अखिल भारतीय संगीत उत्सव, 1954 से हिंदुस्तानी, कर्नाटक और लोक परंपराओं के प्रतिष्ठित कलाकारों को एक साथ लाकर भारत की संगीत प्रतिभाओं की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहा है
26 दिसंबर 2025 से 23 जनवरी 2026 तक आकाशवाणी, डीडी भारती, वेव्स ओटीटी और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश भर में यह संगीत प्रस्तुति गूंजेगी
प्रसार भारती ने संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से अपने प्रतिष्ठित वार्षिक संगीत समारोह आकाशवाणी संगीत सम्मेलन 2025 के 67वें संस्करण की घोषणा की है। यह 2 नवंबर से 29 नवंबर 2025 तक देश भर के 24 केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा।
वर्ष 1954 में अपनी शुरुआत से ही आकाशवाणी संगीत सम्मेलन भारत की सबसे स्थायी और सम्मानित सांस्कृतिक परंपराओं में से एक रहा है। हिंदुस्तानी, कर्नाटक और सुगम एवं लोक संगीत की बेहतरीन विधाओं को देश भर के संगीत प्रेमियों तक पहुँचाने के लिए स्थापित, इस सम्मेलन ने भारत की समृद्ध संगीत विरासत को संरक्षित, प्रचारित और लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस लोकप्रिय परंपरा का सभी कलाकार और श्रोता हर साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह सम्मेलन प्रख्यात और उभरते संगीतकारों, दोनों के लिए एक प्रतिष्ठित मंच बना हुआ है, जो उन्हें राष्ट्रीय पहचान और सम्मान प्रदान करता है।
प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कोविड–19 महामारी के कारण थोड़े समय के व्यवधान के बाद, यह भव्य उत्सव इस वर्ष नए जोश के साथ लौट रहा है। 2025 के संस्करण में प्रत्येक स्थल पर दो संगीत कार्यक्रम होंगे, एक भारतीय शास्त्रीय संगीत (गायन/वाद्य) और दूसरा सुगम/लोक संगीत के लिए समर्पित होगा। उल्लेखनीय है कि पणजी और शिलांग में विशेष रूप से पश्चिमी शास्त्रीय संगीत प्रस्तुतियाँ होंगी, जो भारत की क्षेत्रीय संगीत विविधता को दर्शाती हैं।
उद्घाटन दिवस संगीत कार्यक्रम 2 नवंबर 2025 को दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में आमंत्रित दर्शकों के समक्ष आयोजित किए जाएँगे। इसके बाद 8 नवंबर को उदयपुर, तिरुवनंतपुरम और कटक में संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जो 29 नवंबर तक धारवाड़, हैदराबाद और जालंधर में जारी रहेंगे।
सभी संगीत कार्यक्रमों में जनता के लिए प्रवेश निःशुल्क है। निमंत्रण पत्र संबंधित आकाशवाणी केंद्रों से पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्राप्त किए जा सकते हैं।
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएँ
● एक शाश्वत परंपरा का 67वाँ वर्ष – 1954 से संगीत उत्कृष्टता की वि
● दोहरा संगीत कार्यक्रम प्रारू
● प्रतिष्ठित कलाकारों की भागी
● संगीत कार्यक्रमों के बाद, प्
· यह संगीत प्रस्तुति विभिन्न प्ले
रागम चैनल (डीटीएच)
डीडी भारती
रागम यूट्यूब चैनल
वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म
न्यूज़ऑनएआईआर ऐप
आकाशवाणी संगीत सम्मेलन – 2025
चुनिंदा कलाकार – तिथि–वार अनुसूची
2 नवंबर 2025
• दिल्ली : पं. राकेश चौरसिया (
• मुंबई : पं. वेंकटेश कुमार (गा
• चेन्नई : पुष्पवनम श्री कुप्
8 नवंबर 2025
• उदयपुर : मो. अमान खान (गायक)
• तिरुवनंतपुरम: कुदामलूरमुरली
• कटक : प्रदीप्ता शेखर महापात्
9 नवंबर 2025
• पुणे : विदुषी ज्योति हेगड़े
• पणजी : देबसंकर रॉय और ज्योति
15-16 नवंबर 2025
• कोलकाता : पं. आशिम चौधरी (सि
15-16 नवंबर 2025
• तिरुचिरापल्ली : श्रीमती विशा
• भोपाल : पं. संतोष नाहर (वा
• वाराणसी : श्री शुभंकर डे (ख्
• लखनऊ : पं. धर्मनाथ मिश्र (ठु
• विजयवाड़ा : विदुषी कोल्लुरु
21 नवंबर 2025
• जयपुर : पं. विश्वमोहन भट्ट (
22 नवंबर 2025
• बेंगलुरु : बेंगलुरु ब्रदर्स
• गुवाहाटी : श्री मनोज बरुआ (वा
23 नवंबर 2025
• मैसूर : डॉ. सहाना एसवी (वीणा
• अहमदाबाद : पं. महेंद्र टोके
27 नवंबर 2025
• शिलांग: ना रिमपेई (बैंड), सु
• पटना : स्मित तिवारी (सरोद),
29 नवंबर 2025
• धारवाड़ : पं. भीमन्ना जाधव (
• हैदराबाद : विदवान श्री डी.वी
• जालंधर : भाई गुरुमीत सिंह शां

