कोटा / राष्ट्रीय स्तर पर सृजनात्मक चेतना को समर्पित संस्था कादम्बरी जबलपुर मध्य प्रदेश द्वारा सेठ गोविंददास प्रेक्षा ग्रह में आयोजित आखिल भारतीय साहित्यकार सम्मान समारोह – 2025 में कोटा राजस्थान के कथाकार एवं समीक्षक विजय जोशी को उनके समग्र लेखन के लिए स्व. जागेश्वर प्रसाद तिवारी सम्मान से अलंकृत करते हुए सम्मान – पत्र तथा पाँच हज़ार रुपए की सम्मान राशि भेंट कर शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कादम्बरी के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे की सारस्वत उपस्थिति में डॉ. कैलाश गुप्ता के मुख्य आतिथ्य और डॉ. कृष्ण बिहारी पाण्डेय, पूर्व कुलपति, प्रयागराज की अध्यक्षता में डॉ० अनिल गहलोत महेश दिवाकर, श्री ओम नीरव जादूगर एस.के. निगम तथा श्री अमरेन्द्र नारायण के आतिथ्य में आरम्भ समारोह का संचालन कादम्बरी के महासचिव राजेश पाठक ‘प्रवीण’ ने किया। समारोह में कोटा से डॉ. रघुराज सिंह कर्मयोगी को स्व. आशा देवी दुबे सम्मान, विजय कुमार शर्मा को स्व. हनुमान प्रसाद शर्मा सम्मान और राममोहन कौशिक को डॉ. कृष्णकांत चतुर्वेदी सम्मान से सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित कथाकार एवं समीक्षक विजय जोशी के हिन्दी और राजस्थानी में अब तक दो हिन्दी उपन्यास – चीख़ते चौबारे, रिसते हुए रिश्ते, छह हिन्दी कहानी संग्रह – ख़ामोश गलियारे, केनवास के परे, कुहासे का सफ़र, बिंधे हुए रिश्ते, सुलगता मौन, वैकुण्ठगामी एवं अन्य कहानियाँ, एक हिन्दी बाल कहानी संग्रह – बदल गया मिंकू, और चार हिन्दी कथेतर ग्रन्थ – कहानीकार प्रहलाद सिंह राठौड़ : कथ्य एवँ शिल्प, समीक्षा के पथ पर, अपने समय की बानगी : निकष पर, अनुभूति के पथ पर : जीवन की बातें, दो सम्पादित ग्रन्थ स्वतंत्रता सेनानी श्यामनारायण विजयवर्गीय : व्यक्तित्व, कृतित्व और विचार, पुरातत्वविद् रमेश वारिद : चयनित आलेख – सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक वैभव, दो राजस्थानी कहानी संग्रह- मंदर में एक दन, आसार, एक राजस्थानी अनुवाद- पुरवा की उडीक, दो राजस्थानी कथेतर ग्रन्थ – आखर निरख : पोथी परख , भावाँ की रामझोळ प्रकाशित हुए हैं। वहीं विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा तीन शोधार्थियों को पीएच.डी. तथा तीन शोधार्थियों को एम. फिल. की उपाधि प्रदान की गई है एवं इनके साहित्य का मूल्यांकन करते हुए विद्वान् साहित्यकारों के सम्पादन में चार समीक्षा ग्रन्थ प्रकाशित हुए हैं।

