Homeप्रेस विज्ञप्तिगुजरात के सभी डाकघरों में एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी 2.0 लागू

गुजरात के सभी डाकघरों में एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी 2.0 लागू

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने अहमदाबाद जीपीओ में किया शुभारंभ

एपीटी 2.0 का उद्देश्य डाक सेवाओं का आधुनिकीकरण, दक्षता, पारदर्शिता व अंतिम छोर तक बेहतर सेवा प्रदान करना – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाकघरों में एपीटी 2.0 लागू होने के साथ अब क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई-आधारित डिजिटल भुगतान की सुविधा – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

देश भर के डाकघर और अधिक स्मार्ट एवं डिजिटल बनने की ओर अग्रसर हैं। डाक विभाग ने आईटी 2.0 मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी एपीटी 2.0 को 22 जुलाई, 2025 को गुजरात परिमंडल के सभी 8,884 डाकघरों में लागू कर दिया। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने अहमदाबाद जीपीओ और नवरंगपुरा प्रधान डाकघर में एपीटी 2.0 का शुभारंभ किया।

इसी के साथ डाकघर में अब लोग क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई-आधारित डिजिटल भुगतान कर सकते हैं, जिससे स्पीड पोस्ट, पंजीकृत डाक, पार्सल, अंतरराष्ट्रीय मेल और इलेक्ट्रॉनिक मनीऑर्डर जैसी कई सेवाओं के लिए नकद भुगतान करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

इस अवसर को यादगार बनाने के लिए पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने प्रवर डाक अधीक्षक श्री चिराग मेहता और जीपीओ सीनियर पोस्टमास्टर श्री अल्पेश आर. शाह के साथ एपीटी 2.0 पर एक विशेष विरूपण भी जारी किया, जिसे जनजागरूकता के लिए सभी डाक मदों पर मुहर रूप में अंकित किया गया।

शुभारंभ पश्चात् पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि एपीटी 2.0 का उद्देश्य डाक सेवाओं का आधुनिकीकरण, दक्षता, पारदर्शिता और अंतिम छोर तक बेहतर सेवा प्रदान करना है। उत्तर गुजरात क्षेत्र में सभी 2,258 डाकघरों में इसे लागू कर दिया गया है, जिनमें 09 प्रधान डाकघर, 344 उप डाकघर और 1,905 शाखा डाकघर शामिल हैं।

श्री यादव ने बताया कि, सूचना और प्रौद्योगिकी के इस दौर में एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (एपीटी) 2.0, भारतीय डाक विभाग द्वारा अगली पीढ़ी के डिजिटल बुनियादी ढाँचा उन्नयन, बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, त्वरित सेवा वितरण और अधिक यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो स्मार्ट, कुशल और भविष्य के लिए तैयार संचालन प्रदान करने की हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह ‘डिजिटल इंडिया‘ और ‘कैशलेस इंडिया‘ की दिशा में एक ‘कस्टमर फ्रेंडली’ कदम है, जिसके माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित डाकघरों को भी हाई-टेक बनाया जा रहा है। यह डिजिटल उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ़ तकनीकी उन्नयन से कहीं बढ़कर है – यह नवाचार, ग्राहक संतुष्टि और परिचालन दक्षता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बेहतर प्रणालियों, सहज ग्राहक इंटरफ़ेस और तेज़ प्रोसेसिंग के साथ, आईटी 2.0 उपभोक्ताओं की सेवा करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित करेगा और सेवाओं को पहले से कहीं अधिक विश्वसनीय, सुलभ और कस्टमर फ्रेंडली बनाएगा।

नई प्रणाली के कार्यान्वयन के साथ, भारतीय डाक को डिजिटल परिवर्तन और ग्राहक संतुष्टि के मामले में अन्य सरकारी सेवाओं के लिए एक मानक स्थापित करने की उम्मीद है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर लोगों से संवाद करते हुए बताया कि ए.पी.टी 2.0 से पहले, सभी प्रकार की डाक सेवाएं सैप और दर्पण 2.0 सॉफ्टवेयर के माध्यम से दी जा रही थीं। सैप एक प्राइवेट कंपनी द्वारा, जबकि दर्पण 2.0 डाक विभाग द्वारा विकसित एक एप्लीकेशन है।

आईटी मॉडर्नाइजेशन-2.0 के तहत डाक विभाग के सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन पोस्टल टेक्नालॉजी, मैसूर द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन पोर्टल ए.पी.टी 2.0 विभिन्न सॉफ्टवेयर में हो रहे कार्यों को मिलाकर एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जिससे डाककर्मियों को काम करने में काफी आसानी होगी और ग्राहकों को भी त्वरित सेवा मिलेगी।

अब ग्राहक क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।

एपीटी 2.0 के तहत उपभोक्ताओं को प्रदान की गई अन्य नई सुविधाएं:

  • बुकिंग से डिलीवरी तक रियल टाइम एसएमएस अपडेट के साथ एंड-टू-एंड कंसाइनमेंट ट्रैकिंग

  • जीपीएस सुविधायुक्त पोस्टमैन और ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम

  • फोटो प्रूफ के साथ रियल टाइम में डिलीवरी जानकारी

  • बल्क बुकिंग हेतु सेल्फ-बुकिंग, पिक-अप व ड्रॉप सुविधा

  • एकीकृत यूपीआई भुगतान

  • भविष्य में डिजिपिन (नई पिन कोड प्रणाली) भी इसमें शामिल की जाएगी।

गौरतलब है कि गुजरात में पहले फेज में 8 जुलाई, 2025 को डाक विभाग के सभी प्रशासनिक कार्यालयों के साथ मेहसाणा, राजकोट व नवसारी डाक मंडल में एपीटी 2.0 का शुभारंभ किया गया था। अब 22 जुलाई को गुजरात परिमंडल के सभी डाकघरों में इसे लागू कर दिया गया।

आईटी 2.0 को लागू करने से पहले, गुजरात के 26,000 से अधिक कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। अगस्त 2025 तक, देश भर के सभी डाकघर इसके तहत काम करना शुरू कर देंगे।

इस अवसर पर अहमदाबाद सिटी मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री चिराग मेहता, जीपीओ सीनियर पोस्टमास्टर श्री अल्पेश आर. शाह, नवरंगपुरा प्रधान डाकघर सीनियर पोस्टमास्टर श्री पी जे सोलंकी, डाक उपाधीक्षक श्री एस के वर्मा, आइपीपीबी अहमदाबाद क्षेत्र प्रमुख श्री अभिजीत जिभकाटे, वरिष्ठ प्रबंधक श्री स्नेहल मेश्राम, आइपीपीबी जीपीओ शाखा प्रबंधक सुश्री मोना गोस्वामी, सहायक निदेशक श्री एम एम शेख, रितुल गाँधी, श्री वारिस वहोरा, सहायक अधीक्षक श्री आर टी परमार, श्री हार्दिक राठोड़, श्री अलकेश परमार, श्री एच जे परिख, श्री विशाल चौहान, श्री जीनेश पटेल, श्री रमेश पटेल, श्री रोनक शाह, श्री भाविन प्रजापति, डाक निरीक्षक सुश्री पायल पटेल, श्री यथार्थ दूबे, श्री विपुल चडोतरा, श्री योगेंद्र राठोड़ सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

spot_img
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -

वार त्यौहार