डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, माइनॉरिटी कॉकस की पहली बैठक में यह जानकारी सामने आई। जो देश हर मंच पर मानवाधिकारों की दुहाई देता फिरता है, वह अपने ही संविधान में दर्ज अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को खुलेआम रौंद रहा है। बैठक में सीनेटर दानिश कुमार ने कहा कि कॉकस यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि गैर-मुस्लिमों के लिए संवैधानिक सुरक्षा को बरकरार रखा जा सके।
इस बैठक के दौरान इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की संपत्तियों उनमें में खासकर हिंदुओं और सिखों के पूजा स्थलों का रखरखाव करने में नाकाम रहने के लिए आलोचना की है। कॉकस की बैठक में माँग की गई कि इस बोर्ड का मुखिया किसी गैर-मुस्लिम को बनाया जाना चाहिए ताकि गैर-मुस्लिम समुदायों के पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
समिति ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को स्कॉलरशिप जरूर मिलनी चाहिए ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट ना आए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अंग्रेजी और उर्दू के कोर्स में जो नफरत फैलाने वाली या भेदभाव वाली बात लिखी है, तो उसे तुरंत हटाया जाए। साथ ही, धर्म से जुड़ी बातें सिर्फ उसी धर्म के विषय में पढ़ाई जाएँ और बाकी सामान्य शिक्षा में धार्मिक प्रचार न हो।

