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भारतीय सेना के सामाजिक माध्यमों पर अंग्रेजी का बोलबाला

प्रति,
राजभाषा विभाग,
गृह मंत्रालय, भारत सरकार,
नई दिल्ली।

विषय: भारतीय सेना के सामाजिक माध्यमों पर अंग्रेजी का बोलबाला, भर्ती अधिसूचनाएँ केवल अंग्रेज़ी में जारी किए जाने के संबंध में गंभीर शिकायत एवं भाषाई भेदभाव तथा राजभाषा अधिनियम के उल्लंघन के विरुद्ध अभ्यावेदन।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट (https://joinindianarmy.nic.in) पर उपलब्ध अिकांस भर्ती अधिसूचनाएँ, विशेष रूप से अधिकारी स्तर की भर्ती अधिसूचनाएँ, केवल अंग्रेज़ी भाषा में अथवा आधी-अधूरी हिन्दी में प्रकाशित की जा रही हैं अथवा हिन्दी संस्करण को केवल दिखावे के लिए 1-2 पेज में समेटा जा रहा है। यह स्थिति हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं के बोलने वाले करोड़ों नागरिकों के लिए अत्यंत असुविधाजनक और अवसरों से वंचित करने वाली है। सेना जैसी राष्ट्रीय संस्था अपनी गतिविधियों को केवल अंग्रेज़ी में सीमित करके देश की कुल जनसंख्या के मात्र 9-10 प्रतिशत नागरिकों (जो अंग्रेज़ी में पूर्णतः पारंगत हैं) तक ही पहुँचा रही है, जो स्पष्ट रूप से भाषाई भेदभाव का उदाहरण है। 2011 की जनगणना तथा अन्य सर्वेक्षणों के अनुसार, भारत में अंग्रेज़ी समझने वालों की संख्या लगभग 10 प्रतिशत है, जिसका अर्थ है कि सेना की भर्ती प्रक्रिया बहुसंख्यक भारतीयों के लिए भाषिक बाधा के कारण अप्राप्य बनी हुई है। इससे युवाओं के समान अवसर छिन रहे हैं तथा सेना में क्षेत्रीय विविधता और समावेशिता कमजोर हो रही है।

वर्तमान में भी यह प्रथा जारी है। उदाहरणस्वरूप:
– अनेक नवीनतम प्रवेश संबंधी अधिसूचनाएँ केवल अंग्रेज़ी स्वरूप में उपलब्ध हैं।

यह स्थिति निम्नलिखित कानूनी प्रावधानों का घोर उल्लंघन है:

* राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3), जो महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों (जैसे सामान्य आदेश, नियम, अधिसूचनाएँ, प्रशासनिक रिपोर्ट आदि) को हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में एकसाथ (simultaneouly) जारी करने का स्पष्ट आदेश देती है। इस धारा में केवल अंग्रेज़ी में दस्तावेज़ जारी करने की कोई अनुमति या अपवाद प्रावधान नहीं है, अतः केवल अंग्रेज़ी में जारी भर्ती अधिसूचनाएँ विधिक रूप से अवैध एवं अमान्य हैं।

* राजभाषा नियम, 1976 के नियम 2, 5, 8(1), 9, 10  व  11 , जो संघीय कार्यालयों में हिन्दी के अनिवार्य प्रयोग को सुनिश्चित करते हैं,

* भारत सरकार की “जनसंपर्क” नीति के अंतर्गत राजभाषा प्रयोग हेतु जारी सभी निर्देश, जो जनता तक सूचना की समान एवं भाषिक रूप से न्यायसंगत पहुँच सुनिश्चित करने पर जोर देते हैं।

भारतीय सेना द्वारा केवल अंग्रेज़ी में सूचना प्रसारित करना न केवल बहुसंख्यक भारतीयों के संवैधानिक अधिकारों (अनुच्छेद 343-351 के तहत राजभाषा हिन्दी की गरिमा एवं समानता का अधिकार) का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र भारत में अस्वीकार्य भाषाई उपनिवेशवाद का प्रतीक है। इससे सेना की छवि एक अभिजात्य संस्था की बन रही है, जो अनुचित है, सेना में हर वर्ग के लोग हैं फिर अंग्रेजी को प्राथमिकता व प्रधानता क्यों दी जा रही है।

आपसे सविनय अनुरोध है कि इस भाषाई भेदभाव एवं राजभाषा उल्लंघन को तत्काल समाप्त करने हेतु निम्नलिखित कार्रवाई की जाए:

1.  वेबसाइट के होमपेज पर राजभाषा को प्राथमिकता दी जाए और  भारतीय सेना को निर्देश दिए जाएँ कि सभी भर्ती अधिसूचनाएँ, दिशा-निर्देश और सूचनाएँ हिन्दी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में अनिवार्य रूप से एकसाथ जारी की जाएँ, तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में भी अनुवाद उपलब्ध कराया जाए।

2. वेबसाइट पर उपलबध सभी आवेदन, फार्म आदि को पूर्ण रूप से नियम 11 के अनुसार द्विभाषिक बनाया जाए, जिसमें पंजीकरण फॉर्म, आवेदन प्रक्रिया, दिशा-निर्देश एवं सभी सूचनाएँ हिन्दी को आगे रखते हुए द्विभाषी(डिगलॉट) प्रारूप में उपलब्ध हों, ताकि भाषिक बाधा से कोई युवा वंचित न रहे।  

3. भविष्य की सभी अधिसूचनाओं को राजभाषा नियमों के पूर्ण अनुपालन में तैयार करना अनिवार्य किया जाए। पिछली केवल-अंग्रेज़ी अधिसूचनाओं को शीघ्र हिन्दी में अनुदित कर पुनः जारी करने का निर्देश दिया जाए।

4. व्हाट्सएप, फेसबुक आदि सामाजिक माध्यमों पर सभी नवीनतम जानकारियाँ हिन्दी को प्राथमिकता देते हुए द्विभाषी रूप में जारी करने का निर्देश दें और भाषाई भेदभाव पर रोक लगाएँ।

आपके द्वारा इस गंभीर राजभाषा उल्लंघन और भाषाई भेदभाव को तत्काल संज्ञान में लेते हुए शीघ्रतम एवं ठोस कार्रवाई की अपेक्षा करता हूँ। यदि इस पर समयबद्ध कदम नहीं उठाया गया, तो मुझे उच्च न्यायालय में जनहित याचिका या अन्य उपयुक्त कानूनी मंच पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

भवदीय,
अभिषेक कुमार
ग्राम सुल्तानगंज, तहसील बेगमगंज,
जिला रायसेन, मध्यप्रदेश – 464570

प्रतिलिपि:

1. माननीय केंद्रीय रक्षा मंत्री, भारत सरकार

2. माननीय केंद्रीय गृह मंत्री, भारत सरकार

3. सचिव, संसदीय राजभाषा समिति

4. मुख्य सचिव, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार (तत्काल कार्रवाई हेतु)

5. अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग (संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं में राजभाषा अनुपालन हेतु)

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