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नाथद्वारा में दो दिवसीय पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह शुरू

नाथद्वारा / कोटा । नाथद्वारा में साहित्य मंडल की ओर से दो दिवसीय पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह रविवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्षता आगरा के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि श्री शिव सागर शर्मा ने ब्रजभाषा को सर्वश्रेष्ठ भाषा बताते हुए कहा कि यह वही भाषा है जिसने भगवान कृष्ण को भी बोलना सिखाया है। इस भाषा में सर्वाधिक रचना लेखन हुआ है। ब्रजभाषा के लिए आज साहित्य मंडल का यह पावन और पुनीत कार्य प्रशंसनीय है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री चेतन स्वामी बीकानेर ने कहा साहित्य मंडल वह उपवन है जहां पूरे भारतवर्ष के पुष्पों की प्रदर्शनी इन कार्यक्रमों के द्वारा की जाती है। यहां साहित्य के सम्मान के साथ-साथ साहित्यकारों का सम्मान भी होता है। श्रीनाथजी की इस नगरी में सरस्वती के मंदिर में सम्मान पाना हर एक साहित्यकार का स्वप्न है।

विशिष्ट स्थिति एवं हिन्दी साहित्य सेवी श्री एम श्रीधर सेलम तमिलनाडु ने कहा कि साहित्य मंडल द्वारा हिंदी भाषी साहित्यकारों का सम्मान भारतीय एकता और अखंडता का परिचायक है। यह राष्ट्रीय एकता के लिए किए गए उन प्रयासों में से है जो कभी देश के करण धारों ने भारत की एकता के लिए किया था।

विशिष्ट अतिथि श्री देवी प्रसाद जी गौड ने कहा कि आज हिंदी और ब्रज भाषा का यह सम्मान समारोह अपनी विशेषता, उपलब्धियां और सम्मान समारोह के साथ-साथ ब्रजभाषा की परंपरागत विधाओं के लिए पूरे देश भर में विख्यात है। श्याम प्रकाश जी देवपुरा द्वारा किया गया ब्रजभाषा के लिए यह कार्य उल्लेखनीय है।

ब्रजभाषा उपनिषद के अंतर्गत डॉ. बृजभूषण चतुर्वेदी द्वारा सूरदास के काव्य में दर्शन गोपाल कृष्ण दुबे द्वारा कुंभनदास के काव्य मं दर्शन हरिओम हरि — गोविंददास के काव्य में दर्शन श्रीमती संतोष रिचा राया द्वारा नंददास के काव्य में दर्शन विषय पर विद्वतापूर्ण आलेख प्रस्तुत कियै गए।

समारोह में अनेक साहित्यकारों की कृतियों का विमोचन किया गया। अंजीव अंजुम कृत डॉ रामकुमार घोटड़ की सर्वश्रेष्ठ कहानियां, सतरंगी गीत डॉ रविंद्र शर्मा रवि, काव्य मंजरी, गीत प्रेम, अमृत ब्रज रास आदि कृतियों का विमोचन मंच द्वारा किया गया। इस अवसर पर बीकानेर राजस्थान के वरिष्ठ साहित्यकार श्री चेतन स्वामी को ब्रजकांत साहित्य सम्मान एवं श्री एम श्रीधर सेलम तमिलनाडु को श्रीमती कमला देवी अग्निहोत्री स्मृति सम्मान एवं इक्यावन सौ रुपए की राशि सहित साहित्य मर्मज्ञ की मानद उपाधि से अभिवंदित किया गया।

ब्रजभाषा एवं हिंदी साहित्य के लिए समर्पित श्री रमेश पंडित आगरा को पंडित विश्वंभर दयाल दौनेरिया स्मृति सम्मान, श्री रवि पुरोहित बीकानेर राजस्थान को डॉ के आर कल्याण रमन स्मृति सम्मान, श्री विश्वनाथ तंवर सरदारशहर को श्रीमती शारदा देवी स्मृति सम्मान , डॉ बसंत सिंह सोलंकी उदयपुर राजस्थान को पंडित सेवाराम शर्मा स्मृति सम्मान, डॉ सुरेश वशिष्ठ गुरुग्राम हरियाणा को राव महेंद्र मानसिंह स्मृति सम्मान, डॉ मंजरी पांडे वाराणसी को राजमाता मीरा मानसिंह स्मृति सम्मान, डॉ विजयलक्ष्मी अल्मोड़ा को श्रीमती राजरानी शर्मा स्मृति सम्मान एवं डॉ रामकुमार घोटड़ सादुलपुर राजस्थान को श्री भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति सम्मान सहित हिंदी साहित्य विभूषण की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। डॉ गुलाबचंद और पटेल गांधीनगर गुजरात को श्री नरेंद्र गिलड़ा स्मृति सम्मान, पंडित रामेश्वर दयाल महेरे शूकर क्षेत्र सौरों जी उत्तर प्रदेश को श्री गया प्रसाद शर्मा स्मृति सम्मान एवं समाज सेवा मर्मज्ञ की मानद उपाधि सहित 2100 रुपए की राशि से सम्मानित किया गया।

हिंदी साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे श्री राजेंद्र प्रसाद शांतेय झालावाड़, श्री आनंद शर्मा दिल्ली, डॉ महामाया प्रसाद चौबीसा उदयपुर, श्री माता प्रसाद शुक्ल ग्वालियर, डॉ गिरी गिरिवर कोटा, श्रीमती अक्षय लता शर्मा जयपुर को हिंदी साहित्य मनीषी, कुंवर शिवदान सिंह राणावत उदयपुर, श्रीमती रितु चतुर्वेदी भीलवाड़ा, डॉ छगन राज राव दीप जोधपुर, डॉ दीपा परिहार दीप्ति जोधपुर को हिंदी काव्य मनीषी श्री राजेंद्र केशोरैया मथुरा, श्री कृष्ण कुमार सैनी दौसा, श्रीमती देवकी केसौरैया मथुरा, डॉ देवराज शर्मा देव पाली, श्री नंदकिशोर काबरा उदयपुर , सुश्री उमा शर्मा मथुरा को समाज सेवा कला सेवा रत्न की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। इस अवसर पर कहीं शर्मा वेतन काली मुस्की है सब कुछ आ रही एवं बनमली समस्या पूर्ति कार्यक्रम भी संपन्न हुआ कार्यक्रम की शुरुआत रेनू गोर एवं साथी कलाकार उदयपुर के द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से हुई।

कार्यक्रम कौ शुभारंभ दौसा के कवि अंजीव रावत द्वारा गणेश वंदना,सुश्री माद्री सिंह द्वारा सरस्वती वंदना,भरतपुर के कवि हरिओम हरि द्वारा ब्रज वंदना और वृंदावन के कवि सत्यप्रकाश शर्मा द्वारा ब्रज वंदना से किया गया। उदयपुर की रेणु गोर और साथी कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। संचालन संस्था के प्रधानमंत्री श्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने किया। सम्मानित साहित्यकारों का गद्य आत्मक एवं पदयात्मक परिचय कवि एवं साहित्यकार श्री हरि ओम हरि, श्री नरेंद्र निर्मल एवं डॉ. अंजीव अंजुम द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री सुरेंद्र सार्थक, डीग, श्रीमती संतोष रिचा, राया, श्री प्रदुम्न देवपुरा, श्री अनिरुद्ध देवपुरा, श्रीनाथद्वारा,श्री सत्येंद्र यादव कोटा, श्री कृष्ण शरद कासगंज, श्री सुरेश कुमार शर्मा भरतपुर आदि साहित्यकार उपस्थित रहे।

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