Homeसोशल मीडिया सेएजेंडाधारी हिंदू विरोधी फिल्मों का कच्चा चिठ्ठा

एजेंडाधारी हिंदू विरोधी फिल्मों का कच्चा चिठ्ठा

अभी एक फ़िल्म आई है धुरंधर। इसमें पाकिस्तान के अपराध के संगठित प्रयास को दिखाया है। स्वयं को सेक्युलर कहने वाले बहुत अधिक परेशान हो रहें है।
इससे पहले क्या दिखाया जाता था –
टुकड़े टुकड़े का समर्थन करने वाली दीपिका पादुकोण हो या पीके का आमिर खान। शोले के सलीम जावेद हों आज के नेटफ्लिक्स के सीरियल निर्माता। सभी का एक ही एजेंडा है। फिल्म गोल्ड हाकी ओलम्पिक की भारतीय टीम के इतिहास पर आधारित थी। इसमे कोच आदि सब को सच विपरीत दिखाया गया।
फिल्म जोधा अकबर मे ऋतिक रोशन ने अकबर को महान बताया। वही अकबर जिसके कारण चीतौड़ के किले मे हजारों महिलाएं जीवित आग मे कूद गई। शोले का रहीम चाचा ( ए के हंगल) हो या जंजीर का पठान ( प्राण) सभी के सभी अल्लाह के नेक बंदे परन्तु शोले का हीरो (धर्मेन्द्र ) मन्दिर मे शिवजी की मूर्ति के पीछे खड़ा होकर  हीरोइन को उल्लू बनाता है।
कुछ उदाहरण देखिए –
1
लक्ष्मी फ़िल्म का संदेश
भूत सच में होते हैं। भूत भगाने वाले हिंदू ओझा-तांत्रिक ठग होते हैं। कुछ पंडित भूत को पहचान तो पाते हैं, लेकिन भगाने की ताकत नहीं रखते। भूत को केवल पीर बाबा ही वश में कर सकते हैं। जमजम के पानी से बड़े से बड़ा भूत भी डरता है।
और भी-
अब्दुल नाम वाले चाचा बहुत अच्छे इंसान होते हैं। कोई माँ-बाप अपनी बेटी के लिए आसिफ से अच्छा लड़का नहीं खोज सकते। (इसलिए उन्हें अब लड़का खोजने की चिंता छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि अब गली-गली में आसिफ उनकी बेटियों को खोज रहे हैं।
2
चक दे इंडिया फ़िल्म का संदेश
एक मुस्लिम कोच “तीजा तेरा रंग था मैं तो” करकर वर्ल्ड कप ले आता है। फ़िल्म में गंगा जमुनी भाईचारे को बताया गया था।
3
रंग दे बसंती फ़िल्म का संदेश
एक हिन्दू वादी कार्यकर्ता की पार्टी विमान घोटाला करती है जिससे पायलट मर जाता है। यह भी एक दृष्टिकोण बनाने का तरीका है। जिससे लगे कि केवल हिन्दू की बात करने वाला नेता ही घोटाले करता है।
4
राजी फ़िल्म का संदेश
एक मासूम लड़की को रॉ (भारतीय गुप्तचर एजेंसी) पाकिस्तान भेज देती है जहां निर्दोष ISI और आर्मी वाले अपने पति को वो मार देती है। असल मे वही पाकिस्तान की सेना उस समय 30 लाख बंगाली मार रही थी और 20 लाख महिलाओं का बलात्कारी थी।
नेटफ्लिक्स की निर्भया देखी?
पांच में से 1 आरोपी मुस्लिम अफरोज नाबालिग जिसे केजरीवाल सिलाई मशीन और 10000 दे रहा था उसे भी हिन्दू दिखा दिया गया।
नेटफ्लिक्स की ही लीला देखी?
जिसको एक काल्पनिक नगर “आर्यवर्त”(भारत का एक समय का नाम) दिखाया गया जहां एक ऐसी संस्था है जो गैर आर्य की नस्ल को मार डालती है। वही आर्य-द्रविड़ वाली थ्योरी स्थापित करने की कोशिश।
क्वांटिको
जहां प्रियंका चोपड़ा “रुद्राक्ष” देखकर आतंकी पहचानती है।
सेक्रेड गेम्स
जहां एक हिन्दू सन्त आतंकी होता है।
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