कोटा / कोटा के हिंदी-राजस्थानी के युवा कवि और लेखक ओम नागर को जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय,जोधपुर एवं महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केंद्र, मेहरानगढ़ की ओर से राजस्थानी भाषा की उत्कृष्ट सेवा के लिए 2025 का मायड़ भाषा सेवा सम्मान प्रदान किया गया। राजस्थान दिवस और विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभाग के 50 वें स्थापना दिवस पर स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में आयोजित ‘ उजास उच्छब ‘ महोत्सव में यह सम्मान अर्पित किया गया। इस अवसर पर समारोह के अध्यक्ष कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने की। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध राजस्थानी कवि-नाटककार डॉ. अर्जुनदेव चारण थे।
राजस्थानी विभाग के अध्यक्ष डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस अवसर पर राजस्थानी भाषा-साहित्य में योगदान देने दस साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा समारोह में डॉ. ओम नागर की कोरोना काल पर लिखी महत्वपूर्ण पुस्तक ‘ राजस्थानी लॉकडाउन डायरी ‘ मड़ाई ‘ का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। इस
डायरी विधा की पुस्तक मड़ाई में कोरोना समय के यथार्थ के साथ ही मनुष्यता को बचाएँ रखने संकल्प का जीवंत चित्रण लेखक ने किया है। ओम नागर की यह कृति मातृ भाषा राजस्थानी के साहित्य में अपनी अलग ही जगह बनाएंगी। जिसमें निराशा और हताशा के दौर में उम्मीद और मनुष्य की जीजिविषा की अनेक सजीव छवियाँ उभरती है।
डॉ. राजपुरोहित ने कहा कि दो दिवसीय समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के दस राजस्थानी लेखकों को भी सम्मानित किया गया। मधु आचार्य,डॉ. मदन सैनी, डॉ. सत्यनारायण सोनी, डॉ. मंगत बादल, डॉ. मदन गोपाल लढा, डॉ. लक्ष्मीकांत व्यास, डॉ. राजेश कुमार व्यास, डॉ. सुरेश सालवी आदि को प्रदान किया गया। साथ ही विविध सत्रों में राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति पर विचार विमर्श हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में राजस्थानी कवि और साहित्यकारों ने भाग लिया। राजस्थानी काव्य गोष्ठी में कोटा के युवा कवि कुलदीप विद्यार्थी ने अपनी कविताओं का पाठ भी किया।
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