कोटा / बच्चों को बाल साहित्य से जोड़ने के लिए हाड़ौती में चलाए जा रहे मिशन बाल मन तक में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केशोपुरा सेक्टर 6 के की प्रधानाध्यापिका डॉ. वैदेही गौतम के नवाचार के तहत विभिन्न कक्षाओं के 80 बच्चों रूचि पूर्वक नाना – नानी, दादा – दादी से सुनी कहानियां लिखी हैं और यह कर्म जारी है।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चे ही इन कहानियों की एक हस्तलिखित पुस्तक तैयार करेंगे जिसके विमोचन का कार्यक्रम बच्चों द्वारा करवाया जाएगा। बच्चें ही कार्यक्रम का संचालन करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए उप प्रधानाध्यापिका को नोडल शिक्षक बनाया गया है।
यह जानकारी डॉ. वैदेही ने पिछले दिनों उनके विद्यालय में आयोजित बाल मन तक कार्यक्रम ने दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को बाल साहित्य से जोड़ने के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जा रही है।
कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल द्वारा 200 बच्चों की उपस्थिति में बाल कविताओं और कहानियों की पुस्तक भेंट की गई। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए बाल साहित्य का महत्व बताते हुए उन्हें बाल साहित्य पढ़ने और स्वरचित कहानी और कविताएं लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा स्वरचित कविता और कहानियां लिखने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रधानाध्यापिका डॉ. वैदेही गौतम ने अपने उद्बोधन में बताया कि हम सब का प्रयास है कि बच्चें मोबाइल की लत को कम करें और बाल साहित्य से जुड़े। गत वर्ष भी इस दिशा में प्रयास किए गए थे और इस वर्ष भी किए जा रहे हैं। आशा है इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक अच्छा काम होगा और बच्चों में बाल साहित्य के प्रति रुचि विकसित होगी। विद्यालय इसके लिए प्रतिबद्ध हो कर कार्य कर रहा है।

