Homeपुस्तक चर्चाशिक्षा मंत्री दिलवर ने किया हाड़ौती-दर्शन पुस्तक का लोकार्पण

शिक्षा मंत्री दिलवर ने किया हाड़ौती-दर्शन पुस्तक का लोकार्पण

कोटा ।  हाड़ौती के इतिहासकार ललित शर्मा की 17वीं इतिहास शोध पुस्तक ‘‘हाड़ौती-दर्शन’’ का लोकार्पण शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 14 जून, शनिवार की रात कोटा के मदर टेरेसा विद्यालय में किया।
समारोह में मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि आज का समय इतिहास और पुरातत्त्व को सरल भाषा शैली में लिखने का है जो सुगम और बोधगम्य होकर विद्यालयी बालको और आम पाठकों की समझ में आ सकें। उन्होंने कहा कि हाड़ौती के इतिहास और पर्यटन व दर्शनीय स्थलों की ऐतिहासिक जानकारी वाली इस पुस्तक से इस पूरे संभाग के लोग अपनी संस्कृति विरासत और गौरवशाली इतिहास को आसानी से समझ सकेगें।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे जय मीनेष आदिवासी विश्वविद्यालय कोटा के कुलपति प्रो. डी.पी. तिवारी (देवीप्रसाद तिवारी) ने कहा कि इतिहास लेखन तभी सफल और प्रमाणिक माना जाता है जब उसे बगैर लोभ, लालच व बगैर विद्वेष तथा बगैर मोह की भावना से लिखा जाये और हाड़ौती दर्शन पुस्तक में इसी लेखन का गम्भीर भाव देखने को मिलता हे। उन्होंने कहां कि हाड़ौती प्रदेश का प्राचीन सांस्कृतिक इतिहास बड़ा समृद्ध है और इसे राष्ट्रस्तर पर उजागर करने के लिए निरन्तर भारतीय इतिहासकारों में गम्भीर चर्चा होना आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि मदर टेरेसा स्कूल के निदेशक योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि हाड़ौती की सांस्कृतिक परम्परा को आज के बदलते परिवेश में स्थापित करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होगें। विशिष्ट अतिथि कवि एवं साहित्यकार जितेन्द्र निर्मोही ने कहा कि हाड़ौती के इतिहास के साथ यहां की लोक परम्परा और लोक साहित्य को भी देशभर में प्रसारित करने की महती आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि पत्रकार पुरूषोत्तम पंचोली ने कहा कि आज के मोबाईल युग में व्यक्ति और नवीन पीढ़ी उससे ग्रसित होकर अपने स्थानीय संस्कृति से दूर होती जा रही है और ऐसी स्थानीय पुस्तकों के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर अपने क्षैत्र की सांस्कृतिक धरोहर को जानकर अपने ज्ञान में वृृद्धि कर सकती है।
समारोह में पुस्तक लेखक इतिहासकार ललित शर्मा ने कहा कि ऐसे क्षैत्रीय इतिहास  लेखन से ही प्रदेश और देश का इतिहास समूह होता है और ऐसी पुस्तक से छोटी-छोटी जानकारी भी समक्ष में आकर उजागर होता हैं जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पुस्तक की सविस्तार जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में हाड़ौती के इतिहास के साथ-साथ यहां के दुर्ग, महल, संग्रहालय, मन्दिर, चित्र परम्परा, शिलालेख, मूर्तिकला तथा पर्यटन स्थलों पर विस्तार से जानकारी दी गई है।
समारोह में कोटा इन्टेक के कन्वीनर निखिलेश सेठी, कोटा सहकारी बैंक के प्रबन्ध निदेशक बलविन्दर सिंह गिल, साहित्यकार प्रो. विवेक मिश्र, पर्यटन विकास समिति के संयोजक ओम पाठक, बारां के इतिहासविद् राकेश शर्मा, हंसराज नागर, ओम शर्मा, बूंदी के साहित्यकार रामस्वरूप मूंदड़ा, कोटा की इतिहासविद् डॉ. मुक्ति पाराशर, कोटा के कवि एवं साहित्यकार मुकुट मणिराज, रामेश्वर शर्मा, रम्मू भईया, भगवती प्रसाद गौतम, दिव्य भारती प्रहरी संस्था कोटा के सचिव दीपक शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया इस अवसर पर भारत विकास परिषद् के सदस्य और रचनाकार उपस्थित थे। समारोह का संचालन कवि नहुष व्यास ने किया और आभार गायत्री शर्मा झालावाड़ ने ज्ञापित किया। अन्त में गुजरात हादसे में मृतकों की आत्म शान्ति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अपिर्त की गई।
ललित शर्मा, इतिहासकार
मोबा. 9079087965
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