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यमन में खौफनाक मौत का इंतजार कर रही है भारतीय नर्स निमिषा प्रिया

केरल की नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई 2025 को यमन में मौत की सजा दी जाएगी। उन पर यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप है।
यमन की कोर्ट ने निमिषा को 2020 में मौत की सजा सुनाई थी। निमिषा प्रिया की आखिरी अपील को 2023 में यमन की सबसे बड़ी अदालत ने भी खारिज कर दिया था।

इस मामले में केंद्र सरकार से राजनयिक हस्तक्षेप की माँग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 14 जुलाई 2025 की तारीख तय की है। निमिषा प्रिया इस समय यमन की राजधानी सना की सेंट्रल जेल में बंद हैं।

यमन में मौत की सजा गोली मारकर दी जाती है। यह तरीका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसमें जिस व्यक्ति को सजा दी जानी होती है, उसे जमीन पर पेट के बल लेटाया जाता है और फिर कंबल से ढक दिया जाता है।
एक डॉक्टर पीछे से दिल के चारों ओर निशाना बनाता है, जहाँ गोली मारी जाती है। इसके बाद एक व्यक्ति ऑटोमैटिक राइफल से दिल में तीन-चार गोलियाँ मारता है।

यमन में मौत की सजा खुले में या निजी तौर पर भी दी जा सकती है। हालाँकि, पथराव या सिर कलम करने जैसे पुराने तरीके अब यमन में इस्तेमाल नहीं किए जाते हैं।


‘ब्लड मनी’ क्या है?

इस्लामी कानून के मुताबिक, हत्या के मामलों में सजा के 2 विकल्प हैं – किसास और दिया।

  • किसास का मतलब ‘जान के बदले जान’

  • और दिया यानी ब्लड मनी।

शरिया कानून में ‘दिया’ यानी ब्लड मनी ऐसा प्रावधान है जो सुलह का अवसर प्रदान करता है।

कुरान के अनुसार, माफी और ब्लड मनी को न्याय और दया का माध्यम बताया गया है।

कुरान की सूरह अल-बकरा, आयत 178 में उल्लेख है:
“मगर यदि हत्यारे को पीड़ित के संरक्षक द्वारा क्षमा कर दिया जाए, तो ब्लड मनी को न्यायपूर्वक तय किया जाए और सम्मानपूर्वक भुगतान किया जाए। यह तुम्हारे पालनहार की ओर से एक दया और सुविधा है।”


निमिषा प्रिया के मामले में ‘ब्लड मनी’ पर सहमति क्यों नहीं बनी

यमन और कई अन्य इस्लामी देशों में ब्लड मनी का भुगतान परिवारों के बीच आपसी सहमति से तय होता है।
निमिषा प्रिया को बचाने के लिए उनके परिवार और कुछ संगठन ब्लड मनी इकट्ठा कर रहे हैं। वे मृतक तलाल के परिवार को पैसा देकर निमिषा को माफ करवाने की कोशिश कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, ब्लड मनी कारगर नहीं हो पा रही है क्योंकि, मृतक तलाल के परिवार ने अभी तक पैसा लेने पर सहमति नहीं जताई है।
बता दें, कि बल्ड मनी की रकम 8 करोड़ हैं।

रकम के साथ मृतक तलाल के परिवार को एजुकेशन, मेडिकल के साथ कई अन्य सहयोग देने का भरोसा जताया है। लेकिन पीड़ित के परिवार ने पेशकश ठुकरा दी है।


निमिषा प्रिया पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में एक यमनी नागरिक ‘तलाल अब्दो महदी’ को नशीला इंजेक्शन दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हालाँकि, निमिषा का कहना है कि तलाल के पास उनका पासपोर्ट था, जो वापस लेना चाहती थीं और उन्होंने उसे सिर्फ बेहोश करने की कोशिश की थी, मारने की नहीं।

मृतक तलाल के शव को टुकड़े-टुकड़े करके पानी की टंकी में डालने का भी आरोप है।

यमन की कोर्ट ने निमिषा को 2020 में मौत की सजा सुनाई थी। निमिषा प्रिया की आखिरी अपील को 2023 में यमन की सबसे बड़ी अदालत ने खारिज कर दिया था।

इसके बाद, जनवरी 2024 में यमन के हूती विद्रोहियों की सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल ने भी उन्हें मौत की सजा देने की मंजूरी दे दी है।


साभार: https://hindi.opindia.com/

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