भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए, संस्कृति मंत्रालय ने राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (National Mission on Cultural Mapping – NMCM) की स्थापना की है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) द्वारा कार्यान्वित इस मिशन का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की इसकी क्षमता का दस्तावेजीकरण करना है।
‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के एक भाग के रूप में NMCM ने जून 2023 में मेरा गाँव मेरी धरोहर (MGMD) पोर्टल
🔗 https://mgmd.gov.in शुरू किया।
इस पहल का उद्देश्य भारत के 6.5 लाख गाँवों की सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करना है।
वर्तमान में 4.7 लाख गाँव अपने-अपने सांस्कृतिक पोर्टफोलियो के साथ इस पोर्टल पर लाइव हैं।
एमजीएमडी पोर्टल में मौखिक परंपराओं, मान्यताओं, रीति-रिवाजों, ऐतिहासिक महत्व, कला रूपों, पारंपरिक भोजन, प्रमुख कलाकारों, मेलों और त्योहारों, पारंपरिक परिधानों, आभूषणों और स्थानीय स्थलों सहित सांस्कृतिक तत्वों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है।
यह पोर्टल हाशिए पर पड़े समुदायों और देश भर की कम-ज्ञात परंपराओं की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को भी स्थान देता है।
एनएमसीएम, भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांस्कृतिक संपत्तियों का दस्तावेजीकरण और संवर्धन करके, इस मिशन का उद्देश्य सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
एमजीएमडी कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर में सांस्कृतिक मानचित्रण के लिए लक्षित गाँवों की कुल संख्या 6.5 लाख है।
इसमें पश्चिम बंगाल राज्य के 41,116 गाँव भी शामिल हैं।
अब तक पश्चिम बंगाल के 5,917 गाँवों का मानचित्रण किया जा चुका है और संबंधित डेटा एमजीएमडी वेब पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।
शेष 35,199 गाँव दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया में हैं।
अभी तक, तमिलनाडु सहित राज्यवार इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए कोई वित्तीय सहायता आवंटित या स्वीकृत नहीं की गई है।
वर्तमान में एमजीएमडी पोर्टल पर 4.7 लाख गाँवों का डेटा अपलोड किया जा चुका है।
यह डेटा पारंपरिक कला रूपों, अनुष्ठानों और लोक प्रदर्शनों सहित अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की पहचान और संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा।
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

