अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री माननीय श्री भूपेन्द्रभाई पटेल ने “कवांट गेर मेला” की सांस्कृतिक महत्ता को सम्मानित करते हुए इस पर आधारित कस्टमाइज़्ड डाक टिकट एवं विशेष आवरण 05 मार्च, 2026 को मुख्यमंत्री आवास पर जारी किया। उत्तर गुजरात सह दक्षिण गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस डाक टिकट एवं विशेष आवरण की प्रथम प्रति मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल जी को भेंट की। यह पहल राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर छोटाउदेपुर, लोकसभा सांसद श्री जशुभाई राठवा, विधायक श्री अभेसिंह तडवी, सुश्री गार्गी जैन, कलेक्टर, प्रवर डाकघर अधीक्षक श्री आर बी ठाकोर सहित राठवा आदिवासी समुदाय के तमाम प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल ने भारतीय डाक विभाग द्वारा ‘कवांट गेर मेला’, छोटाउदेपुर, गुजरात पर आधारित डाक टिकट और विशेष आवरण जारी किये जाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि, यह राज्य की जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को संरक्षण देने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। ‘कवांट गेर मेला’ मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है, जो प्रकृति के साथ सामंजस्य, सामाजिक समरसता और पीढ़ियों से चले आ रहे रीति-रिवाजों की अक्षुण्ण परंपरा का प्रतीक है। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भारतीय जनजातीय जन-जीवन की उदात्त अभिव्यक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, डाक टिकटों के माध्यम से न केवल संस्कृति का संवर्धन होता है, बल्कि यह युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता भी पैदा करता है। इसके जरिए आदिवासी कला, संगीत और नृत्य की परंपराएँ स्थायित्व पाती हैं और आने वाली पीढ़ियाँ इस समृद्ध विरासत से जुड़ी रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रयास राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने, समाज में सामाजिक समरसता और एकता बढ़ाने, और आदिवासी जीवन शैली एवं कलाओं की प्राचीन परंपराओं को संरक्षित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्तर गुजरात सह दक्षिण गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक टिकटों के माध्यम से देश की संस्कृति, कला, विरासत, इतिहास, महान विभूतियों और प्रमुख घटनाओं, ज्ञान-विज्ञान व उपलब्धियों को दर्शाया जाता है, जो संचार के साथ-साथ राष्ट्रीय गौरव और विरासत को बढ़ावा देते हैं। पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि, ‘कवांट गेर मेला’ पर डाक विभाग के सौजन्य से माननीय मुख्यमंत्री द्वारा जारी डाक टिकट और विशेष आवरण इस जनजातीय पर्व की समृद्ध सांस्कृतिक महत्ता को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा और गुजरात की समृद्ध आदिवासी विरासत को भी समृद्ध करेगा।
छोटा उदेपुर के सांसद श्री जशुभाई राठवा ने कहा कि ‘कवांट गेर मेला’ गुजरात के छोटाउदेपुर जिले के कवांट में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव है। इस मेले में जनजातीय महिलाएं व पुरुष बड़ी संख्या में एकत्र होकर हर्षोल्लास, श्रद्धा भक्ति और आपसी सद्भाव का अविस्मरणीय दृश्य उपस्थित करते हैं। ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा डाक टिकट जारी कर इसे एक नई पहचान दी गई है। उन्होंने डाक विभाग का भी इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
सुश्री गार्गी जैन, कलेक्टर, छोटाउदेपुर ने बताया कि होली पर्व के तुरंत बाद आयोजित किया जाने वाला ‘कवांट गेर मेला’ राठवा आदिवासी समुदाय के रीति-रिवाजों, मान्यताओं, सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतिबिंब है। ढोल-नगाड़ों की लयबद्ध ध्वनि, गेर नृत्य की उर्जावान जनजातीय प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक वाद्ययंत्र, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान और शरीर पर उकेरी गई सुंदर कलाकृतियाँ इस उत्सव की प्रमुख विशेषताएँ हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा की गई पहल पर भारतीय डाक विभाग द्वारा इस पर जारी डाक टिकट और विशेष आवरण इसे और भी प्रतिष्ठित बनाते हैं।

