Wednesday, March 26, 2025
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Homeपुस्तक चर्चारीता गुप्ता की कहानी कृति "वामिका" का लोकार्पण

रीता गुप्ता की कहानी कृति “वामिका” का लोकार्पण

कोटा / कोटा की साहित्यकार रीता गुप्ता के कहानी कृति वामिका का रविवार को कोटा जंक्शन क्षेत्र में समारोहपूर्वक लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि जितेंद्र निर्मोही ने वर्तमान समय को अंचल की लेखिकाओं के लिए गौरव काल बताते हुए कहा कि जन सरोकारों से जुड़े साहित्य लिखने की महती आवश्यकता है। उन्होंने कहा आसपास के परिवेश में ही कहानियां छुपी है, केवल दृष्टि की जरूरत है। मुख्य वक्ता सुमनलता शर्मा ने विस्तार से कृति की कहानियों, उनकी विषय वस्तु और महत्व पर जानकारी दी। विशिष्ठ अतिथि नागेंद्र कुमावत में कहा जितना अधिक स्वाध्याय और चिंतन होगा लेखन उतना ही मौलिक होगा। साहित्यकारों में भी पढ़ने के प्रति रुचि का अभाव है,यह मौलिक लेखन के लिए उचित नहीं कहा जा सकता।

विशिष्ठ अतिथि सूचना एवं जन संपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक और लेखक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने कहा कि लेखिका की छोटी – छोटी 41 कहानियां विभिन्न विषयों पर महिला विमर्श पर आधारित हैं और महिलाओं को जागरूक होने का संदेश देती हैं। कहानियों के कथानक हमारे आसपास के परिवेश और संदर्भों के इर्दगिर्द नजर आते हैं। विशिष्ठ अतिथि नवीन गौतम ने कहानी के प्राचीन और वर्तमान परिपेक्ष्य की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि इस अंचल में समकालीन कहानी ‌का वो तेवर दिखाई नहीं देता जैसा होना चाहिए, बाजार ने बहुत बदलाव किया है। आज कहानियों के विषय बदल गए हैं, नए दृष्टिकोण से सोचने की आवश्यकता है।
कृति की लेखिका रीता गुप्ता “रश्मि” ने कहा कि मेरे पात्र मेरे आस-पास के ही‌‌ है। समाज में आज भी नारी उत्पीड़न की स्थिति में है । कहानियां ऐसी उत्पीड़ित महिलाओं को हिम्मत से परिस्थितियों का मुकाबला करने का संदेश देती हैं। बेटी भूमिका का पुस्तक में बड़ा योगदान रहा।

अध्यक्षता करते हुए रंगीतिका संस्था की संस्थापक स्नेहलता शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा आज उन्हें भी कहानी लिखने की प्रेरणा मिली हैं। संचालन अर्चना शर्मा ने किया। अतिथियों ने मां सरस्वती को माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महेश पंचोली ने मंचासिन अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। समारोह में लेखिका रीता गुप्ता का विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मान किया गया। श्यामा शर्मा, रेणु सिंह राधे, गरिमा गौतम, डॉ. सुशीला जोशी, डॉ. शशि जैन, साधना गुप्ता, हेमराज सिंह हेम सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार और लेखिका के परिजन उपस्थित थे।

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