Homeधर्म-दर्शनइस साल दिसंबर तक कुल 81 शुभ विवाह मुहुर्त

इस साल दिसंबर तक कुल 81 शुभ विवाह मुहुर्त

फरवरी 2026 से शुक्र के उदय होने के साथ ही शादियों का शुभ मुहूर्त (Vivah Shubh Muhurat 2026) शुरू हो गया है, जो 12 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 में कुल 81 विवाह के शुभ दिन हैं, जिसमें 5 फरवरी से विशेष मांगलिक अनुष्ठान की शुरुआत हो रही है।

शुभ मुहूर्त: फरवरी से जुलाई 2026 के बीच लगभग 63 दिनों के लिए विवाह योग्य हैं, इसके बाद नवंबर-दिसंबर में 18 दिन मिलेंगे।

12 दिसंबर 2025 की रात 2.10 बजे शुक्र तारा अस्त हुआ था, इसी कारण जनवरी में पूरे महीने तक विवाह पूरी तरह वर्जित रहे।

वैदिक ज्योतिष में, शुभ तिथि का चयन नक्षत्रों (चंद्र नक्षत्रों) से प्रभावित होता है जो जोड़े को आजीवन आनंद प्रदान करते हैं। रोहिणी, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त और स्वाति विवाह के लिए बहुत शुभ हैं। 2025 में, विवाह के लिए सबसे शुभ दिन इन नक्षत्रों के अंतर्गत आते हैं, जो एक समृद्ध और भाग्यशाली विवाह के लिए आदर्श समय प्रदान करने के लिए सटीक तिथियों (चंद्र दिनों) और ग्रहों की स्थिति के साथ मेल खाते हैं।

24 फरवरी से 3 मार्च तक होलाष्टक है। इसमें विवाह वर्जित है। 14 मार्च से 13 अप्रैल तक खरमास रहेगा। इस अवधि में सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य के मीन राशि में रहने पर गुरु का प्रभाव क्षीण होता है इसलिए मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। 13 अप्रैल के बाद सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे जिसके बाद विवाह व मंगल कार्य शुरू होंगेे। पुरुषोतम मास या अधिकमास 17 से 15 जून तक होगा, इसमें भी विवाह वर्जित होते हैं।

गुरु को जीवन में स्थिरता और विवेक का कारक माना गया है, जबकि शुक्र प्रेम, दांपत्य और भौतिक सुखों का प्रतिनिधि ग्रह है। इन दोनों का उदय अवस्था में होना विवाह के लिए अनिवार्य होता है। विवाह तिथि का चयन केवल दिन देखकर नहीं, बल्कि वार, नक्षत्र, योग, लग्न और वर-वधू की कुंडली के आधार पर किया जाता है।

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