बालभारती की वेबसाइट पर जल्द ही इसकी बोलती हुई पुस्तकें ऑनलाइन की जाएंगी। इनमें गद्य और पद्य पठन के तरीके का ऑडियो उपलब्ध होगा। यानी यह पुस्तकें बच्चों को खुद बताएंगी कि उन्हें कैसे पढ़ना है। पुस्तकों को पूर्ण रूप से ऑनलाइन करने के साथ ही टॉकिंग बुक्स उपलब्ध कराने की बालभारती की योजना है। शैक्षणिक सत्र 2015-16 में पांचवी कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव भी किया गया है। इसके साथ ही बालभारती की वेबसाइट का नाम भी बदल दिया गया है। अब इसका नाम www.balbharati.in से बदलकर ebharti कर दिया गया है।
बालभारती की इस योजना का फायदा स्कूली विद्यार्थियों के साथ ही बड़े लोगों को भी मिलेगा। बड़े लोग भी किताबों के माध्यम से बचपन की यादें ताजा कर सकेंगे। बालभारती के निदेशक चंद्रमणि बोरकर ने बताया कि बालभारती की योजना ऑनलाइन टॉकिंग बुक्स उपलब्ध कराने की है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि बड़े होने के साथ ही पुरानी कविताओं व गद्यों के पठन का तरीका हम भूल जाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और वे टॉकिंग बुक्स की सहायता से उन्हें पढ़ने का फिर अभ्यास कर सकेंगे।
साभार- समाचार4मीडिया से
बाल भारती की वेबसाईट कविता-कहानियाँ भी सुनाएगी
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