प्रिय नित अंगुली कीजिए,मार्निंग हो या नून
मिलता सबको अप्रतिम सुख,खिलते नवल प्रसून ।।
मिलता सबको अप्रतिम सुख,खिलते नवल प्रसून ।।
आज मैं यह कैसी विधा पर चर्चा करने जा रहा हूं जिसे अंगुलीकरण की विधा कहा जा सकता है।
यह विधा न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं वरन् अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली विधा है।
इस विधा का अब तक कोई दस्तावेजी प्रमाण तो नहीं है परंतु आम जिंदगी से कन्वेंशनल और न्यू मीडिया के माध्यम से सनसनी फैलाने वाली विधा है। इसलिए हम चर्चा कर रहे हैं।
तो चलिए हम करते हैं अंगुलीकरण विधा पर एक रोचक वार्ता तो कृपया अपनी पेटी बांध लीजिए। और एक विद्यार्थी की तरह हमारी बातें सुनिए समझिए और स्वयं का परीक्षण कीजिए कि आप कहां हैं इस विधा में कितने पारंगत हैं…..
तो चलिए हम करते हैं अंगुलीकरण विधा पर एक रोचक वार्ता तो कृपया अपनी पेटी बांध लीजिए। और एक विद्यार्थी की तरह हमारी बातें सुनिए समझिए और स्वयं का परीक्षण कीजिए कि आप कहां हैं इस विधा में कितने पारंगत हैं…..
हमें हर मामले में उंगली करने में महारत हासिल है। अंगुली करने में हम भारत वालों की कोई तोड़ नहीं। हमें हर मुद्दे में उंगली करने में मज़ा आता है—ये सब हमने कृष्ण जी से सीखा। उन्होंने गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाया, और हमने उनकी तर्ज़ पर हर मामले को उंगली पर उठाना शुरू कर दिया।
मेरे बारे में आप कम ही जानते हैं, पर उंगली करने के संदर्भ में बात हो तो आप सबसे आगे कूद पड़ेंगे।
आपकी अनावश्यक एंट्री पर कोई पूछेगा तो आप साफ कह दोगे – “बस मौज ले रहा था।”
अंगुली करने की वृत्ति पर शोध करो या ब्रह्म की खोज—बस एक ही आवाज़ गूंजती है, “नयाति-नयाति” यानी “नेति-नेति।”
तो अब जान लिया न , जो आपको सीखना है वो सब उंगली कर-कर के सीखा जा सकता है।
मेरे बारे में आप कम ही जानते हैं, पर उंगली करने के संदर्भ में बात हो तो आप सबसे आगे कूद पड़ेंगे।
आपकी अनावश्यक एंट्री पर कोई पूछेगा तो आप साफ कह दोगे – “बस मौज ले रहा था।”
अंगुली करने की वृत्ति पर शोध करो या ब्रह्म की खोज—बस एक ही आवाज़ गूंजती है, “नयाति-नयाति” यानी “नेति-नेति।”
तो अब जान लिया न , जो आपको सीखना है वो सब उंगली कर-कर के सीखा जा सकता है।
मैंने तो कीबोर्ड पर उंगली कर करके कंप्यूटर सीख लिया, अब तो डिजिटल अघोरी बन चुका हूं ।
पर एक बात है कि मेरी उंगली को आज तक कुछ नहीं हुआ—हाँ, कंप्यूटर फोन, रिश्ते नाते, दोस्ती मैं जरूर बिगाड़ा हुआ है।
पर एक बात है कि मेरी उंगली को आज तक कुछ नहीं हुआ—हाँ, कंप्यूटर फोन, रिश्ते नाते, दोस्ती मैं जरूर बिगाड़ा हुआ है।
शिक्षा यही कि चाहे जितनी उंगली करो, उंगली का एक बाल भी बांका नहीं होगा। इतिहास गवाह है—कृष्ण जी की उंगली ने इंद्र की बोलती बंद कर दी, उनकी उंगली को कुछ हुआ क्या?
बीमार ने मनुष्य को बना कर उंगलियों को ऐसा अभयदान दिया कि कुछ भी कर लो, अंगुली का रत्ती भर नुकसान नहीं होगा।
आज देखो, कितने लोग उंगली उठाकर जीवन यापन कर रहे हैं।
आज देखो, कितने लोग उंगली उठाकर जीवन यापन कर रहे हैं।
टीवी चैनल वाले उंगली दिखा-दिखा कर आपकी हालत खराब करते हैं, आप इनकी उंगली पर उंगली नहीं उठा सकते।
कुछ करना ही है तो अपने ही कानों में उंगली डाल लीजिए।
कुछ करना ही है तो अपने ही कानों में उंगली डाल लीजिए।
सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े धुरंधर उंगलीबाजी में बिज़ी हैं। स्टेडियम किंग्स में महारथी देर रात तक उंगली का खेल खेलते हैं। जित्तू भैया, तुमने तो बड़े-बड़े उंगलीबाजों को धंधे पर लगा दिया। एक उंगली से एम्पायर खिलाड़ी को आउट कर देता है। बिपाशा बसु से लेकर उर्फी ज़ावेद तक कम कपड़े पहनकर उंगली उठा उठा कर नाचती हैं —इनके दीवाने भी थिरकते हैं, उधर संस्कारी बूढ़े कम कपड़े पहनने पर उंगली उठाकर कोसते तो हैं, पर डांस पूरा देखते हैं।
सड़क से सदनों तक यहां तक कि यू एन सहित पूरे विश्व के कई गठबंधनों जैसे यूरोपीय यूनियन, सार्क, आदि में कोई न कोई उंगली करू होता ही है।
यू एन में तो आज़ादी के बाद से ही पाकिस्तान कश्मीर को लेकर जब तब उंगली करता रहता है। बावजूद इसके कि हमने उसका पश्चिम हिस्सा काट दिया पर सब उंगली उठाने की आदत गई नहीं उसकी।
खैर छोड़ो अंगुली अनंत अंगुली की कथा अनंता….!
यू एन में तो आज़ादी के बाद से ही पाकिस्तान कश्मीर को लेकर जब तब उंगली करता रहता है। बावजूद इसके कि हमने उसका पश्चिम हिस्सा काट दिया पर सब उंगली उठाने की आदत गई नहीं उसकी।
खैर छोड़ो अंगुली अनंत अंगुली की कथा अनंता….!

