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तमिल ब्राह्णण अरविंद श्रीनिवासन, जिसकी तकनीक सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ हर मंसूबे को ध्वस्त कर देती है

ये हैं तमिल ब्राह्मण अरविंद श्रीनवासन। इनको कम्युनिटी को पेरियारइट मूवमेंट के बाद टारगेट पर लिया गया था। क्योंकि ये लोग पढ़ने लिखने में आगे थे। और अलग तमिल राष्ट्र के बजाय भारत में शामिल होने के पक्षधर थे।

अरविंद अमेरिका रहते हैं। वहाँ इन्होंने परप्लेक्सिटी AI का इनोवेशन किया। जिसने खूब धूम मचाई हुई । दुनिया के टॉप इनोवेटर्स इनकी प्रशंसा करते हैं। एलन मस्क कई बार इनकी प्रशंसा कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने दुनिया भर में हेवी प्रोपगंडा करना स्टार्ट किया। पर लोग वहीं रिप्लाई में परप्लेक्सिटी को टैग करके फैक्ट चेक करने को बोल दे रहे और पाकिस्तानी प्रॉपगैंडा एक्सपोज कर दे रहे हैं।

पेरप्लेक्सिटी एआई एक “समाधान  इंजन” (answer engine) है, जो उपयोगकर्ताओं के सवालों के लिए संक्षिप्त, सटीक, और विश्वसनीय उत्तर प्रदान करता है। यह पारंपरिक सर्च इंजनों से अलग है, क्योंकि यह लिंक प्रदान करने के बजाय सीधे उत्तर देता है और अपने स्रोतों का उल्लेख (citations) करता है। कंपनी का मिशन है “विश्व की सबसे ज्ञान-केंद्रित कंपनी बनना।”
अरविंद ने  पेरप्लेक्सिटी एआई की स्थापना अगस्त 2022 में हुई थी। इसका प्रमुख उत्पाद, एक AI-संचालित सर्च इंजन, 7 दिसंबर 2022 को लॉन्च हुआ।फरवरी 2023 तक, कंपनी के पास 20 लाख यूनिक विजिटर थे। अप्रैल 2024 तक, इसकी वैल्यूएशन 1 बिलियन डॉलर थी, जो दिसंबर 2024 तक 9 बिलियन डॉलर तक पहुँच गई।
अरविंद की कंपनी में लगभग 100 कर्मचारी हैं, और इसका मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में है।

पहली बार परप्लेक्सिटी ने भारत के दृष्टिकोण से इंडिया पाकिस्तान वॉर का इन्फ़ॉर्मेशन भी पूरे पश्चिमी दुनिया को दिया। पिछले सारे जंगो में ख़ुद शुरुआत कर पाकिस्तान हमें अग्रेसर बता देता था। और पूरे विश्व की मीडिया से हमपर और अपनी सरकारों पर प्रेशर बनवाता था।

 अगर भारत को एक महान राष्ट्र बनना है। सर्वोच्चता प्राप्त करनी है तो इसे जल्द से जल्द ज्ञान और योग्यता की इज़्ज़त करनी सीख लेनी चाहिए।
अरविंद श्रीनिवास का जन्म भारत के चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था। वह गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के गृहनगर से हैं और पिचाई को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। उनकी शैक्षिक और पेशेवर यात्रा असाधारण रही है, और उन्होंने AI के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

अरविंद ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और एम.टेक की दोहरी डिग्री हासिल की। हालांकि, वह कंप्यूटर साइंस में ब्रांच बदलना चाहते थे, लेकिन न्यूनतम CGPA (0.01 के अंतर से) के कारण ऐसा नहीं कर पाए। इस निराशा के बावजूद, उन्होंने स्व-शिक्षा के माध्यम से प्रोग्रामिंग, विशेष रूप से पायथन, सीखा और AI में रुचि विकसित की। उन्होंने प्रोफेसर रविंद्रन बी और प्रोफेसर मितेश खापरा के साथ मिलकर AI पर शोध किया और ICLR, AAAI, और NeurIPS जैसे शीर्ष सम्मेलनों में 9 शोध पत्र प्रकाशित किए।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले: अरविंद ने बर्कले से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी पूरी की, जहाँ उन्होंने रीइन्फोर्समेंट लर्निंग, जेनरेटिव मॉडल्स, और रिप्रेजेंटेशन लर्निंग पर काम किया।

अरविंद ने अपनी पीएचडी के दौरान डीपमाइंड (लंदन), गूगल, और ओपनएआई में रिसर्च इंटर्न के रूप में काम किया। 2021 में, वह ओपनएआई में पूर्णकालिक शोध वैज्ञानिक के रूप में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने लैंग्वेज मॉडल्स और डिफ्यूजन टेक्स्ट मॉडल्स पर काम किया।

2022 में, अरविंद ने डेनिस यारट्स (Denis Yarats), जॉनी हो (Johnny Ho), और एंडी कोनविंस्की (Andy Konwinski) के साथ मिलकर पेरप्लेक्सिटी एआई की स्थापना की।

अरविंद को 2024 में TIME की “100 Most Influential People in AI” सूची में शामिल किया गया।
उनकी कंपनी, पेरप्लेक्सिटी एआई, दिसंबर 2024 तक 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वैjonnery मूल्यांकन प्राप्त कर चुकी है।
वह सोशल मीडिया, विशेष रूप से X पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी मजेदार और आकर्षक पोस्ट्स ने उन्हें तकनीकी समुदाय में लोकप्रिय बनाया है।

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