Homeमन की बातभागवत कथा के नाम पर तमाशा

भागवत कथा के नाम पर तमाशा

इटावा का मामला क्या है :-

यादव कथावाचक वाली घटना इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के दादरपुर गांव की है, जहां 21 जून को एक भागवत कथा का आयोजन किया गया था।

कार्यक्रम में कथावाचक मुकुट मणि यादव और आचार्य संत सिंह यादव कथा वाचन कर रहे थे। इनका कथा वाचन कथा कम हास्य और फूहड़ नौटंकी ज्यादा लग रही थी। कथावाचक हेमराज यादव को जरा उनके वीडियो में सुनिए, देखिए कैसे कथा के नाम पर व्यास पीठ की गरिमा पर बट्टा लगा रहे हैं। भगवा पहने हैं, गले में रामनामी दुपट्टा लगाए हैं। जैसे कथा नहीं नौटंकी चल रही हो

कथा कोई भी कहे लेकिन गरिमा के साथ। बेहतर यही होगा जो व्यास पीठ पर बैठने का अधिकारी हो, जिसे शास्त्र का ज्ञान हो, जो मर्यादा में रह सके, वह कहे।

भागवत कथा के दौरान जमकर विवाद हो गया था। कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथी संत कुमार यादव के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। मारपीट के बाद संत यादव का सिर भी मुड़वा दिया गया था।

आयोजन के दौरान कुछ ग्रामीण युवकों ने कथावाचकों की जाति और आचरण को लेकर आपत्ति जताई। आरोप लगाया गया कि इन्होंने जाति छिपाकर कथा कही और महिला से छेड़खानी कीआचार्यों ने महिलाओं के साथ अशिष्टता भी की।

कथावाचकों ने स्वयं को ब्राह्मण बताकर कथा का आयोजन कराया, जबकि वह अन्य जाति से हैं। इसी विवाद ने तूल पकड़ा और कुछ लोगों ने कथावाचकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। उनकी इच्छा के विरुद्ध उनके बाल भी काट दिए गए। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो किसी ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सेल ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया और मामले की जांच शुरू की। पीड़ित कथावाचकों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों आशीष (21 वर्ष), उत्तम (19 वर्ष), प्रथम उर्फ मनु (24 वर्ष) और निक्की (30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। इनमें निक्की पर कथावाचकों के बाल जबरन काटने का मुख्य आरोप है।

इस मामले पर सियासत भी तेज है।

अखिलेश यादव ने इस मामले में शास्त्र सम्मत बातों को नजरंदाज करते हुए ब्राह्मण समुदाय को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कथाकारों को सम्मानित करते हुए बीस-बीस हजार रुपए का इनाम भी दिया है। सपा पीडीए के लोग योगी सरकार पर हमले बोल रहे हैं तो वहीं बीजेपी के लोग अखिलेश यादव पर हमलावर हैं।

जब यजमान की पत्नी ने अशिष्टता की शिकायत की तो कथाकारों के पास दो-दो आधार कार्ड मिले, जिसे अपनी सुविधा के अनुसार बदल कर वे अपने काम को अंजाम देते थे। प्रशासन के संज्ञान में आते ही इन पर मुकदमे दर्ज हो गए और ये लोग भूमिगत होकर भागते फिर रहे हैं।


भागवत शास्त्र में कथाकार के गुण

गीता प्रेस, गोरखपुर से प्रकाशित श्रीमद्भागवत के भाग 1 के महात्म्य भागवत पुराण की महिमा के छठे अध्याय के 20 से 23वें श्लोक में कथाकार के गुण और चरित्र को स्पष्ट रूप से लिखा गया है:

श्लोक 20:

विरक्तो वैष्णवो विप्रो वेदशास्त्रविशुद्धिकृत्। दृष्टान्तकुशलो धीरो वक्ता कार्योऽतिनिःस्पृहः ॥

(व्यास पीठ पर बैठने वाला विरक्त वैष्णव ब्राह्मण हो, जिसे वेद-शास्त्र का ज्ञान, दृष्टांत देने की क्षमता हो और जो निःस्पृह हो)

श्लोक 21:

अनेकधर्मविभ्रान्ताः स्त्रैणाः पाखण्डवादिनः। शुकशास्त्रकथोच्चारे त्याज्यास्ते यदि पण्डिताः ॥

(जो धर्म से भ्रमित, स्त्रैण, पाखण्डी हों, वे कथावाचन के अयोग्य होते हैं)

श्लोक 22:

वक्तुः पार्श्वे सहायार्थमन्यः स्थाप्यस्तथाविधः । पण्डितः संशयच्छेत्ता लोकबोधनतत्परः ॥

(एक योग्य सहायक पण्डित भी साथ होना चाहिए, जो संशयों का समाधान कर सके)

श्लोक 23:

वक्त्रा क्षौरं प्रकर्तव्यं दिनादर्वाग्वताप्तये। अरुणोदयेऽसौ निर्वर्त्य शौचं स्नानं समाचरेत् ॥

(वक्ता को कथा के पूर्व मुंडन कर स्नान आदि से पवित्र होकर कथा आरंभ करनी चाहिए)

इटावा के कथाकार इन सभी कसौटियों पर विफल रहे। अनाधिकार चेष्टा कर व्यास पीठ की मर्यादा का उल्लंघन किया।


सरकार की कार्रवाई

प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और शांति भंग करने वालों की गिरफ्तारी से यह संदेश दिया है कि धार्मिक असंतुलन फैलाने वाले किसी भी पक्ष को बख्शा नहीं जाएगा।


लेखक परिचय:

लेखक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में सहायक पुस्तकालय एवं सूचनाधिकारी पद से सेवामुक्त हुए हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के बस्ती नगर में निवास करते हुए सम-सामयिक विषयों, साहित्य, इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति और अध्यात्म पर लेखन करते हैं।
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