भारत में एक कानूनी शब्द “दुश्मन संपत्ति (Enemy Property)” है, जो भारत सरकार द्वारा 1968 में बनाया गया था। यह उस संपत्ति से संबंधित है जो उन लोगों की थी जो 1962 (चीन युद्ध), 1965 और 1971 (पाकिस्तान युद्ध) के दौरान भारत छोड़कर दुश्मन देश (चीन या पाकिस्तान) चले गए थे। इस कानून के तहत पाकिस्तान को एक “दुश्मन राष्ट्र” की तरह परिभाषित किया गया, परंतु यह सिर्फ संपत्ति के संदर्भ में है, न कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति या युद्ध की दृष्टि से।
संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में “enemy state” शब्द केवल द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि में उपयोग हुआ है। ये देश वे थे जो उस समय Axis Powers (जैसे जर्मनी, जापान, इटली) का हिस्सा थे।
भारत ने पाकिस्तान को औपचारिक रूप से “दुश्मन देश” (Enemy State) घोषित नहीं किया है। हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच कई बार तनावपूर्ण रिश्ते रहे हैं—खासकर 1947, 1965, 1971 और 1999 की लड़ाइयों और आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं के कारण—लेकिन भारत ने अब तक पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुश्मन देश घोषित नहीं किया है।
“दुश्मन देश” की परिभाषा अंतरराष्ट्रीय कानून में क्या है?
यह केवल उन देशों के लिए है जो WWII के समय Axis Powers (जैसे जर्मनी, जापान, इटली) थे।
भारत में: “एनिमी प्रॉपर्टी एक्ट” (Enemy Property Act) जो पाकिस्तान या चीन के नागरिकों द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों से जुड़ा है।
इजराइल और कुछ अरब देश: कुछ देशों ने इजराइल को दुश्मन देश घोषित किया था (हालांकि अब कई देशों ने रिश्ते सामान्य कर लिए हैं)।
दुश्मन संपत्ति कानून जैसी नीतियों में पाकिस्तान को दुश्मन के रूप में माना गया है, पर यह एक सीमित कानूनी परिप्रेक्ष्य में है।
भारत-पाकिस्तान और “Most Favoured Nation (MFN)” क्या है?
MFN (Most Favoured Nation) का मतलब:
यह एक विश्व व्यापार संगठन (WTO) की संधि के तहत दिया गया दर्जा है।
जब कोई देश किसी को MFN दर्जा देता है, तो वह यह वादा करता है कि वह उस देश को व्यापार में कोई भेदभाव नहीं करेगा।
यानी, जो छूट, टैक्स रियायतें, या आसान व्यापारिक शर्तें एक देश को दी जाती हैं, वही MFN देश को भी दी जाएंगी।
भारत ने 1996 में ही पाकिस्तान को MFN का दर्जा दे दिया था, जब WTO बना था।
नहीं। पाकिस्तान ने भारत को कभी MFN का दर्जा नहीं दिया।
फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान से MFN दर्जा वापस ले लिया।
इसके बाद भारत ने पाकिस्तान से आयात पर 200% तक का कस्टम ड्यूटी भी लगा दी थी।
औपचारिक रूप से “दुश्मन देश” की घोषणा कम ही होती है, लेकिन इतिहास और वर्तमान में कुछ उदाहरण हैं जहाँ देशों ने एक-दूसरे को शत्रुतापूर्ण माना या इस तरह की भाषा का उपयोग किया:
- उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया:
- कोरियाई युद्ध (1950-1953) के बाद से दोनों देश तकनीकी रूप से युद्ध में हैं, क्योंकि केवल युद्धविराम हुआ था, न कि शांति संधि। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया एक-दूसरे को शत्रु मानते हैं, और उनकी सरकारी नीतियाँ और प्रचार में यह स्पष्ट होता है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को “कठपुतली शासन” और अमेरिका के सहयोगी के रूप में शत्रुतापूर्ण माना है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका और क्यूबा:
- शीत युद्ध के दौरान, विशेष रूप से 1960 के दशक में, अमेरिका ने क्यूबा को शत्रुतापूर्ण देश माना, खासकर क्यूबा मिसाइल संकट के बाद। अमेरिका ने क्यूबा पर दशकों तक आर्थिक प्रतिबंध लगाए, और क्यूबा ने अमेरिका को “साम्राज्यवादी दुश्मन” करार दिया। हालाँकि हाल के वर्षों में संबंधों में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन तनाव बना हुआ है।
- इजरायल और कुछ अरब देश:
- इजरायल और कई अरब देशों (जैसे सीरिया, लेबनान) ने ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे को शत्रु माना है, खासकर अरब-इजरायल युद्धों (1948, 1967, 1973) के बाद। सीरिया और इजरायल के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं, और दोनों एक-दूसरे को शत्रुतापूर्ण मानते हैं। हालांकि, हाल के अब्राहम समझौतों के बाद कुछ अरब देशों (जैसे UAE, बहरीन) ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए हैं।
- ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका:
- 1979 की ईरानी क्रांति के बाद, ईरान और अमेरिका के बीच संबंध शत्रुतापूर्ण हो गए। ईरान अमेरिका को “महान शैतान” कहता है, और अमेरिका ने ईरान को “आतंकवाद का प्रायोजक” करार दिया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर प्रतिबंध लगाए हैं, और उनकी नीतियाँ शत्रुतापूर्ण हैं।
- भारत और पाकिस्तान:
- हालाँकि भारत ने पाकिस्तान को औपचारिक रूप से “दुश्मन देश” घोषित नहीं किया है, दोनों देशों के बीच 1947 के विभाजन, कश्मीर विवाद और कई युद्धों (1947, 1965, 1971, 1999) के कारण तनाव रहा है। पाकिस्तान ने कई बार भारत को शत्रुतापूर्ण भाषा में संबोधित किया है, और भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया है। दोनों देशों की सैन्य और खुफिया नीतियाँ एक-दूसरे को खतरे के रूप में देखती हैं।
- रूस और यूक्रेन:
- 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे और 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद, यूक्रेन ने रूस को स्पष्ट रूप से शत्रु देश माना। रूस भी यूक्रेन को “नाजी शासन” जैसे शब्दों से संबोधित करता है। दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है, जो शत्रुता का स्पष्ट उदाहरण है।
- जापान और उत्तर कोरिया:
- उत्तर कोरिया ने जापान को ऐतिहासिक और सामरिक कारणों से शत्रुतापूर्ण माना है, विशेष रूप से जापान के कोरियाई प्रायद्वीप पर औपनिवेशिक शासन (1910-1945) के कारण। जापान भी उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों और परमाणु कार्यक्रम को खतरे के रूप में देखता है।
ऐतिहासिक उदाहरण
- द्वितीय विश्व युद्ध: इस दौरान मित्र राष्ट्रों (Allied Powers) ने जर्मनी, इटली और जापान को “दुश्मन देश” माना। संयुक्त राष्ट्र चार्टर में भी “दुश्मन देश” का उल्लेख है, जो WWII के संदर्भ में उन देशों को संदर्भित करता है जो मित्र राष्ट्रों के खिलाफ थे।
- शीत युद्ध: अमेरिका और सोवियत संघ ने एक-दूसरे को वैचारिक और सैन्य रूप से शत्रु माना, हालांकि औपचारिक “दुश्मन देश” घोषणा नहीं हुई।

