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भारत गौरव
 

  • अब चलती गाड़ी में आयुर्वेदिक पंचकर्म की सुविधा

    भोपाल स्टेशन से गुजरने वाली राजधानी और शताब्दी ट्रेन में सफर के साथ अब लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इससे यात्रियों को सफर के दौरान होने वाली थकान से छुटकारा मिलेगा, वहीं आयुर्वेदिक पद्धति के पंचकर्म से स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा।

  • बाबा रामदेव ले आए मेगी की टक्कर में आटा नूडल्स

    बाबा रामदेव ले आए मेगी की टक्कर में आटा नूडल्स

    योगगुरु बाबा रामदेव ने आज पतंजलि का आटा नूडल्स लॉन्‍च किया। रामदेव ने मैगी पर लगे प्रतिबंध के बाद अपना नूडल्‍स बाजार में उतारने का वादा आज पूरा कर दिया। ऐसा माना जा रहा है कि नेस्ले की मैगी को बाबा रामदेव का आटा नूडल्स जबरदस्त टक्टर देगा। इस नूडल्स को बनाने में 5 मिनट लगेगा।

  • पत्थरों से पानी निकालते हैं रितेश आर्य

    पत्थरों से पानी निकालते हैं रितेश आर्य

    डॉ. आर्य पत्थरों के प्रेम में गिरफ्त हैं, और पत्थर भी उनके इशारों पर पानी उगलते हैं। आइस हॉकी रिंक से लेकर लद्दाख के गोल्फ के हरे मैदानों तक, ध्यान के लिए प्रसिद्ध महाबोधि संस्थान से लेकर सीमा क्षेत्र में बसे सेना के बेस तक, हजारों घरों से लकर कृषि भूमि तक आर्य के पानी से आबदार हैं।

  • सैकड़ों साल पहले इन चट्टानों पर ये मूर्तियाँ किसने बनाई

    सैकड़ों साल पहले इन चट्टानों पर ये मूर्तियाँ किसने बनाई

    लहरदार पगडंडियां, घने जंगल और घाटियां और संकरी नदियां और सोतों के मनोरम दृश्‍य, अनोखी वनस्‍पतियां और वन्‍य जीवों के आसपास होने का अहसास, और अपनी शहरी जिंदगी की रेलमपेल से भागे हुए जंगल के अभयारण्‍यक। ऐसा ही है उनाकोटि का प्राकृतिक भंडार, जो इतिहास, पुरातत्‍व और धार्मिक खूबियों के रंग, गंध से पर्यटकों को अपनी ओर इशारे से बुलाता है। यह एक औसत ऊंचाई वाली पहाड़ी श्रृंखला है, जो उत्‍तरी त्रिपुरा के हरे-भरे शांत और शीतल वातावरण में स्थित है।

  • 29 अक्टूबर, 1915 को अफगानिस्तान में बनी थी आजाद हिन्द सरकार, राजा महेंद्र प्रताप थे पहले राष्ट्रपति

    29 अक्टूबर, 1915 को अफगानिस्तान में बनी थी आजाद हिन्द सरकार, राजा महेंद्र प्रताप थे पहले राष्ट्रपति

    29 अक्तूबर,1915 की तिथि भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखी जानी चाहिये। इस दिन अफगानिस्तान में भारत की पहली स्वाधीन सरकार ‘आजाद हिन्द सरकार’ का गठन हुआ था। राजा महेन्द्र प्रताप इसके राष्ट्रपति थे और मोहम्मद बरकतुल्ला प्रधानमंत्री। इस सरकार के बनने के बाद भारत में अंग्रेजी हुकूमत हिल गई थी।

  • भारत और पाकिस्तान की सैन्य शक्ति के बारे में कुछ रोचक बातें

    भारत और पाकिस्तान की सैन्य शक्ति के बारे में कुछ रोचक बातें

    भारत बनाम पाकिस्तान की सैन्य शक्ति

  • काल गणना का प्रामाणिक केंद्र है उज्जैन

    काल गणना का प्रामाणिक केंद्र है उज्जैन

    उज्जैन की भौगोलिक स्थिति भी विशिष्ट है। खगोलशास्त्रियों की मान्यता है कि यह नगरी पृथ्वी और आकाश की सापेक्षता में ठीक मध्य में स्थित है। कालगणना के शास्त्र के लिए इसकी यह स्थिति सदा उपयोगी रही है। इसलिए इसे पूर्व से ‘ग्रीनविच’ के रूप में भी जाना जाता है। प्राचीन भारत की ‘ग्रीनविच’ यह नगरी देश के मानचित्र में 23.9 अंश उत्तर अक्षांश एवं 74.75 अंश पूर्व रेखांश पर समुद्र सतह से लगभग 1658 फ़ीट ऊँचाई पर बसी है।

  • माजिद अली हैं रामायण समिति के अध्यक्ष, रामलीला करते हैं मुस्लिम युवक

    सांप्रदायिक ताप को ठंडा करने की लगातार चल रही कोशिशों के बीच रामनगरी से सटा मुमताजनगर गांव सौहार्द के कमल खिला रहा है। मशहूर कवि स्वर्गीय रफीक सादानी की कर्मभूमि रहे मुमताजनगर गांव के ठेठ देसी अंदाज में रहने वाले लोगों का मिजाज सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दे रहा है।

  • श्री प्रभु के नेतृत्व में एक खामोश क्रांति हो रही है रेल्वे में

    श्री प्रभु के नेतृत्व में एक खामोश क्रांति हो रही है रेल्वे में

    जनता की धारणा रेलवे के प्रति भ्रामक है। बड़ी-बड़ी घोषणाओं की बजाय, परिवर्तन चुपचाप तो हो रहा है और निश्चित तौर पर हो रहा है। भारतीय रेल, जनता की गलत धारणा की समस्‍या से पीड़ि‍त है – और एक भ्रमित वातावरण पैदा किए जाने के कारण रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु द्वारा रेल्वे को पटरी पर लाने के लिए किए जा रहे दूरगामी परिणामों की चर्चा तक नहीं हो रही है।

  • भारत के बाहर इन देशों में जीवित है भारतीय संस्कृति

    भारत के बाहर इन देशों में जीवित है भारतीय संस्कृति

    अपने देश की सीमाओं के भीतर आप कहीं भी चले जाएं, भाषा और जलवायु की भिन्नता के बावजूद भावनात्मक एकता और अपनेपन के जज्बे के कारण सब कुछ अपना-सा ही लगता है। यह अपनापन किसी जगह के प्रति जुड़ाव तो पैदा करता है, पर एक खास तरह के कुतूहल और रोमांच से आपको वंचित भी कर देता है। यही वजह है जो देश की सीमाओं को पार करने की ललक हर श़ख्स के मन में बनी रहती है।

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