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वर्ष 2025 में पश्चिम रेल्वे की उपलब्धियाँ

मुंबई।  कैलेंडर वर्ष 2025 पश्चिम रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी वर्ष के रूप में उभरकर सामने आया। यह वर्ष राष्ट्रीय महत्व की उपलब्धियोंरिकॉर्ड अवसंरचना विकासउत्कृष्ट परिचालन प्रदर्शन तथा यात्री सुरक्षासेवा गुणवत्ताडिजिटल शासनराजस्व वृद्धि और सतत विकास पर निरंतर केंद्रित प्रयासों से परिपूर्ण रहा। वर्ष भर पश्चिम रेलवे ने व्यापक पैमाने के संचालन को सटीकता के साथविरासत को आधुनिकता के साथ तथा विकास को अनुशासन के साथ संतुलित करने की अपनी क्षमता का सशक्त प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय उपलब्धियाँ एवं ऐतिहासिक प्रथम

वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक यह रही कि पश्चिम रेलवे ने अपने संपूर्ण ब्रॉड गेज नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण प्राप्त किया। इससे पश्चिम रेलवे भारतीय रेल के पूर्णतः विद्युतीकृत रेल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मजबूती से स्थापित हुआ है तथा सतत एवं ऊर्जा-कुशल परिचालन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ हुई है।

एक अन्य प्रमुख उपलब्धि के रूप में रोलिंग स्टॉक वर्कशॉपदाहोद में लोको मैन्युफैक्चरिंग शॉप का निर्माण एवं लोकार्पण किया गयाजिसे ₹21,405 करोड़ की परियोजना लागत से विकसित किया गया है। इस अत्याधुनिक इकाई की आधारशिला माननीय प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी तथा परियोजना का कार्य वर्ष 2025 में पूर्ण किया गया। यह अत्याधुनिक संयंत्र 9000 हॉर्स पावर की विद्युत मालगाड़ी इंजनों के निर्माण हेतु डिज़ाइन किया गया हैजिससे भारतीय रेल की माल वहन क्षमता में वृद्धि होगी और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। यह संयंत्र मेक इन इंडिया” और मेक फॉर द वर्ल्ड” पहल को सशक्त समर्थन प्रदान करता हैजिसके अंतर्गत भारतीय रेल के लिए ब्रॉड गेज विद्युत लोकोमोटिव तथा निर्यात हेतु स्टैंडर्ड गेज विद्युत लोकोमोटिव का निर्माण किया जाएगा। हरित विनिर्माण सिद्धांतों पर आधारित एवं हरित ऊर्जा से संचालित इस परियोजना ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया है तथा दाहोद क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी मजबूत प्रोत्साहन प्रदान किया है।

वर्ष के दौरानपश्चिम रेलवे ने 234 किलोमीटर नई लाइनेंदोहरीकरण तथा गेज परिवर्तन कार्य पूर्ण किएजिससे नेटवर्क क्षमतापरिचालन लचीलापन और मजबूती में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। एक प्रमुख तकनीकी उपलब्धि के रूप मेंमिशन रफ्तार के अंतर्गत रतलाम मंडल के खाचरौदनागदा दोहरी लाइन खंड पर भारत की पहली 2×25 केवी ट्रैक्शन प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गयाजिससे उच्च गति संचालनबेहतर ऊर्जा दक्षता तथा भविष्य के लिए तैयार ट्रैक्शन अवसंरचना सुनिश्चित हुई।

अवसंरचना विस्तार एवं संरक्षा कार्य – संपर्कलॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास में परिवर्तनकारी भूमिका

वर्ष 2025 के दौरानपश्चिम रेलवे ने बड़े पैमाने पर अवसंरचना सुदृढ़ीकरण कार्य जारी रखते हुए संरक्षा और क्षमता वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। इस अवधि में कुल 138 रोड ओवर ब्रिज एवं अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया, 114 मानवयुक्त समपार फाटकों का उन्मूलन किया गया तथा 660 किलोमीटर डब्ल्यू-बीम फेंसिंग स्थापित की गईजिससे यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

वर्ष 2025 के दौरानपश्चिम रेलवे ने डबलिंगगेज परिवर्तन एवं विद्युतीकरण से जुड़े अनेक उच्च प्रभाव वाले परियोजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन कियाजिससे गुजरात में यात्री आवागमनमाल ढुलाई क्षमता तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को उल्लेखनीय मजबूती मिली। प्रमुख परियोजनाओं में आनंदगोधरा रेल खंड का दोहरीकरण (79 किमी, ₹693 करोड़) शामिल हैजो आनंदखेड़ा एवं पंचमहल जिलों को कवर करता है। इसी प्रकारमहेसाणापालनपुर रेल खंड का दोहरीकरण (65.10 किमी, ₹537 करोड़)जो बनासकांठापाटन एवं महेसाणा जिलों को कवर करता हैदिल्लीअहमदाबाद राजधानी मार्ग पर शेष अंतिम सिंगल लाइन अंतर को समाप्त करने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रहा। राजकोटहदमटिया खंड का दोहरीकरण (39 किमी, ₹377 करोड़)जो राजकोटकानालूस दोहरीकरण परियोजना (111 किमी) का हिस्सा हैने राजकोट जिले में रेल अवसंरचना को सुदृढ़ किया। इसके अतिरिक्तकालोलकड़ीकतोसन रोड रेल खंड का गेज परिवर्तन सहित विद्युतीकरण (37 किमी, ₹347 करोड़)जो गांधीनगर एवं महेसाणा जिलों को कवर करता हैएक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। 

बेचराजीरणुज रेल खंड का गेज परिवर्तन (40 किमी, ₹520 करोड़)जो महेसाणापाटन एवं अहमदाबाद के आकांक्षी जिलों को कवर करता हैराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति तथा पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप किया गया। साथ हीसाबरमतीबोटाद रेल खंड का विद्युतीकरण (106 किमी, ₹333 करोड़) पूरा होने के साथ ही गुजरात में रेल नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण सुनिश्चित हुआ।

समग्र रूप सेइन परियोजनाओं ने रेल नेटवर्क में मौजूद बाधाओं को दूर किया हैभीड़भाड़ तथा ट्रेनों की अनावश्यक रोक को कम किया है और प्रमुख रेल गलियारों पर यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाई है। इससे परिचालन में अधिक लचीलापन आया है तथा अतिरिक्त यात्री एवं मालगाड़ियों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस अवसंरचना सुदृढ़ीकरण से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिली हैपरिवहन लागत में कमी आई हैआपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार हुआ है और ऑटोमोबाइलऔद्योगिककृषि एवं विनिर्माण क्षेत्रों को महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है। साथ हीपर्यावरण-अनुकूल रेल परिचालन को बढ़ावा मिला है तथा क्षेत्रीय विकासरोजगार सृजन और अहमदाबादराजकोटजामनगरद्वारका एवं भावनगर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों तक बेहतर संपर्क सुनिश्चित हुआ है।

परिचालन उत्कृष्टता एवं समयपालन में नेतृत्व

वर्ष 2025 के दौरान पश्चिम रेलवे ने समयपालन के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन दर्ज किया और भारतीय रेल की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली ज़ोनल रेलों में अपना स्थान बनाए रखा। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालनता पूरे सिस्टम में उच्चतम स्तर पर रहीजिसमें नवंबर 2025 में लगभग 97% समयपालनता तथा नवंबर तक की संचयी अवधि में लगभग 96% समयपालनता दर्ज की गईजो सभी ज़ोनल रेलों में सर्वश्रेष्ठ रही।

यह उल्लेखनीय उपलब्धि भारी मानसूनी परिस्थितियोंअत्यंत सघन उपनगरीय रेल परिचालनबड़े पैमाने पर त्योहार विशेष ट्रेनों के संचालन तथा निरंतर चल रहे अवसंरचना कार्यों के बावजूद हासिल की गई। यह प्रदर्शन पश्चिम रेलवे की सुदृढ़ परिचालन योजनावास्तविक समय में प्रभावी निगरानी तथा अनुशासित नियंत्रण तंत्र की सशक्तता को दर्शाता है।

मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क – भारत की जीवनरेखा

पश्चिम रेलवे का मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क एक बार फिर अपनी सुदृढ़ता एवं विश्वसनीयता का प्रमाण देता हुआ मुंबई की जीवनरेखा के रूप में सेवा करता रहाजो प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। मानसून के दौरान तीव्र वर्षा की घटनाओं के बावजूदसघन पूर्व-मानसूनी योजनापरिसंपत्तियों की बेहतर तैयारी तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के चलते उपनगरीय सेवाएं अधिकांशतः निर्बाध रूप से संचालित होती रहीं।

प्रमुख यात्री सेवा विस्तार एवं बढ़ती मांग का प्रभावी प्रबंधन

वर्ष 2025 के दौरान नई नियमित रेल सेवाओं की शुरुआत तथा बढ़ती और मौसमी यात्रा मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर स्‍पेशल ट्रेनों के परिचालन के माध्यम से यात्री संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाअधिक विकल्प और सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सका।

एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में उधना जंक्शन (गुजरात) और ब्रह्मपुर (ओडिशा) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन किया गया। यह पश्चिम रेलवे एवं गुजरात की पहली अमृत भारत एक्सप्रेस हैजिसने पश्चिमी भारत और पूर्वी तट के बीच किफायती लंबी दूरी की रेल संपर्क व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया है।

इसके अतिरिक्तक्षेत्रीय आवागमन को सुदृढ़ करने के लिए नई मेमू (MEMU) सेवाओं की शुरुआत की गई। वहीं भावनगरअयोध्या के बीच नई रेल सेवा को माननीय रेल मंत्रीइलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गयाजिससे तीर्थयात्रियों एवं यात्रियों के लिए लंबी दूरी की रेल संपर्क सुविधा का और विस्तार हुआ।

यात्रा की बढ़ती मांग का प्रभावी प्रबंधन करने तथा नियमित सेवाओं को पूरक सहयोग देने के लिए पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2025 के दौरान लगभग 7000 फेरे हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों के रूप में परिचालित किए। ये ट्रेनें ग्रीष्मकालीन अवकाशगणपतिदीवालीछठ तथा क्रिसमस/नववर्ष आदि के दौरान विभिन्न चरणों में चलाई गईं। इसके साथ हीअस्थायी एवं स्थायी आधार पर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए। इन विशेष ट्रेन सेवाओं ने पूरे रेल नेटवर्क में यात्रियों की सुगमसुरक्षित एवं सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पश्चिम रेलवे ने उपनगरीय और लंबी दूरी की सेवाओं में असाधारण रूप से अधिक यात्री आवागमन के दौरान गहन और सुविचारित भीड़ प्रबंधन उपाय किए। उत्सवोंविशेष ट्रैफिक अवधि और पीक आवर्स के दौरान अभूतपूर्व यात्री संख्या के बावजूदयात्री आवागमन सुचारूव्यवस्थित और सुरक्षित रहा। यह संभव हुआ सक्रिय योजनाअतिरिक्त कर्मियों की तैनातीवास्तविक समय निगरानीयात्री प्रवाह का नियमनबेहतर घोषणाओं की व्यवस्था और विभिन्न रेलवे विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से। इन व्यापक व्यवस्थाओं ने भीड़ के सुरक्षित विघटनजाम की रोकथाम और ट्रेन परिचालन में अविरलता सुनिश्चित कीजिससे पश्चिम रेलवे की उच्च घनत्व वाले यात्री ट्रैफिक को कुशलता और सटीकता के साथ संभालने की क्षमता और मजबूत हुई।

डिजिटल परिवर्तन और स्मार्ट गवर्नेंस

वर्ष 2025 ने पश्चिम रेलवे के लिए डिजिटल शासन में निर्णायक छलांग का प्रतीक बनाया। इस वर्षजोन ने SUGAMRAIL लॉन्च कियाजो वास्तविक समय में लिफ्टएस्केलेटर और अर्थिंग पिट की निगरानी के लिए पहला सॉफ्टवेयर-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है। लिफ्ट और एस्केलेटर के प्रदर्शन का डिजिटल ट्रैकिंग होने से टूट-फूट की स्थिति में तेजी से कार्रवाई संभव हुई।

यात्री अनुभव को डिजिटल नवाचार के माध्यम से और बेहतर बनाने के लिएपश्चिम रेलवे ने मुंबई सेंट्रल पर डिजिटल लाउंज और को-वर्किंग स्पेस स्थापित कियाजिससे यात्रियों को आधुनिकआरामदायक और उत्पादक यात्रा वातावरण उपलब्ध हो सकेजो बदलती यात्रियों की अपेक्षाओं के अनुरूप है।

इसके अलावापश्चिम रेलवे ने 2,270 हैंड-हेल्ड टर्मिनल (HHTs) की तैनाती के साथ 100% डिजिटल टिकट जांच हासिल की। पश्चिम रेलवे ने रेल मदद शिकायत निवारण में लगातार पांचवें वर्ष के लिए अपनी स्थिति नंबर वन बनाए रखी।

फ्रेट सेक्टर

पश्चिम रेलवे ने फ्रेट सेक्टर में कई प्रमुख उपलब्धियाँ हासिल कींजिनमें पहला समर्पित रेफ्रिजरेटेड (रीफर) कंटेनर रेक MHPL–साणंद से पीपावाव पोर्ट तक और पहली बार दो डिम्ड VP रेक का लिंक  से सांकरेल गुड्स टर्मिनल तक लोडिंग शामिल हैजो लॉजिस्टिक सेवाओं में विविधीकरण को दर्शाता है।

हमारी सुरक्षा उपायों को मजबूत करना

पश्चिम रेलवे आरपीएफ कर्मियों की सतर्कतात्वरित प्रतिक्रिया और साहसिक प्रयासों के चलते ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत 37 बहुमूल्य जीवन बचाए गए।

बाल सुरक्षा के प्रति सहानुभूति और प्रतिबद्धता दिखाते हुएऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत 769 भगोड़े/लापता बच्चों को बचाकर उनके परिवारों के साथ सुरक्षित रूप से मिलवाया गया।

ऑपरेशन अमानत के तहतपश्चिम रेलवे आरपीएफ ने यात्रियों की छोड़ी हुई संपत्तियों को उचित सत्यापन के बाद 5000 से अधिक यात्रियों को लौटायाजिनकी कुल कीमत ₹11.66 करोड़ से अधिक थी।

स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता और कर्मचारी कल्याण

पश्चिम रेलवे ने वर्ष के दौरान स्वास्थ्य सेवा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। डिवीज़नल रेलवे अस्पतालराजकोट भारतीय रेल का पहला अस्पताल बन गयाजिसे मेडिकल एंट्री-लेवल टेस्टिंग (MELT) के लिए NABL मान्यता प्राप्त हुईइसके बाद राजकोटबादश्वर पार्कसाबरमती और वलसाड के पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं को भी NABL मान्यता दी गई।

एक ऐतिहासिक चिकित्सा उपलब्धि के रूप मेंभारतीय रेलवे का पहला अवे क्रैनियोटोमी (Awake Craniotomy) सफलतापूर्वक जगजीवन राम अस्पतालमुंबई सेंट्रल में किया गया। साथ हीएक अत्याधुनिक CT और MRI स्कैन सेंटर 3-टेस्ला MRI के साथ स्थापित किया गयाजिससे चिकित्सा सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार हुआ।

सततता और हरित पहल

पर्यावरणीय सततता पश्चिम रेलवे की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बनी हुई है। 100% विद्युतीकरणओपन-एक्सेस ग्रीन पावर का अपनानासौर ऊर्जा पहल और वॉटर रीसाइक्लिंग प्‍लांट के माध्यम से पश्चिम रेलवे ने अपने कार्बन फूटप्रिंट को महत्वपूर्ण रूप से कम किया। राजकोट स्टेशन को अपने पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के लिए ISO 14001:2015 प्रमाणन से सम्मानित किया गयाजो सतत स्टेशन प्रबंधन के प्रति पश्चिम रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पश्चिम रेलवे ने 98 “ईट राइट” प्रमाणन हासिल किएजो भारतीय रेल में सबसे अधिक हैंऔर यह स्टेशनोंअस्पतालोंस्टाफ कैंटीन और रनिंग रूम को कवर करते हैं।

विरासतसमावेशिता और जनसंपर्क

वर्ष 2025 मेंपश्चिम रेलवे ने विरासत संरक्षणसमावेशिता और जनसंपर्क पर अपने फोकस को मजबूत किया और कई महत्वपूर्ण पहलों के माध्यम से इसे प्रदर्शित किया। बांद्रा स्टेशन महोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया गयाजिसमें प्रतिष्ठित बांद्रा उपनगरीय रेलवे स्टेशन की समृद्ध विरासतस्थापत्य धरोहर और जनसंपर्क को उजागर किया गया। यह स्टेशन एक ग्रेड-विरासत संरचना है और मुंबई के प्रमुख रेलवे स्थलों में से एक है।

1888 में बने इस विरासत स्टेशन को सांस्कृतिक कार्यक्रमोंविरासत प्रदर्शनीरचनात्मक प्रतियोगिताओं और समुदाय-केंद्रित गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गयाजिससे पश्चिम रेलवे की रेलवे विरासत को संरक्षित करने और यात्रियों व समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को बल मिला।

वर्ष के दौरानरतलाम स्टेशन भवन ने अपना शताब्दी वर्ष मनाया, 100 वर्षों की सेवा पूरी कीजिसे विरासत-केंद्रित और जनसंपर्क पहलों के माध्यम से मनाया गयाजिसमें भारतीय रेलवे के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित किया गया।

पश्चिम रेलवे ने महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशिता को भी बढ़ावा दियाजिसमें पहली संपूर्ण महिला TRD मेंटेनेंस टीम की तैनाती और आरपीएफ पहलों जैसे मेरी सहेली शामिल हैं। रेल की धड़कन” जैसे जनसंपर्क कार्यक्रम और पश्चिम रेलवे द्वारा भारतीय रेल का पहला पॉडकास्ट चैनल लॉन्च करना यात्रियों के साथ जुड़ाव और सार्वजनिक सहभागिता को मजबूत करने में सहायक रहे।

पश्चिम रेलवे ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ के तहत कुल सात शील्ड जीतकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

खेलों को बढ़ावा

पश्चिम रेलवे के एथलीटों ने वर्ष 2025 में अपनी उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के माध्यम से देश और संगठन का गौरव बढ़ाया। सुश्री अंतिम पंघल ने मंगोलिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला कुश्ती टूर्नामेंट 2025 और बुडापेस्ट टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीते। इसके अतिरिक्तभारत ने ढाकाबांग्लादेश में आयोजित द्वितीय महिला कबड्डी विश्व कप का खिताब अपने नाम कियाजिसमें पश्चिम रेलवे की सुश्री सोनाली शिंगटे ने टीम की राइट रेडर के रूप में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

100% विद्युतीकरणसमयपालनता में नेतृत्वरिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माणमजबूत वित्तीय प्रदर्शनडिजिटल परिवर्तन और लोगों को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण के साथ, 2025 पश्चिम रेलवे की यात्रा में एक मील का पत्थर साबित हुआ। इस वर्ष की उपलब्धियाँ पश्चिम रेलवे की रेलवे संचालन में राष्ट्रीय मानक के रूप में स्थिति को पुनः पुष्टि करती हैं और भविष्य में विकास और नवाचार के लिए एक मजबूतलचीला आधार तैयार करती हैं।

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