के दिमाग की उपज बता दिया जाता है। वह उन तमाम आंसुओं से पीछा छुड़ाना चाहता है, जो हिन्दू परिवारों की आँखों में लगातार आ रहे हैं। मगर वह आंसू क्यों हैं? वह पीड़ाएं क्या हैं? इन पर मीडिया और फेमिनिस्ट वर्ग मौन है।

इस वर्ष असंख्य हिन्दू लड़कियां लव जिहाद का शिकार हुईं। जनवरी से आरम्भ हुई घटनाएं वर्ष के अंत में रिबिका पहाड़िया और तुनिषा शर्मा की मृत्यु के साथ समाप्त हुईं। ऐसी ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होनें हिन्दुओं को कहीं न कहीं बहुत गहरे तक प्रभावित किया। हालांकि यह भी देखा गया कि लड़कियों के साथ हुए इन अपराधों को मात्र क़ानून व्यवस्था या पितृसत्तात्मक सोच तक सीमित करने का प्रयास किया गया।

इस लेख में उन हत्याओं की बात की गयी है, जो इस विष का शिकार हुईं थीं। जिन घटनाओं की नृशंसता से पूरा देश ही लगभग दहल गया था। 11 मार्च 2022 को एक ऐसी घटना हुई थी, जिसने यह बताया कि किस हद तक कोई इंसान नृशंस हो सकता है। मोहम्मद एजाज ने कर्नाटक में अपनी बीवी अपूर्वा पुराणिक अर्थात आरफा बानू को कुल्हाड़ी से काट दिया था, और ऐसा भी इसलिए किया क्योंकि अपूर्वा पुराणिक को यह पता चल गया था कि वह पहले से शादीशुदा ही नहीं है बल्कि वह तीन बच्चों का बाप भी है और इसी कारण वह उससे तलाक देना चाहती थी।

वहीं 22 मार्च को राजस्थान में स्वाति नाम की लड़की की लाश मिली थी और यह पता चला था कि उसे इन्स्टाग्राम का शौक था, जहां पर वह अरशद से मिली थी और फिर अरशद उस पर घर से भागने एवं शादी का दबाव डाल रहा था। स्वाति उसे मना करती थी और स्वाति १८ वर्ष की भी नहीं हुई थी। स्वाति उससे अंतिम बार मिलने को तैयार हुई तो उसने उसका गला काटकर हत्या कर दी थी

वहीं मार्च में ही एक और घटना सामने आई थी, जिसमें यासिर ने लड़की को इन्स्टाग्राम पर संपर्क किया। धीरे धीरे बातचीत बढ़ी और जब लड़की पूरी तरह से जाल में फंस गयी तो उसने लड़की से कहा कि अगर तुम अपने मातापिता से यह कहती हो कि तुम्हें पोलैंड में नौकरी मिल रही है, और उसके लिए तुम्हे पांच लाख रूपए चाहिए। तुम यह रूपए ले आओ तो हम लोग दुबई चलेंगे और शादी करेंगे।”

लड़की तैयार हुई और फिर लड़की को दुबई के उस होटल में भेज दिया गया जहाँ पर देह व्यापार किया जाता है लड़की किसी तरह भागकर आई तो उसे एक महीने तक घर में कैद करके रखा गया, दलित युवती पर कुरआन पढने और बुर्का पहनने का दबाव डाला गया।

जुलाई में दैनिक जागरण में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें बरेली में लव जिहाद की भयावहता को दर्शाया गया था। इसमें लिखा था कि जनवरी 2022 से १० जुलाई 2022 तक 46 हिन्दू किशोरियाँ इस जाल में फंस गईं।

झारखण्ड में अंकिता को किस बेरहमी से जलाकर मारा गया था, वह भी सभी ने देखा था। और यह भी देखकर पूरा देश स्तब्ध रह गया था कि कैसे शाहरुख ने दुमका की अंकिता को जलाया था और फिर कैसे वह हँसते हुए पुलिस कस्टडी में जा रहा था। अंकिता का अंतिम संदेश कैसे पीड़ा से भरकर दिया था कि शाहरुख को फांसी दी जानी चाहिए।

यह भी देखा गया था कि कैसे अंकिता के मामले की जांच के लिए नियुक्त नूर मोहम्मद नामक पुलिस अधिकारी ने अंकिता का मामला कमजोर कर दिया था।

उत्तराखंड की अंजलि आर्य भी यामीन का शिकार हुई थी। १८ वर्षीय अंजलि ३ अगस्त को घर से कॉलेज एडमिशन कराने के लिए गयी थी। वह फिर वापस नहीं लौटी थी। यामीन से वह प्यार करती थी। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि अंजली उस पर शादी करने का दवाब बना रही थी। 3 अगस्त को जब वह किच्छा पहुची तो वह अपनी बाइक लेकर किच्छा से बहेड़ी गया जहाँ सचिन सक्सेना पुत्र रतन लाल निवासी बरा को साथ लेकर शक्तिफार्म जंगल के कम्पार्टमेन्ट 9 बीट शहदौरा ले गया जहाँ उसकी गला रेत कर हत्या कर दी।

राजस्थान की सुरभि कुमावत, जो खुद पीएनबी में मार्केटिंग मैनेजर थी और उसने शादी की थी छठी पास शाहिद अली से! सुरभि कमाती थी और उसका शौहर उसके पैसों पर अय्याशी करता था। उसने यह कहते हुए कि उसका शौहर उससे नफरत करता है, आत्महत्या कर ली थी:

४ सितम्बर को झारखंड के दुमका में ही एक और लड़की की बलात्कार के बाद हत्या की खबर आई थी। चौदह वर्ष की जनजातीय बच्ची की लाश पेड़ पर लटकी हुई मिली थी और जिसके आरोप में अरमान अंसारी को हिरासत में लिया गया था।

३ सितम्बर को ही एक बच्ची रब्बानी अंसारी की हैवानियत का शिकार होते हुए बची थी एक और जनजातीय बच्ची। इस मामले में रब्बानी अंसारी ने एक नाबालिग लड़की को पहले तो नाम बदलकर अपने प्यार के जाल में फंसाया और फिर जब लड़की के सामने सच आया तो लड़की को बहुत ही खौफनाक तरीके से मारने की योजना बनाई।

उसने लड़की को कुँए में धक्का दे दिया और उस पर पत्थर भी मारे, मगर यह लड़की का सौभाग्य था कि वह बच गयी और किसी प्रकार अपने घर पहुँची!

२ मई 2022 को मुम्बई में ट्यूशन के लिए निकली सोनम शुक्ला की बोरे में लाश मिली थी। वह ट्यूशन के बहाने अपने प्रेमी मोहम्मद अंसारी से मिलने पहुँच गयी थी और फिर उसकी सड़ी गली लाश ही मिली थी।

मुम्बई में ही २७ सितम्बर को मुम्बई में इकबाल शेख ने अपनी बीवी रूपाली की इस कारण हत्या कर दी थी क्योंकि वह इस्लामी तौर तरीकों से नहीं जीना चाहती थी। शेख और रुपाली की तीन साल पहले शादी हुई थी और उनके दो साल का बेटा भी है।

जून 2022 में सीहोर से भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी जिसमें लव जिहाद की शिकार रचना ने दम तोड़ दिया था और फिर उसके पिता ने प्रशासन से गुहार लगाई थी कि वह हिन्दू रीतिरिवाजों से अपनी बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं।

श्रद्धा वॉकर, रिबिका पहाड़िया, नीलकुसुम, तुनिषा शर्मा के मामले अभी ताजे हैं, परन्तु ऐसा नहीं है कि मामले रुके हों। 29 दिसंबर को ही एक घटना सामने आई जिसमें किसी इंतजार ने खुद को हिन्दू सोनू युवक बताया और फिर शादी का झांसा देकर एक हिन्दू महिला को अपने जाल में फंसाया और फिर उसका बलात्कार किया। इंतजार को उसके भाई और अब्बा को बिसरख पुलिस थाने में गिरफ्तार कर लिया गया।

ये घटनाएं रुक सकेंगी ऐसा कम ही लगता है क्योंकि जहां सेक्युलर विमर्श ने इस सीमा तक हिन्दू लड़कियों को अपनी जड़ों से दूर कर दिया है कि उन्हें लगता है कि उनका मुस्लिम प्रेमी औरों जैसा नहीं है, परन्तु दुर्भाग्य की बात यही है कि अधिकांश मामलों में उनका प्रेमी भी बाद में वैसा ही निकलता है।

यह कुछ ही मामले हैं, जो अधिकांश चर्चा में रहे हैं, परन्तु इनके अतिरिक्त सैकड़ों ऐसे मामले हैं, जो हुए और जिनपर चर्चाएँ नहीं हुईं, या फिर जिन्हें रोज का मामला कहकर अनदेखा कर दिया गया।

https://hindupost.in/bharatiya-bhasha/ से

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