कोटा / बाल साहित्यकार डॉ. युगल सिंह को भोपाल में ” तारा पांडेय स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। राजस्थान के साहित्य जगत के लिए खुशी की बात है कि कोटा की बाल साहित्यकार डॉ. युगल सिंह को उनकी बाल साहित्य कृति “हाड़ौती अंचल का बाल साहित्य उद्भव एवं विकास” के लिए आरणी चैरिटेबल ट्रस्ट भोपाल द्वारा आयोजित समारोह में दुष्यंत पांडुलिपि स्मारक संस्थान भोपाल में द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. नागेश पांडेय संजय शहाजहांबाद और समारोह के अध्यक्ष मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी भोपाल के निदेशक डॉ.विकास दवे के साथ मीनू पाण्डेय ने डॉक्टर युगल सिंह को उक्त सम्मान और पुरस्कार से सम्मानित किया।
डॉ. युगल सिंह ने बताया कि प्रस्तुत पुस्तक में हाड़ौती अंचल में बाल साहित्य का उद्भव एवं विकास क्रम ,प्रमुख बाल साहित्य रचनाकार उनका व्यक्तित्व ,कृतित्व, सभी की रचनाओं के नाम ,रचनाओं पर विस्तृत जानकारी एवं समीक्षाएं लिखीं गई हैं। सभी बाल साहित्यकारों का जीवन परिचय ,सम्मान ,पुरस्कार, विशेष उपलब्धियां आदि का विवरण भी कृति में समाविष्ट किया गया है। हाड़ौती अंचल के बाल साहित्य में कविता, कहानी ,उपन्यास, नाटक ,आत्मकथा ,अनुवाद, आलोचना, समीक्षाएं , बाल पत्र पत्रिकाओं का योगदान आदि का विस्तृत वर्णन है। पुस्तक में हाड़ौती अंचल के 45 रचनाकारों को शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इनके द्वारा इसी विषय पर डॉ.गीता सक्सेना के निर्देशन पीएच.डी. की गई है । साहित्यकार जितेंद्र निर्मोही का इस में सहयोग प्राप्त हुआ है। इस कृति का लोकार्पण कोटा में आगामी माह किया जाएगा।
प्रेषकः डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, कोटा से

