भुवनेश्वर। स्थानीय रवींद्रमण्डप में 25 अगस्त को सायंकाल चिंता-व-चेतना नामक संस्था के सौजन्य से 48वां तीन दिवसीय वर्षा महोत्सव संत बाबा रामनारायण दास आदि विशिष्ट मेहमानों के परम्परागत दीपप्रज्ज्वलन के साथ उद्घाटित हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ओडिशी नृत्यांगना सुजाता महापात्र के मंगलाचरण तथा ओडिशी नृत्य के साथ हुआ। गौरतलब है कि जिस वर्षा ऋतु की चर्चा कालिदास की रचनाओं में वर्णित है ठीक उसी प्रकार काली घटाओं को देखकर मोर का नृत्य करने तथा मेढकों के टर्रटर्र की आवाज के साथ प्रस्तुति देती हुई नृत्यांगना सुजाता महापात्र ने अपने अभूतपूर्व नृत्य प्रदर्शन में किया।

सम्मानित अतिथिगण में संस्था के अध्यक्ष डॉ सहदेव साहू, महासचिव सुरेन्द्र दास, सीआरपीएफ समूह केन्द्र भुवनेश्वर के डीआईजी भारतभूषण सेठी और नृत्यांगना सुजाता महापात्र आदि ने संस्था के संस्थापकों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर तथा अपने-अपने संबोधनों के माध्यम से संस्था के भगीरथ प्रयत्नों की सराहना की जिसमें पिछले लगभग 488 सालों से चिंता-व-चेतना ने ओड़िशी नृत्य को बचाकर जो रखा है उसकी सराहना के साथ-साथ नवोदित कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने जैसे संस्था के सहयोग की बात शामिल थी। अवसर पर अनेक कलाकारों ने भी अपने-अपने करतब आदि की प्रस्तुति दी।

