लेखक अंशुल पांडे की पुस्तक शिवायण का उद्घाटन स्वामी अंजनिनंदन दास द्वारा गोरखपुर के रुस्तमपुर स्थित गोरखपुर महादेव मंदिर में किया गया। इस अवसर पर मंदिर के दोनों महंत भी उपस्थित रहे।
पुस्तक शिवायण के प्रकाशक सुरुचि प्रकाशन ने जानकारी दी कि अमेज़न पर पुस्तक का लिंक सार्वजनिक होते ही भारी मांग के कारण उद्घाटन से पहले ही इसकी सभी प्रतियां बिक गईं।
सुरुचि प्रकाशन ने यह भी बताया कि देशभर से लगातार मांग आने के कारण पुस्तक का शीघ्र ही पुनर्मुद्रण (री-प्रिंट) किया जाएगा।
शिवायण में भगवान महादेव से जुड़े कई रोचक और गूढ़ विषयों पर चर्चा की गई है, जैसे महादेव के श्मशान में निवास करने का कारण, उनके द्वारा सर्प धारण करने का महत्व, तथा प्रकृति और पर्यावरण के प्रति उनका गहरा संबंध। पुस्तक में यह भी बताया गया है कि महादेव की भक्ति किस प्रकार व्यक्ति की ज्योतिषीय समस्याओं को दूर करने में सहायक हो सकती है। इसके साथ ही काशी का सत्य और महादेव द्वारा धारण की जाने वाली मुंडमाला का महत्व भी समझाया गया है।
इसके अतिरिक्त शिवायण में तंत्रों में शिव का स्वरूप, महाभारत में शिव की उपस्थिति, महादेव भक्तों के लिए श्रावण मास का महत्व, तथा शिवरात्रि और महाशिवरात्रि के बीच का अंतर जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों का भी विस्तार से वर्णन किया गया है।
शिवायण की प्रस्तावना (Foreword) सेवानिवृत्त सिविल सेवक एवं लेखक आर.वी.एस. मणि द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक के लिए वैज्ञानिक एवं लेखक आनंद रंगनाथन, लेखक एवं टीवी पैनलिस्ट युवराज पोखरण और स्तंभकार डॉ. महेंद्र सिंह ठाकुर ने अपनी शुभकामनाएँ भी दी हैं।

