आप यहाँ है :

श्रद्धांजलि
 

  • साइकिल चलाई तो अस्पताल पहुँच गई…!

    मैं यह आलेख अपने बिस्तर से लिख रही हूं। मैं एक ऐसी दुर्घटना के बाद आराम कर रही हूं जिसमें मेरी हड्डिïयां तक टूट गईं। दुर्घटना उस वक्त हुई थी जब मेरी साइकिल को तेज गति से आ रही एक कार ने टक्कर मार दी। मेरे शरीर से खून बह रहा था और वह कार […]

  • राजस्थानी लोक साहित्य को एक नई आभा देने वाले विजयदान देथा नहीं रहे

    राजस्थानी भाषा के जानेमाने साहित्यकार  विजयदान देथा उर्फ बिज्जी का निधन हो गया है. वो 87 साल के थे. बिज्जी के नाम से मशहूर विजयदान देथा अपनी कहानियों के लिए देश-विदेश में मशहूर थे. राजस्थान के पाली ज़िले के रहने वाले विजयदान देथा ने राजस्थानी में करीब 800 छोटी-बड़ी कहानियां लिखीं. जिनका कई भाषाओं में […]

  • विजयदान देथा का यादगार साक्षात्कार इंडिया टुडे की मनीषा पांडेय के साथ

    उस दिन सुबह बिज्जी इंटरव्यू के नाम से ऐसे घबरा रहे थे, जैसे मां की गोद से उतरकर पहले दिन स्कूल जा रहा कोई बच्चा. साथ रहने वाले राजस्थानी लेखक मालचंद तिवाड़ी से वे बोले, ‘‘एक काम कर, तू ही विजयदान देथा बनकर बैठ जा और इंटरव्यू दे दे.’’ लेकिन फिर जब सफेद धोती, कुर्ता […]

  • शाकाहारी व्यंजंनों की महारानी तरला दलाल नहीं रही

    देश की जानी-मानी सेलेब्रिटी शेफ और खानपान पर लिखने वाली तरला दलाल का बुधवार को निधन हो गया। वह कुछ दिन से बीमार थीं। देश के कई हिस्सों में जब टेलीविजन नहीं पहुंचा था, तरला दलाल अपनी रेसिपी से पहुंची। उन्होंने कुकिंग पर 100 से ज्यादा किताबें लिखी हैं और 2007 में पद्मश्री से भी […]

  • बसंत कुमार तिवारीः स्वाभिमानी जीवन की पाठशाला

    छत्तीसगढ़ के जाने-माने पत्रकार और ‘देशबंधु’ के पूर्व संपादक बसंत कुमार तिवारी का न होना जो शून्य रच है उसे लंबे समय तक भरना कठिन है। वे एक ऐसे साधक पत्रकार रहे हैं, जिन्होंने निरंतर चलते हुए, लिखते हुए, धैर्य न खोते हुए,परिस्थितियों के आगे घुटने न टेकते हुए न सिर्फ विपुल लेखन किया ,वरन […]

  • हिन्दू कालेज में राजेन्द्र यादव को श्रद्धांजलि

    'हंस' के सम्पादक और प्रसिद्ध साहित्यकार राजेन्द्र यादव के असामयिक निधन पर हिन्दू कालेज के हिंदी विभाग द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।  शोक सभा में विभाग के आचार्य डॉ रामेश्वर राय ने कहा कि स्त्री और दलित विमर्श की ज़मीन तैयार करने वाले साहसी सम्पादक और विख्यात लेखक का जाना असामयिक इसलिए लगता है कि उन्होंने […]

  • साहित्यकार राजेंद्र यादव नहीं रहे

    हिन्दी के प्रख्यात लेखक एवं हंस पत्रिका के संपादक राजेन्द्र यादव का सोमवार रात को निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। यादव की कल रात अचानक तबीयत खराब हो गई और उन्हें सांस लेने की तकलीफ होने लगी। उन्हें रात लगभग 11 बजे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में […]

  • गणेश शंकर विद्यार्थी: एक क्रांतिकारी पत्रकार

    अपनी बेबाकी और अलग अंदाज से दूसरों के मुंह पर ताला लगाना एक बेहद मुश्किल काम होता है। कलम की ताकत हमेशा से ही तलवार से अधिक रही है और ऐसे कई पत्रकार हैं, जिन्होंने अपनी कलम से सत्ता तक की राह बदल दी। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जिन पत्रकारों ने अपनी लेखनी को […]

Back to Top