Homeहिन्दी जगतदुनिया भर में 200 से अधिक विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है हिंदी

दुनिया भर में 200 से अधिक विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है हिंदी

हिंदी भाषा विश्व स्तर पर  200 से अधिक विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है। ये विश्वविद्यालय मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, एशिया, और अन्य क्षेत्रों में फैले हैं।
वैश्विक स्तर पर: तकरीबन 1 अरब लोग हिंदी बोलते, लिखते, और समझते हैं, जिसमें से 258 मिलियन से अधिक लोग इसे मातृभाषा के रूप में प्रयोग करते हैं।
अमेरिका में 12 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है, और प्रत्येक विश्वविद्यालय में औसतन 50-200 छात्र हिंदी के पाठ्यक्रमों में नामांकित हो सकते हैं।
विश्व स्तर पर, हजारों छात्र हिंदी सीख रहे हैं, विशेष रूप से उन देशों में जहाँ भारतीय प्रवासी समुदाय बड़ा है (जैसे अमेरिका, कनाडा, यूके, और ऑस्ट्रेलिया)।
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में हर साल 40 से अधिक विदेशी छात्र हिंदी सीखने आते हैं।
अमेरिका
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो
बॉस्टन यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (बर्कले और अन्य कैंपस)
यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी
येल यूनिवर्सिटी
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
कोलंबिया यूनिवर्सिटी
पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटीयूनाइटेड किंगडम
यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन (SOAS – स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज)
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी

अन्य देश
टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज, जापान
मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी, रूस
पेकिंग यूनिवर्सिटी, चीन
हांकुक यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज, दक्षिण कोरिया
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए), भारत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा, भारत (विशेष रूप से विदेशी छात्रों के लिए हिंदी शिक्षण)

विदेश में हिंदी पढ़े कुछ जाने-माने विदेशी छात्र और उनका काम

हिंदी सीखने वाले विदेशी छात्रों में डिप्लोमैट, शोधकर्ता, कलाकार, और पर्यटक शामिल हैं। नीचे कुछ उल्लेखनीय विदेशी व्यक्तियों के नाम और उनके कार्य दिए गए हैं:

जूलियट (स्विट्जरलैंड)
जूलियट ने भारतीय संस्कृति और लोगों के साथ संबंध बढ़ाने के लिए हिंदी सीखी। उन्होंने दिल्ली की हिंदीगुरू इंस्टिट्यूट में हिंदी पढ़ाई और भारतीय सामाजिक मुद्दों पर काम किया।

सिसेलिया (फ्रांस)
सिसेलिया ने भारतीय साहित्य और संस्कृति पर शोध के लिए हिंदी सीखी। उन्होंने हिंदी साहित्य के माध्यम से भारत की सामाजिक संरचना को समझने का प्रयास किया।

विलियम डेलरिंपल (यूनाइटेड किंगडम)
प्रसिद्ध लेखक विलियम डेलरिंपल ने हिंदी सीखी और भारत के इतिहास और संस्कृति पर कई किताबें लिखीं, जैसे The Last Mughal और White Mughals। उन्होंने हिंदी शिक्षकों, जैसे दिल्ली की पल्लवी सिंह, से हिंदी सीखी।

चेनवै (चीन)
हिंदी नाम: दीक्षा
चेनवै ने वर्धा के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में हिंदी सीखी और अपने हिंदी नाम “दीक्षा” को अपनाया। वह हिंदी के प्रचार में योगदान दे रही हैं।

चुई फांमिंग (थाईलैंड)
हिंदी नाम: आशीष
चुई ने वर्धा विश्वविद्यालय में हिंदी सीखी और अपने हिंदी नाम को स्थायी रूप से अपनाया। वह हिंदी साहित्य और संस्कृति के प्रति समर्पित हैं।

सारा एल. एस. अज्जन (ऑस्ट्रेलिया)
सारा ने दिल्ली में हिंदी सीखी और अपनी हिंदी शिक्षक पल्लवी सिंह की सहायता से हिंदी भाषा को बढ़ावा दिया। वह हिंदी शिक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

डिप्लोमैट और यूनाइटेड नेशंस कर्मचारी: संयुक्त राष्ट्र और दूतावासों से जुड़े लोग हिंदी सीखते हैं ताकि भारत में प्रभावी संवाद कर सकें। फिल्म और मीडिया पेशेवर: बॉलीवुड में करियर बनाने के इच्छुक युवा हिंदी सीखते हैं।

विश्व हिंदी सम्मेलन: भारत सरकार द्वारा हिंदी के प्रचार के लिए 1975 से विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं, जिसने विदेशी विश्वविद्यालयों में हिंदी शिक्षण को बढ़ावा दिया।
वर्धा विश्वविद्यालय की परंपरा: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों को हिंदी नाम दिए जाते हैं, जैसे दीक्षा और आशीष, जो वे पढ़ाई के बाद भी उपयोग करते हैं।

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